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ठंड लगने से चार की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Tue, 23 Dec 2014 12:14 AM IST
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मंझनपुर। भीषण गलन, शीतलहर और कोहरे के कारण कौशाम्बी में तीन दिनों से जनजीवन अस्त-व्यस्त बना है। दिन में धूप के दर्शन नहीं हो रहे हैं। चारों ओर कोहरे की धुंध से जहां सड़कों पर लोगों का आवागमन मुश्किल हुआ है। वहीं दिन-रात चल रही बर्फीली हवाओं के कारण दिन का भी पारा गिरकर 11 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। इस कड़ाके की ठंड से जिले में रोजाना मौतें भी हो रही हैं। गुजरे 24 घंटे के दौरान ठंड लगने से मासूम बालिका समेत चार लोगों की मौत हो गई। जिले में ठंड से अब तक 19 लोगों अपनी जान गवां चुके हैं। इसके बाद भी जिले में अलाव नहीं जलवाया गया है। गरीबों में अब तक कंबल नहीं बंट सका है। इधर, भीषण ठंड को देखते हुए जिलाधिकारी ने 11 जनवरी तक आठवीं तक के सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश सोमवार को दे दिया है।
कौशाम्बी में बूंदाबांदी के बाद से अचानक भीषण ठंड का कहर शुरू हो गया है। पहाड़ों में हुई बर्फबारी के कारण तो तीन दिन से पूरा जिला भीषण शीतलहर की चपेट में है। बर्फीली हवाओं के कारण ऐसी गलन है कि लोगों के हाथ-पैर सुन्न होते जा रहे हैं। वहीं तीन दिन से भगवान भास्कर के दर्शन नहीं हो रहे हैं। दिनभर कोहरे की धुंध छाई रहने से जन-जीवन अस्त-व्यस्त बना है। धूप नहीं निकलने से दिन-रात एक जैसी गलन और ठंड बनी हुई है। पारा भी लगातार नीचे गिर रहा है।
कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम विभाग के मुताबिक रविवार की रात का तापमान सात डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि सोमवार को दिन में तापमान दो डिग्री सेल्सियस नीचे गिरकर 11 पहुंच गया। इस भीषण ठंड के कारण जिले में मौतें भी जारी हैं। रविवार रात भी ठंड की चपेट में आने से चायल तहसील के शेरगढ़ निवासी राम प्रकाश (55) महेवाघाट के छोटेलाल (35), मूरतगंज (आलमचंद्र) गांव निवासी धीरेंद्र कुमार की एक साल की बेटी पिंकी और सैनी के निदूरा गांव निवासी राम आसरे (55) पुत्र मैकूलाल की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि इन सभी लोगों की ठंड लगने से ही हुई है। ठंड शुरू होने से अब तक कुल 19 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके बाद भी सार्वजनिक स्थानों पर अलाव और गरीबों को कंबल वितरण कराने में अफसर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
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कौशाम्बी में बूंदाबांदी के बाद से अचानक भीषण ठंड का कहर शुरू हो गया है। पहाड़ों में हुई बर्फबारी के कारण तो तीन दिन से पूरा जिला भीषण शीतलहर की चपेट में है। बर्फीली हवाओं के कारण ऐसी गलन है कि लोगों के हाथ-पैर सुन्न होते जा रहे हैं। वहीं तीन दिन से भगवान भास्कर के दर्शन नहीं हो रहे हैं। दिनभर कोहरे की धुंध छाई रहने से जन-जीवन अस्त-व्यस्त बना है। धूप नहीं निकलने से दिन-रात एक जैसी गलन और ठंड बनी हुई है। पारा भी लगातार नीचे गिर रहा है।
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कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम विभाग के मुताबिक रविवार की रात का तापमान सात डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि सोमवार को दिन में तापमान दो डिग्री सेल्सियस नीचे गिरकर 11 पहुंच गया। इस भीषण ठंड के कारण जिले में मौतें भी जारी हैं। रविवार रात भी ठंड की चपेट में आने से चायल तहसील के शेरगढ़ निवासी राम प्रकाश (55) महेवाघाट के छोटेलाल (35), मूरतगंज (आलमचंद्र) गांव निवासी धीरेंद्र कुमार की एक साल की बेटी पिंकी और सैनी के निदूरा गांव निवासी राम आसरे (55) पुत्र मैकूलाल की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि इन सभी लोगों की ठंड लगने से ही हुई है। ठंड शुरू होने से अब तक कुल 19 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके बाद भी सार्वजनिक स्थानों पर अलाव और गरीबों को कंबल वितरण कराने में अफसर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
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