फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   electric bill

फर्जी बिजली बिल के खेल का भंडाफोड़, एफआईआर

Fri, 10 Feb 2017 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Fri, 10 Feb 2017 12:16 AM IST
विज्ञापन
electric bill
other
बिजली विभाग में लाखों रुपये के घोटाले का भंडाफोड़ हुआ है। हैंड बिलिंग के ठेकेदार जबरन यूनिट बढ़ाकर उपभोक्ताओं को फर्जी बिल बांटते थे। बाद में इसी बिल को कम कराने के लिए वसूली होती थी। शिकायत के बाद जांच की गई तो 138 उपभोक्ता ऐसे मिलें, जिनसे ठेकेदार के कर्मियों ने आठ लाख रुपये से ज्यादा की रकम बिल संशोधित कराने के नाम पर लिए थे। मामले का खुलासा होते ही एक्सईएन ने सदर कोतवाली में वैष्णों कंट्रक्शन के ठेकेदार पिंटू कुमार मिश्र के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया। रिपोर्ट दर्ज होने से महकमे में खलबली मची है।   
विज्ञापन


  नगर पंचायत मंझनपुर, करारी और भरवारी के उपभोक्ता मीटर रीडिंग के हिसाब से बिजली का बिल जमा करते हैं। मीटर रीडिंग के लिए तीनों नगर पंचायतों मे हैंड बिलिंग के लिए वैष्णों कंट्रक्शन फर्म के संचालक पिंटू कुमार मिश्र को ठेका दिया गया था। संचालक ने तीनों नगर पंचायतों में दिहाड़ी पर हैंड बिलिंग के लिए कर्मचारी तैनात कर रखे थे। यह कर्मी हर महीने उपभोक्ताओं के घर जाते थे और मीटर की जांच कर बिल बनवाकर जारी करते थे। शुरू में तो सबकुछ ठीकठाक रहा, लेकिन बाद में ठेकेदार के कर्मियों ने खेल शुरू कर दिया। मीटर की रीडिंग से छेड़छाड़ करके जबरन यूनिट बढ़ाकर बिल जारी किया जाता था। यह बिल तीन से चार गुना ज्यादा होता था।
विज्ञापन


उपभोक्ता को जैसे ही बिल मिलता था, उसके होश उड़ जाते थे। बिल को संशोधित कराने के लिए वह इन्हीं कर्मियों से बातचीत करता था। बिल को संशोधित कराने के लिए ठेकेदार के कर्मचारी मोटी रकम वसूलते थे, इसके बाद आधी-अधूरी रकम जमा करवाकर रुपये का बंदरबांट कर लिया जाता था। उपभोक्ताओं ने इसकी शिकायत की तो अधिकारियों ने इसकी गोपनीय जांच कराई। जांच में 138 उपभोक्ता ऐसे मिलें, जिन्होंने बताया कि उन्होंने बिल संशोधित कराने के नाम पर रुपया दिया था। इन उपभोक्ताओं से आठ लाख से ज्यादा की रकम वसूली गई थी। अफसरों ने कार्यालय के रजिस्टर खंगलवाया तो पता चला कि बढ़े बिल को कम कराकर जमा किया गया है। इसका खुलासा होते ही एक्सईएन प्रभाकर पांडेय ने कार्यालय सहायक हरिकेश सिंह को वैष्णों कंट्रक्शन के ठेकेदार पिंटू कुमार मिश्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का निर्देश दिया। कार्यालय सहायक की तहरीर पर बुधवार की शाम सदर कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज करके इस फर्जीवाड़े की जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed