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कौशाम्बी में बेखौफ हुए बेजुबानों के सौदागर

Sun, 10 Jan 2016 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी Updated Sun, 10 Jan 2016 01:56 AM IST
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मंझनपुर। नगर कोतवाली के सिपाहियों को पशु तस्कारों ने कुचलने का प्रयास किया। नाकाम रहने पर वे ट्रक छोड़कर भाग निकले। ट्रक में पुलिस को 25 जिंदा और 8 मृत मवेशी मिले हैं। माना जा रहा है कि जानवरों की दम फूलने से मौत हुई है। पुलिस ने मृत जानवरों का पोस्टमार्टम कराने के बाद उन्हें दफन करा दिया है। वहीं जिंदा मिले जानवरों को किसानों की सुपुर्दगी में देते हुए पुलिस ने ट्रक मालिक, चालक और दो पशुतस्करों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस पशु तस्करों की तलाश में जुटी है।
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कौशाम्बी में बेजुबानों के सौदागर बेखौफ हो चुके हैं। पशु तस्करों का यही दुस्साहस शुक्रवार की रात भी देखने को मिला। मवेशियों से भरे ट्रक के महेवा-मूरतगंज मार्ग से निकलने की सूचना रात करीब 2 बजे पुलिस को मिली। इस पर मंझनपुर कोतवाली और टेंवा चौकी पुलिस ने ट्रक का पीछा कर लिया। इस दौरान तब बेखौफ पशु तस्करों ने पुलिस टीम को कुचलने की कोशिश की।
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नाकाम रहने पर वे जानवरों से भरा ट्रक टेंवा गांव के समीप छोड़कर भाग निकले। ट्रक में  33 जानवर मिले। इनमें से 8 मवेशियों की दम घुटने से मौत हो चुकी थी। जानवरों से भरा ट्रक पुलिस लेकर मंझनपुर कोतवाली आई। शनिवार की सुबह मृत जानवरों को पोस्टमार्टम कराकर दफन कराया गया। वहीं जिंदा मिले 25 जानवरों को स्थानीय किसानों की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। चौकी प्रभारी टेंवा पंधारी सरोज की तहरीर पर नगर कोतवाली पुलिस ने इस्तियाक उर्फ कालिया, नौशाद निवासी करारी के साथ ही ट्रक मालिक और चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
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कौशाम्बी के पशु तस्कर वध के लिए दूसरे राज्य भेजने के लिए मवेशियों को यमुना पार के जनपद चित्रकूट के राजापुर, पहाड़ी, छीबो, मऊ और आसपास के गांवों से पशुतस्कर जानवरों को खरीदकर ले आते हैं। यहां करारी, पाराहसनपुर, सालेपुर, हिसामपुर, तुर्तीपुर, पचंभा, नया पुरवा, रहीमपुर मोलानी, पुरखास, ननमई, धन्नी, सकाढ़ा, परास, सयारा, भेलखा, नारा आदि गांवों के समीप बागों में इन्हें इकट्ठा करने के बाद रात में ट्रक, कंटेनरों में लादकर उन्हें पश्चिमबंगाल, बिहार आदि राज्यों में वध के लिए भेज दिया जाता है। आए दिन धरपकड़ से इसका खुलासा भी होता है। पुलिस पशु तस्करों को दबोचकर जेल भी भेजती है। इसके बाद भी जिले में पशु तस्करी का यह काला कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है।

कौशाम्बी के रास्ते पशुओं की तस्करी बिहार, पश्चिमबंगाल से लेकर नेपाल तक होती है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मवेशी लदे वाहन फतेहपुर, कौशाम्बी, इलाहाबाद, प्रतापगढ़, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, बाराबंकी, सुल्तानपुर, गोंडा, बहराईच, बलरामपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर होते हुए बिहार, पश्चिमबंगाल और नेपाल तक भेजे जाते हैं। अपर पुलिस अधीक्षक ओपी पांडेय ने बताया कि धरपकड़ में पकड़े जाने के दौरान पशुतस्करों से हुई पूछताछ में यह खुलासा हुआ है।

चित्रकूट जिले से मवेशी लदा ट्रक कौशाम्बी कैसे पहुंच जाते हैं, जबकि रास्ते में कई थाने और पुलिस चौकियां हैं। इतना ही नहीं कौशाम्बी में भी यमुना पुल महेवाघाट पर पुलिस चेक पोस्ट है। वहां तैनात पुलिसकर्मी मवेशियों से भरे ट्रकों को क्यों नहीं पकड़ पाते। ऐसे में महेवाघाट पुलिस समेत रास्ते में पड़ने वाले थाने और पुलिस चौकियां में तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका संदेह के घेरे में है। सूत्रों की मानें तो पुलिस 10 से 15 हजार रुपये प्रति ट्रक तस्करों से वसूलती है।

पशुओं की वध के लिए गैरप्रांत तस्करी सप्ताह में दो दिन शुक्रवार और शनिवार को की जाती है। पशु तस्करी से जुड़े सूत्रों और पुलिसवालों की मानें तो शुक्रवार और शनिवार की रात 12 बजे के बाद पशुओं के लदे ट्रक और कंटेनर जिले के रास्ते से भेजे जाते है।


द्वाबा के रास्ते प्रतिबंधित बेजुबानों को वध के लिए कलकत्ता, बिहार और बंगाल भेजा जाता है। पशु तस्करी को रोकने के लिए तीनों सर्किल के सीओ और थानेदारों को सख्त हिदायत दी गई है। पशुओं की खेप सरहद पार कौन कराता है, इसकी भी जांच कराई जा रही है। पशु तस्करी में संलिप्त पुलिसकर्मियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
ओपी पांडेय, एएसपी कौशाम्बी
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