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पुलिस को चकमा दे जाते हैं पशु तस्कर
अमर उजाला ब्यूराे काैश्ााम्बी
Updated Thu, 21 Jan 2016 11:45 PM IST
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कौशाम्बी पुलिस के लिए पशुतस्करों की धरपकड़ बड़ी चुनौती है। नाकाबंदी, दबिश के दौरान बेखौफ पशुतस्कर दरोगा, सिपाहियों की आंखों में धूल झोंककर भाग निकलते हैं। पुलिस सिर्फ मवेशी लदे ट्रक, कंटेनर, पिकअप, डीसीएम की धरपकड़ कर पाती है। बुधवार की रात भी पशु तस्करों की धरपकड़ को हिसामपुर बाग में दबिश दी गई थी, लेकिन तस्कर जानवरों को छोड़कर भाग निकलने में कामयाब रहे। पुलिस हाथ मलती रह गई।
कौशाम्बी में पशु तस्करी का कालाधंधा जारी है। बेखौफ पशु तस्कर रोजाना ट्रक, कंटेनर में जानवरों को भरकर पश्चिम बंगाल, बिहार आदि राज्यों को भेजते है। पुलिस पशुतस्करी के इस धंधे पर रोक नहीं लगा पा रही है। नाकाबंदी, दबिश के दौरान पुलिस के हाथ सिर्फ जानवरों से भरे वाहन ही लगते हैं। पशुतस्कर दरोगा, सिपाहियों को चकमा देकर भाग निकलते हैं। पुलिस की यह नाकामी अब तो रोज का किस्सा बनती जा रही है।
बुधवार की रात भी इसकी बानगी करारी थाना क्षेत्र के हिसामपुर बाग के समीप देखने को मिली। करारी पुलिस को मुखबिर से सूचना लगी थी कि हिसामपुर बाग में तस्करी के लिए जानवरों को इकट्ठा किया जा रहा है। यहां से ट्रक में लादकर उन्हें वध के लिए पश्चिमबंगाल भेजा जाएगा। सूचना पर एसओ हमराहियों के साथ हिसामपुर बाग पहुंचे। पुलिस ने पशु तस्करों को नाकाबंदी करके दबोचने की कोशिश की, लेकिन तस्कर दरोगा, सिपाहियों को धता बताते हुए भाग निकले। बाग में पुलिस को सिर्फ 6 जानवर ही मिले। इन्हें थाने लाकर पुलिस ने इलाकाई किसानों की सुपुर्दगी में दे दिया है। सवाल है कि तमाम कोशिशों के बाद भी आखिर कौशाम्बी पुलिस के हाथ पशुतस्करों के गिरेबान तक क्यों नहीं पहुंच पा रहे हैं। मामले में पुलिस अधीक्षक वीके मिश्रा का कहना है कि सभी थानेदारों को पशुओं के साथ तस्करों की धरपकड़ का अभियान चलाने की हिदायत दी गई है। इसकी भी जांच की जाएगी कि आखिर पुलिस को पशुतस्करों की धरपकड़ क्यों नहीं हो पा रही है।
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इनसेट
पशुतस्करों ने दिया पुलिस को चकमा
20 जनवरी: पनारा गोपालपुर के समीप पशुओं से भरी मालवाहक जीप छोड़कर भागे पशुतस्कर।
05 जनवरी: पुरामुफ्ती के समीप मवेशी लदी डीसीएम छोड़कर तस्कर हुए फरार।
07 जनवरी: करारी के चकहिंगुई गांव के समीप मवेशी छोड़कर भागे तस्कर।
08 जनवरी: मंझनपुर टेंवा के समीप 33 मवेशियों के भरा ट्रक छोड़कर भाग निकले पशुतस्कर
इनसेट
पुलिस को कुचलने का भी हो चुका है प्रयास
मंझनपुर (ब्यूरो)। बेखौफ हो चुके पशु तस्कर पुलिस से टकराने में भी गुरेज नहीं करते हैं। यही कारण है कि धरपकड़ के दौरान मवेशियों से भरे वाहनों से पशु तस्करों ने कई बार पुलिस को रौंदने की भी कोशिश की है। इसी महीने की 8 तारीख को मवेशियों से भरे ट्रक को पकड़ने की कोशिश मंझनपुर कोतवाली पुलिस ने की थी। मुखबिर की सूचना पर जब पुलिस ने मूरतगंज-महेवाघाट के समीप जानवरों से भरे ट्रक को रोकने का प्रयास किया, तो पहले तो ट्रक चालक ने पुलिस पर ही वाहन चढ़ाने की कोशिश की। नाकाम रहने पर टेंवा के समीप जानवरों से भरा ट्रक छोड़कर पशुतस्कर और ड्राइवर भाग निकले। इस ट्रक में पुलिस को 33 जानवर मिले थे। इसी तरह से नवंबर महीने में कोखराज के निकट पशुतस्करों ने पिकेट के दो सिपाहियों को कुचलने की कोशिश की थी। हालांकि दोनों सिपाही बाल-बाल बच गए थे।
इनसेट
चकमा देने को होने लगा है कंटेनर का इस्तेमाल
मंझनपुर (ब्यूरो)। पुलिस की धरपकड़ से बचने के लिए अब पशु तस्करों ने ट्रक और अन्य खुले वाहनों के बजाय कंटेनर में जानवरों को लादकर तस्करी शुरू कर दी है। कौशाम्बी में सिराथू, सैनी, बिसारा, कोखराज, सिहोरी, पुरामुफ्ती आदि स्थानों पर जानवरों से भरे कंटेनर पकड़े भी जा चुके हैं। जबकि आज से दो साल पहले तक ट्रकों के माध्यम से पशुओं की खेप वध के लिए दूसरे राज्यों को भेजी जाती थी।
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कौशाम्बी में पशु तस्करी का कालाधंधा जारी है। बेखौफ पशु तस्कर रोजाना ट्रक, कंटेनर में जानवरों को भरकर पश्चिम बंगाल, बिहार आदि राज्यों को भेजते है। पुलिस पशुतस्करी के इस धंधे पर रोक नहीं लगा पा रही है। नाकाबंदी, दबिश के दौरान पुलिस के हाथ सिर्फ जानवरों से भरे वाहन ही लगते हैं। पशुतस्कर दरोगा, सिपाहियों को चकमा देकर भाग निकलते हैं। पुलिस की यह नाकामी अब तो रोज का किस्सा बनती जा रही है।
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बुधवार की रात भी इसकी बानगी करारी थाना क्षेत्र के हिसामपुर बाग के समीप देखने को मिली। करारी पुलिस को मुखबिर से सूचना लगी थी कि हिसामपुर बाग में तस्करी के लिए जानवरों को इकट्ठा किया जा रहा है। यहां से ट्रक में लादकर उन्हें वध के लिए पश्चिमबंगाल भेजा जाएगा। सूचना पर एसओ हमराहियों के साथ हिसामपुर बाग पहुंचे। पुलिस ने पशु तस्करों को नाकाबंदी करके दबोचने की कोशिश की, लेकिन तस्कर दरोगा, सिपाहियों को धता बताते हुए भाग निकले। बाग में पुलिस को सिर्फ 6 जानवर ही मिले। इन्हें थाने लाकर पुलिस ने इलाकाई किसानों की सुपुर्दगी में दे दिया है। सवाल है कि तमाम कोशिशों के बाद भी आखिर कौशाम्बी पुलिस के हाथ पशुतस्करों के गिरेबान तक क्यों नहीं पहुंच पा रहे हैं। मामले में पुलिस अधीक्षक वीके मिश्रा का कहना है कि सभी थानेदारों को पशुओं के साथ तस्करों की धरपकड़ का अभियान चलाने की हिदायत दी गई है। इसकी भी जांच की जाएगी कि आखिर पुलिस को पशुतस्करों की धरपकड़ क्यों नहीं हो पा रही है।
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पशुतस्करों ने दिया पुलिस को चकमा
20 जनवरी: पनारा गोपालपुर के समीप पशुओं से भरी मालवाहक जीप छोड़कर भागे पशुतस्कर।
05 जनवरी: पुरामुफ्ती के समीप मवेशी लदी डीसीएम छोड़कर तस्कर हुए फरार।
07 जनवरी: करारी के चकहिंगुई गांव के समीप मवेशी छोड़कर भागे तस्कर।
08 जनवरी: मंझनपुर टेंवा के समीप 33 मवेशियों के भरा ट्रक छोड़कर भाग निकले पशुतस्कर
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पुलिस को कुचलने का भी हो चुका है प्रयास
मंझनपुर (ब्यूरो)। बेखौफ हो चुके पशु तस्कर पुलिस से टकराने में भी गुरेज नहीं करते हैं। यही कारण है कि धरपकड़ के दौरान मवेशियों से भरे वाहनों से पशु तस्करों ने कई बार पुलिस को रौंदने की भी कोशिश की है। इसी महीने की 8 तारीख को मवेशियों से भरे ट्रक को पकड़ने की कोशिश मंझनपुर कोतवाली पुलिस ने की थी। मुखबिर की सूचना पर जब पुलिस ने मूरतगंज-महेवाघाट के समीप जानवरों से भरे ट्रक को रोकने का प्रयास किया, तो पहले तो ट्रक चालक ने पुलिस पर ही वाहन चढ़ाने की कोशिश की। नाकाम रहने पर टेंवा के समीप जानवरों से भरा ट्रक छोड़कर पशुतस्कर और ड्राइवर भाग निकले। इस ट्रक में पुलिस को 33 जानवर मिले थे। इसी तरह से नवंबर महीने में कोखराज के निकट पशुतस्करों ने पिकेट के दो सिपाहियों को कुचलने की कोशिश की थी। हालांकि दोनों सिपाही बाल-बाल बच गए थे।
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चकमा देने को होने लगा है कंटेनर का इस्तेमाल
मंझनपुर (ब्यूरो)। पुलिस की धरपकड़ से बचने के लिए अब पशु तस्करों ने ट्रक और अन्य खुले वाहनों के बजाय कंटेनर में जानवरों को लादकर तस्करी शुरू कर दी है। कौशाम्बी में सिराथू, सैनी, बिसारा, कोखराज, सिहोरी, पुरामुफ्ती आदि स्थानों पर जानवरों से भरे कंटेनर पकड़े भी जा चुके हैं। जबकि आज से दो साल पहले तक ट्रकों के माध्यम से पशुओं की खेप वध के लिए दूसरे राज्यों को भेजी जाती थी।