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मां न बन पाने पर कर ली खुदकुशी
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Sat, 04 Apr 2015 11:39 PM IST
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मंझनपुर। सैनी के कैनी गांव की एक विवाहिता शनिवार की सुबह घर के भीतर आग का गोला बन गई। लपटों से घिरी विवाहिता की चीखें सुनकर दौड़े लोगों ने आग बुझाई। लगभग 95 फीसदी झुलस चुकी विवाहिता को घरवालों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी सांसें थम गई। बताया जा रहा है कि मां नहीं बन पाने के ताने से क्षुब्ध होकर विवाहिता ने यह आत्मघाती कदम उठाया है।
पुरामुफ्ती कोतवाली क्षेत्र के गोपालपुर गांव निवासी आरती देवी (26) की शादी चार साल पहले कैनी गांव के रमेश कुमार से हुई थी। रमेश नौकरी के सिलसिले में पूना में रहता है। ससुराल में सास-ससुर के साथ आरती रहती थी। इधर, शनिवार की सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में वह घर के भीतर आग का गोला बन गई। चीखें सुनकर बूढ़े सास-ससुर दौड़े। लपटों से घिरी विवाहिता को देख दोनों के होश उड़ गए। उधर, चीख-पुकार और घर से उठता धुएं का गुबार देख गांववाले भी जमा हो गए। ग्रामीणों ने प्रयास करके आग पर काबू पाया।
हालांकि जब तक आग बुझाई जाती, विवाहिता 95 प्रतिशत से अधिक झुलस चुकी थी। गांववालों ने विवाहिता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। साथ ही मायकेवालों को हादसे की जानकारी दी। उधर, जिला अस्पताल में दो घंटे तक जीवन-मौत से जूझने के बाद विवाहिता की सांसें थम गईं। उधर, विवाहिता की मां ने बताया कि शादी के चार साल बाद भी उसकी बेटी मां नहीं बन सकी थी। इसके कारण वह परेशान रहती थी। माना जा रहा है कि मां नहीं बनने से तानों से आजिज आकर ही उसने खुद की जान ले ली।
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पुरामुफ्ती कोतवाली क्षेत्र के गोपालपुर गांव निवासी आरती देवी (26) की शादी चार साल पहले कैनी गांव के रमेश कुमार से हुई थी। रमेश नौकरी के सिलसिले में पूना में रहता है। ससुराल में सास-ससुर के साथ आरती रहती थी। इधर, शनिवार की सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में वह घर के भीतर आग का गोला बन गई। चीखें सुनकर बूढ़े सास-ससुर दौड़े। लपटों से घिरी विवाहिता को देख दोनों के होश उड़ गए। उधर, चीख-पुकार और घर से उठता धुएं का गुबार देख गांववाले भी जमा हो गए। ग्रामीणों ने प्रयास करके आग पर काबू पाया।
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हालांकि जब तक आग बुझाई जाती, विवाहिता 95 प्रतिशत से अधिक झुलस चुकी थी। गांववालों ने विवाहिता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। साथ ही मायकेवालों को हादसे की जानकारी दी। उधर, जिला अस्पताल में दो घंटे तक जीवन-मौत से जूझने के बाद विवाहिता की सांसें थम गईं। उधर, विवाहिता की मां ने बताया कि शादी के चार साल बाद भी उसकी बेटी मां नहीं बन सकी थी। इसके कारण वह परेशान रहती थी। माना जा रहा है कि मां नहीं बनने से तानों से आजिज आकर ही उसने खुद की जान ले ली।
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