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न्यायालय में बाबू बनाने को ठगा चार लाख रुपये
अमर उजाला ब्यूराे काैश्ााम्बी
Updated Thu, 21 Jan 2016 11:29 PM IST
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न्यायालय में क्लर्क की नौकरी दिलाने के नाम पर एक जालसाज ने बैगवां गांव के एक युवक से 4 लाख रुपये ऐंठ लिया। सालभर बाद भी नौकरी नहीं मिलने पर भुक्तभोगी ने पैसों की मांग की, तो उसे अब जान से मारने की धमकी दी जा रही है। भुक्तभोगी ने बृहस्पतिवार को मामले की शिकायत एएसपी से की। अपर पुलिस अधीक्षक ने एसओ करारी को जांच और कार्रवाई का निर्देश दिया है।
कौशाम्बी थाना क्षेत्र के बैगवां गांव निवासी रवींद्र कुमार की मानें तो सालभर पहले पड़ोसी गांव के रहने वाले एक व्यक्ति ने उसे न्यायालय में क्लर्क की नौकरी दिलाने का झांसा देकर चार लाख रुपये ले लिया था। उसके बाद से वह नियुक्ति पत्र दिलाने के लिए आज-कल का दिलासा देकर टरकाता रहा। धीरे-धीरे एक साल का वक्त बीत गया, लेकिन अब तक वह उसे नौकरी नहीं दिला सका। नौकरी नहीं मिलने पर भुक्तभोगी ने युवक से अपना दिया हुआ पैसा वापस मांगा। आरोप है कि पहले तो वह पैसे वापस करने को बहानेबाजी करता रहा, लेकिन अब वह पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी दे रहा है।
तीन दिन पहले जब वह उसके घर पैसे मांगने गया, तो उसने उसे मारने के लिए दौड़ा लिया। भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। भुक्तभोगी की मानें तो उसने नामजद तहरीर कौशाम्बी थाने में दी, लेकिन पुलिस ने सुनवाई नहीं की। रिपोर्ट लिखाने को वह दो दिनों तक थाने का चक्कर काटता रहा। एफआईआर नहीं लिखे जाने पर बृहस्पतिवार को उसने मंझनपुर आकर एएसपी से शिकायत की। अपर पुलिस अधीक्षक ने एसओ कौशाम्बी को प्रकरण की जांच करने का निर्देश दिया है।
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कौशाम्बी थाना क्षेत्र के बैगवां गांव निवासी रवींद्र कुमार की मानें तो सालभर पहले पड़ोसी गांव के रहने वाले एक व्यक्ति ने उसे न्यायालय में क्लर्क की नौकरी दिलाने का झांसा देकर चार लाख रुपये ले लिया था। उसके बाद से वह नियुक्ति पत्र दिलाने के लिए आज-कल का दिलासा देकर टरकाता रहा। धीरे-धीरे एक साल का वक्त बीत गया, लेकिन अब तक वह उसे नौकरी नहीं दिला सका। नौकरी नहीं मिलने पर भुक्तभोगी ने युवक से अपना दिया हुआ पैसा वापस मांगा। आरोप है कि पहले तो वह पैसे वापस करने को बहानेबाजी करता रहा, लेकिन अब वह पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी दे रहा है।
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तीन दिन पहले जब वह उसके घर पैसे मांगने गया, तो उसने उसे मारने के लिए दौड़ा लिया। भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। भुक्तभोगी की मानें तो उसने नामजद तहरीर कौशाम्बी थाने में दी, लेकिन पुलिस ने सुनवाई नहीं की। रिपोर्ट लिखाने को वह दो दिनों तक थाने का चक्कर काटता रहा। एफआईआर नहीं लिखे जाने पर बृहस्पतिवार को उसने मंझनपुर आकर एएसपी से शिकायत की। अपर पुलिस अधीक्षक ने एसओ कौशाम्बी को प्रकरण की जांच करने का निर्देश दिया है।
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