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बैंक डकैती: आईजी ने घटना स्थल का लिया जायजा
Updated Thu, 04 Oct 2018 06:24 PM IST
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बैंक डकैती: आईजी ने घटना स्थल का लिया जायजा
सैनी कोतवाली में पुलिस टीम के साथ बैठक कर दिए टिप्स
बुधवार रात अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट का दर्ज हुआ मामला
फोटो नं-
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर/सिराथू। पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल ने गुरुवार को बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। क्राइम सीन का ब्लू प्रिंट तैयार कर खुलासे में लगी टीम को निर्देश दिए। बैंक की सुरक्षा को लेकर भी आई ने शाखा प्रबंधक से जवाब-तलब किया।
बुधवार की दोपहर 3.30 बजे नकाबपोश सशस्त्र बदमाशों ने बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक डोरमा में डाका डाला था। बदमाश यहां से दस लाख 14 हजार 340 रुपये लूट ले गए थे। इसी को लेकर गुरुवार की पूर्वाह्न 11.35 बजे आईजी मोहित अग्रवाल बैंक पहुंचे। उन्होंने शाखा प्रबंधक धीरेंद्र सिंह से लूटपाट के बारे में जानकारी ली। कौन किस स्थान पर था और बदमाशों ने सबसे पहले किसे टारगेट पर लिया? इस बारे में बिस्तार से चर्चा कर क्राइम सीन का ब्लू प्रिंट तैयार किया। शाखा प्रबंधक से सवाल किया कि बैंक सुनसान स्थान पर क्यों है। इसके अलावा बैंक के पास खुद के गार्ड है या नहीं। जवाब में शाखा प्रबंधक ने बताया बैंक काफी दिनों से यहां पर है। बैंक के पास सुरक्षा गार्ड नहीं है। थाने से लगने वाली पिकेट ही सुरक्षा व्यवस्था देखती है। इसके बाद आईजी सैनी कोतवाली पहुंचे। यहां वारदात के खुलासे में लगी पुलिस टीमों के साथ बैठक की। आईजी ने खुलासे को लेकर जरुरी टिप्स दिए। इस दौरान एसपी प्रदीप गुप्ता, अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार, इंस्पेक्टर सैनी राकेश तिवारी आदि मौजूद रहे।
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प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर लूटकांड के बदमाशों पर शक
सिराथू (ब्यूरो)। आईजी मोहित अग्रवाल ने प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर जिले में पहले बैंक लूट की वारदातों में शामिल बदमाशों की क्लिप लेकर आए थे। बैंक कर्मियों को क्लिप दिखाकर आईजी ने पूछा क्या यहीं लोग थे। शाखा प्रबंधक ने बताया बदमाशों का चेहरा ढका था लेकिन हुलिया इन्ही बदमाशों की तरह का था। इस पर क्लिप बैंक कर्मियों को देते हुए कहा कि इसे लार्ज स्क्रीन पर देंखे, शायद बदमाश पहचान लिए जाएं।
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पांच दिन तक ठप रहेगा बड़ौदा बैंक का कामकाज
- लूटपाट के दौरान बदमाशों ने तोड़ दिया था राउटर माडम
- बैंक का सीयूजी नंबर भी उठा ले गए हैं बदमाश
अमर उजाला ब्यूरो
सिराथू। डकैती के शिकार बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में फिलहाल पांच दिन तक लेन-देन नहीं हो सकेगा। लूटपाट के दौरान बदमाशों ने बैंक में लगा राउटर माडम तोड़ दिया है। बदमाश बैंक का सीयूजी मोबाइल फोन भी उठा ले गए हैं।
बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में डकैती के दौरान भले ही बदमाश महज बीस मिनट बैंक में रुके थे लेकिन उन्होने पूरे सिस्टम का सत्यानाश कर दिया। शाखा प्रबंधक धीरेंद्र सिंह ने बताया बदमाशों ने बैंक का राउटर माडम तोड़ डाला है। इससे बैंक की ऑन लाइन सिस्टम काम नहीं कर रहा। समस्या के बारे में अफसरों को अवगत करा दिया गया है। दूसरा माडम लगाया जाएगा। इस काम के लिए कम से कम पांच दिन का वक्त लग सकता है। इसलिए बैंक में पांच दिनों तक कामकाज ठप रहेगा।
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डकैती को दिखाया गया लूटपाट
सिराथू (ब्यूरो)। बैंक डकैती मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने में खेल कर दिया। शाखा प्रबंधक का कहना था कि बैंक के अंदर छह की संख्या में नकाबपोश बदमाश घुसे थे। दिन का वक्त होने की वजह से उन लोगों ने उनकी संख्या अच्छे से देखी थी। इसके बाद भी पुलिस ने कोतवाली में अपराध संख्या 619/18 धारा 394, 427 आईपीसी में मामला दर्ज किया। मैनेजर से ली गई तहरीर में यह लिखवाया गया कि कुछ अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया है। इस कुछ शब्द की वजह से धारा 394 (लूट) और धारा 427 (नुकसान पहुंचाना) में मुकदमा लिखा गया। सूत्रों की माने तो अगर बदमाश की संख्या छह लिखी होती तो पुलिस को धारा 396 के साथ 427 लगाना होता। इस अपराध की मानीटरिंग शासन स्तर से होती है। इस वजह से पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने में खेल किया।
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एसटीएफ को भी दी गई खुलासे की जिम्मेदारी
मंझनपुर (ब्यूरो)। बैंक डकैती के खुलासे में जिला पुलिस की टीम के अलावा एसटीएफ इलाहाबाद को भी लगाया गया है। टीम में खासकर वह जवान लगाए गए हैं जो पूर्व में बैंक डकैती से जुड़े मामलों के खुलासे में शामिल थे।
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सिर्फ इशारों में बात कर रहे थे बदमाश
सिराथू। बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश एक-दूसरे से इशारे पर बात कर रहे थे। 20 मिनट तक वह बैंक में रहे। कर्मचारियों से मारपीट और लूटपाट की। इसके बाद भी उन लोगों ने आपस में कोई बात नहीं की। शाखा प्रबंधक ने आईजी मोहित अग्रवाल से बताया कि बदमाश पूरे प्लान के साथ बैंक आए थे। हर बदमाश को मानों पहले से ही उसकी जिम्मेदारी के बारे में बता दिया गया हो।
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आरवन-5 बाइक की खंगाली जा रही कुंडली
-कौशाम्बी के अलावा पड़ोसी जिलों में भी होगी पूछताछ
- एआरटीओ कार्यालय से गाड़ी नंबर व मालिक की मांगी जा रही जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। बैंक डकैती में इस्तेमाल की गई आरवन-5 बाइक पर पुलिस का ध्यान केंद्रित है। पुलिस जिले के अलावा पड़ोसी जनपदों में भी जिसके पास यह बाइक है, उसकी कुंडली खंगालने की तैयारी कर रही है। वारदात के बाद बदमाशों का चंद मिनट में गायब होना और रास्ते के सीसीटीवी फुटेज में उनका नहीं दिखना, पुलिस को जिले के ही बदमाशों पर ध्यान लगाने के लिए मजबूर कर रहा है।
बैंक डकैती के खुलासे में लगी पुलिस टीम को अब तक की जांच में पता चला कि बदमाशों ने वारदात के लिए पल्सर और आरवन-5 बाइक का इस्तेमाल किया था। पल्सर तो बहुत सारी हैं लेकिन आरवन-5 बाइक की संख्या काफी कम है। इस वजह से पुलिस जिले में इस तरह की बाइक चलाने वालों को ट्रेस कर रही है। पड़ोसी जनपदों में भी पुलिस की टीम आरटीओ कार्यालय से संपर्क कर ऐसे बाइक मालिकों को ट्रेस करेंगी। घटना के खुलासे में लगी पुलिस की चार टीमों में से, एक टीम इसी दिशा पर काम कर रही है। वहीं दूसरी तरफ बैंक के पास रहे ग्रामीणों ने बताया कि दो बाइक पर छह लोग बैठे थे। वह फतेहपुर जिले की तरफ तेजी से भागे जा रहे थे। इसे लेकर पुलिस ने अजुहा स्थित अंबर ढाबा और परास के समीप बने टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरे को चेक किया लेकिन उस दौरान इस तरह की बाइक उधर से नहीं गुजरी। इस पर पुलिस का मानना है कि बदमाश वारदात के बाद आसपास के किसी गांव में पनाह ले सकते हैं। उन लोगों के लोकल होने की भी पूरी संभावना है।
रात भर हर दिशा में भागी पुलिस, नहीं मिल सका क्लू
- खुलासे के लिए पुलिस की चार टीमें कर रही मशक्त
- गुरुवार को जगह-जगह वाहनों की कराई गई चेकिंग
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक डकैती कांड में पुलिस 36 घंटे बाद भी खुलासे का कोई क्लू नहीं मिल सका। बुधवार की रात भर पुलिस की टीमें जगह-जगह छापेमारी करती रही लेकिन सुराग नहीं लगा।
प्रतापगढ़ बैंक लूटकांड में दो बदमाश पकड़े गए थे। पकड़े गए बदमाशों ने अपने चार साथियों का नाम कबूला था लेकिन वह अब तक नहीं पकड़े जा सके। अब तक की छानबीन में पुलिस को पता चला कि जिस अंदाज में प्रतापगढ़ की घटना को अंजाम दिया गया था, यहां डकैती करने वाले बदमाशों का तरीका भी ठीक उसी तरह का था। लेकिन वहां के बदमाशों का जो स्क्रेच तैयार हुआ था वह यहां पर वारदात करने वाले बदमाशों से मेल नहीं खा रहा। इंस्पेक्टर सैनी राकेश तिवारी का कहना है कि अभी इस मामले में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। वारदात के बाद जिस तरह से बदमाश गायब हो गए और रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों में उनकी तस्वीर नहीं मिलना, परेशान कर रहा है। पुलिस जिले के अलावा बाहर के बदमाशों पर भी नजर रख रही है। वहीं कुछ संदिग्ध लोगों के नंबर भी सर्विलांस से खंगाले जा रहे हैं। फिलहाल घटना के जल्द खुलासे का प्रयास किया जा रहा है।
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सैनी कोतवाली में पुलिस टीम के साथ बैठक कर दिए टिप्स
बुधवार रात अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट का दर्ज हुआ मामला
फोटो नं-
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर/सिराथू। पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल ने गुरुवार को बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। क्राइम सीन का ब्लू प्रिंट तैयार कर खुलासे में लगी टीम को निर्देश दिए। बैंक की सुरक्षा को लेकर भी आई ने शाखा प्रबंधक से जवाब-तलब किया।
बुधवार की दोपहर 3.30 बजे नकाबपोश सशस्त्र बदमाशों ने बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक डोरमा में डाका डाला था। बदमाश यहां से दस लाख 14 हजार 340 रुपये लूट ले गए थे। इसी को लेकर गुरुवार की पूर्वाह्न 11.35 बजे आईजी मोहित अग्रवाल बैंक पहुंचे। उन्होंने शाखा प्रबंधक धीरेंद्र सिंह से लूटपाट के बारे में जानकारी ली। कौन किस स्थान पर था और बदमाशों ने सबसे पहले किसे टारगेट पर लिया? इस बारे में बिस्तार से चर्चा कर क्राइम सीन का ब्लू प्रिंट तैयार किया। शाखा प्रबंधक से सवाल किया कि बैंक सुनसान स्थान पर क्यों है। इसके अलावा बैंक के पास खुद के गार्ड है या नहीं। जवाब में शाखा प्रबंधक ने बताया बैंक काफी दिनों से यहां पर है। बैंक के पास सुरक्षा गार्ड नहीं है। थाने से लगने वाली पिकेट ही सुरक्षा व्यवस्था देखती है। इसके बाद आईजी सैनी कोतवाली पहुंचे। यहां वारदात के खुलासे में लगी पुलिस टीमों के साथ बैठक की। आईजी ने खुलासे को लेकर जरुरी टिप्स दिए। इस दौरान एसपी प्रदीप गुप्ता, अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार, इंस्पेक्टर सैनी राकेश तिवारी आदि मौजूद रहे।
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प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर लूटकांड के बदमाशों पर शक
सिराथू (ब्यूरो)। आईजी मोहित अग्रवाल ने प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर जिले में पहले बैंक लूट की वारदातों में शामिल बदमाशों की क्लिप लेकर आए थे। बैंक कर्मियों को क्लिप दिखाकर आईजी ने पूछा क्या यहीं लोग थे। शाखा प्रबंधक ने बताया बदमाशों का चेहरा ढका था लेकिन हुलिया इन्ही बदमाशों की तरह का था। इस पर क्लिप बैंक कर्मियों को देते हुए कहा कि इसे लार्ज स्क्रीन पर देंखे, शायद बदमाश पहचान लिए जाएं।
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पांच दिन तक ठप रहेगा बड़ौदा बैंक का कामकाज
- लूटपाट के दौरान बदमाशों ने तोड़ दिया था राउटर माडम
- बैंक का सीयूजी नंबर भी उठा ले गए हैं बदमाश
अमर उजाला ब्यूरो
सिराथू। डकैती के शिकार बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में फिलहाल पांच दिन तक लेन-देन नहीं हो सकेगा। लूटपाट के दौरान बदमाशों ने बैंक में लगा राउटर माडम तोड़ दिया है। बदमाश बैंक का सीयूजी मोबाइल फोन भी उठा ले गए हैं।
बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में डकैती के दौरान भले ही बदमाश महज बीस मिनट बैंक में रुके थे लेकिन उन्होने पूरे सिस्टम का सत्यानाश कर दिया। शाखा प्रबंधक धीरेंद्र सिंह ने बताया बदमाशों ने बैंक का राउटर माडम तोड़ डाला है। इससे बैंक की ऑन लाइन सिस्टम काम नहीं कर रहा। समस्या के बारे में अफसरों को अवगत करा दिया गया है। दूसरा माडम लगाया जाएगा। इस काम के लिए कम से कम पांच दिन का वक्त लग सकता है। इसलिए बैंक में पांच दिनों तक कामकाज ठप रहेगा।
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डकैती को दिखाया गया लूटपाट
सिराथू (ब्यूरो)। बैंक डकैती मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने में खेल कर दिया। शाखा प्रबंधक का कहना था कि बैंक के अंदर छह की संख्या में नकाबपोश बदमाश घुसे थे। दिन का वक्त होने की वजह से उन लोगों ने उनकी संख्या अच्छे से देखी थी। इसके बाद भी पुलिस ने कोतवाली में अपराध संख्या 619/18 धारा 394, 427 आईपीसी में मामला दर्ज किया। मैनेजर से ली गई तहरीर में यह लिखवाया गया कि कुछ अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया है। इस कुछ शब्द की वजह से धारा 394 (लूट) और धारा 427 (नुकसान पहुंचाना) में मुकदमा लिखा गया। सूत्रों की माने तो अगर बदमाश की संख्या छह लिखी होती तो पुलिस को धारा 396 के साथ 427 लगाना होता। इस अपराध की मानीटरिंग शासन स्तर से होती है। इस वजह से पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने में खेल किया।
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एसटीएफ को भी दी गई खुलासे की जिम्मेदारी
मंझनपुर (ब्यूरो)। बैंक डकैती के खुलासे में जिला पुलिस की टीम के अलावा एसटीएफ इलाहाबाद को भी लगाया गया है। टीम में खासकर वह जवान लगाए गए हैं जो पूर्व में बैंक डकैती से जुड़े मामलों के खुलासे में शामिल थे।
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सिर्फ इशारों में बात कर रहे थे बदमाश
सिराथू। बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश एक-दूसरे से इशारे पर बात कर रहे थे। 20 मिनट तक वह बैंक में रहे। कर्मचारियों से मारपीट और लूटपाट की। इसके बाद भी उन लोगों ने आपस में कोई बात नहीं की। शाखा प्रबंधक ने आईजी मोहित अग्रवाल से बताया कि बदमाश पूरे प्लान के साथ बैंक आए थे। हर बदमाश को मानों पहले से ही उसकी जिम्मेदारी के बारे में बता दिया गया हो।
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आरवन-5 बाइक की खंगाली जा रही कुंडली
-कौशाम्बी के अलावा पड़ोसी जिलों में भी होगी पूछताछ
- एआरटीओ कार्यालय से गाड़ी नंबर व मालिक की मांगी जा रही जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। बैंक डकैती में इस्तेमाल की गई आरवन-5 बाइक पर पुलिस का ध्यान केंद्रित है। पुलिस जिले के अलावा पड़ोसी जनपदों में भी जिसके पास यह बाइक है, उसकी कुंडली खंगालने की तैयारी कर रही है। वारदात के बाद बदमाशों का चंद मिनट में गायब होना और रास्ते के सीसीटीवी फुटेज में उनका नहीं दिखना, पुलिस को जिले के ही बदमाशों पर ध्यान लगाने के लिए मजबूर कर रहा है।
बैंक डकैती के खुलासे में लगी पुलिस टीम को अब तक की जांच में पता चला कि बदमाशों ने वारदात के लिए पल्सर और आरवन-5 बाइक का इस्तेमाल किया था। पल्सर तो बहुत सारी हैं लेकिन आरवन-5 बाइक की संख्या काफी कम है। इस वजह से पुलिस जिले में इस तरह की बाइक चलाने वालों को ट्रेस कर रही है। पड़ोसी जनपदों में भी पुलिस की टीम आरटीओ कार्यालय से संपर्क कर ऐसे बाइक मालिकों को ट्रेस करेंगी। घटना के खुलासे में लगी पुलिस की चार टीमों में से, एक टीम इसी दिशा पर काम कर रही है। वहीं दूसरी तरफ बैंक के पास रहे ग्रामीणों ने बताया कि दो बाइक पर छह लोग बैठे थे। वह फतेहपुर जिले की तरफ तेजी से भागे जा रहे थे। इसे लेकर पुलिस ने अजुहा स्थित अंबर ढाबा और परास के समीप बने टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरे को चेक किया लेकिन उस दौरान इस तरह की बाइक उधर से नहीं गुजरी। इस पर पुलिस का मानना है कि बदमाश वारदात के बाद आसपास के किसी गांव में पनाह ले सकते हैं। उन लोगों के लोकल होने की भी पूरी संभावना है।
रात भर हर दिशा में भागी पुलिस, नहीं मिल सका क्लू
- खुलासे के लिए पुलिस की चार टीमें कर रही मशक्त
- गुरुवार को जगह-जगह वाहनों की कराई गई चेकिंग
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक डकैती कांड में पुलिस 36 घंटे बाद भी खुलासे का कोई क्लू नहीं मिल सका। बुधवार की रात भर पुलिस की टीमें जगह-जगह छापेमारी करती रही लेकिन सुराग नहीं लगा।
प्रतापगढ़ बैंक लूटकांड में दो बदमाश पकड़े गए थे। पकड़े गए बदमाशों ने अपने चार साथियों का नाम कबूला था लेकिन वह अब तक नहीं पकड़े जा सके। अब तक की छानबीन में पुलिस को पता चला कि जिस अंदाज में प्रतापगढ़ की घटना को अंजाम दिया गया था, यहां डकैती करने वाले बदमाशों का तरीका भी ठीक उसी तरह का था। लेकिन वहां के बदमाशों का जो स्क्रेच तैयार हुआ था वह यहां पर वारदात करने वाले बदमाशों से मेल नहीं खा रहा। इंस्पेक्टर सैनी राकेश तिवारी का कहना है कि अभी इस मामले में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। वारदात के बाद जिस तरह से बदमाश गायब हो गए और रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों में उनकी तस्वीर नहीं मिलना, परेशान कर रहा है। पुलिस जिले के अलावा बाहर के बदमाशों पर भी नजर रख रही है। वहीं कुछ संदिग्ध लोगों के नंबर भी सर्विलांस से खंगाले जा रहे हैं। फिलहाल घटना के जल्द खुलासे का प्रयास किया जा रहा है।