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कारोबारी का विधायक पर भूमि कब्जाने का आरोप
kaushambi
Updated Tue, 30 Oct 2018 12:40 AM IST
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मंझनपुर। भाजपा विधायक संजय गुप्ता के खिलाफ एक कारोबारी ने बेशकीमती जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। कारोबारी ने मामले की शिकायत एडीएम से की है। वहीं, दूसरी तरफ विधायक ने आरोप को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि प्रशासन ने उनकी जमीन की पैमाइश कर कब्जा दिलाया है। भरवारी निवासी अंकुर रस्तोगी पुत्र हरिओम रस्तोगी का कहना है कि आठ साल पहले परसरा गांव के रमेश चंद्र व राज नरायण से उसने आराजी संख्या 114 रकबा 0.251 का बैनामा लिया था। दो साल पहले पीडब्ल्यूडी ने जमीन का कुछ हिस्सा अधिगृहीत कर मुआवजा भी दिया है। इसी जमीन के पास भाजपा के चायल विधायक संजय गुप्ता का स्कूल है।
विधायक ने भी परसरा गांव की आराजी संख्या 117 का बेरई पासवान से बैनामा लिया। अंकुर का कहना है कि विधायक उसकी जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। आशंका होने पर उसने सिविल जज के यहां वाद दाखिल किया। कोर्ट ने पांच अक्तूबर को स्थगन आदेश जारी किया। आरोप है कि इसके बाद भी सोमवार को विधायक ने उसका निर्माण गिरवा दिया। दूसरी तरफ विधायक का कहना है कि अंकुर द्वारा खरीदी गई आराजी संख्या 114 रकबा 22 बिस्वा में से 19 बिस्वा रेलवे और पीडब्ल्यूडी ने अधिगृहीत कर उसका मुआवजा दे दिया है। अंकुर से उनका कोई विवाद नहीं है। उसकी जमीन से कुछ दूरी पर आराजी संख्या 117 का उन्होंने बैनामा कराया है। उसकी पैमाइश के लिए एसडीएम कोर्ट में वाद दाखिल किया था। कोर्ट के आदेश पर 24 अक्तूबर को आराजी संख्या 117 की पत्थरगड़ी हुई। इसके बाद अदालत के आदेश पर सोमवार को प्रशासन ने दखल दिहानी कराई। विधायक का आरोप है कि अंकुर खुद ही अवैध कब्जा करना चाह रहा है।
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विधायक ने भी परसरा गांव की आराजी संख्या 117 का बेरई पासवान से बैनामा लिया। अंकुर का कहना है कि विधायक उसकी जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। आशंका होने पर उसने सिविल जज के यहां वाद दाखिल किया। कोर्ट ने पांच अक्तूबर को स्थगन आदेश जारी किया। आरोप है कि इसके बाद भी सोमवार को विधायक ने उसका निर्माण गिरवा दिया। दूसरी तरफ विधायक का कहना है कि अंकुर द्वारा खरीदी गई आराजी संख्या 114 रकबा 22 बिस्वा में से 19 बिस्वा रेलवे और पीडब्ल्यूडी ने अधिगृहीत कर उसका मुआवजा दे दिया है। अंकुर से उनका कोई विवाद नहीं है। उसकी जमीन से कुछ दूरी पर आराजी संख्या 117 का उन्होंने बैनामा कराया है। उसकी पैमाइश के लिए एसडीएम कोर्ट में वाद दाखिल किया था। कोर्ट के आदेश पर 24 अक्तूबर को आराजी संख्या 117 की पत्थरगड़ी हुई। इसके बाद अदालत के आदेश पर सोमवार को प्रशासन ने दखल दिहानी कराई। विधायक का आरोप है कि अंकुर खुद ही अवैध कब्जा करना चाह रहा है।
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