{"_id":"5970cd234f1c1b3b6f8b4756","slug":"31500564771-kaushambi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कत्ल के रहस्य में गोता लगा रही कोखराज पुलिस","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कत्ल के रहस्य में गोता लगा रही कोखराज पुलिस
Updated Thu, 20 Jul 2017 09:02 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कत्ल की गुत्थी सुलझाने में खुद उलझी पुलिस
मंगलवार रात बालकमऊ गांव में झोलाछाप की हुई थी निर्मम हत्या
आधा दर्जन संदिग्धों को पूछताछ के लिए पुलिस ने उठाया
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। कोखराज के बालकमऊ गांव में हुए झोलाछाप चिकित्सक के कत्ल की गुत्थी पुलिस सुलझा नहीं पा रही है। मंगलवार रात हत्यारों ने चिकित्सक का बेरहमी से कत्ल कर दिया था। चिकित्सक को क्यों मारा गया और किसने मारा? घटना के 48 घंटे बाद भी पुलिस इस रहस्य से पर्दा नहीं उठा पाई है। पुलिस घटना की कई पहलुआें पर तहकीकात कर रही है। बुधवार रात पुलिस ने गांव के आधा दर्जन संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
कोखराज के आलमचंद्र गांव का महेन्द्र कुमार (30) पुत्र रामसेवक आठ बरस से बालकमऊ गांव में रहकर चिकित्सक का काम करता था। मंगलवार रात झोलाछाप चिकित्सक की चाकू से गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। घटना के 48 घंटे बाद भी पुलिस को न तो कातिल मिले और न ही घटना के रहस्य का पता चला। घटना के बाद पुलिस कत्ल के रहस्य में गोता लगा रही है। स्हस्य सुलझाने में पुलिस खुद उलझ गई है। जिस बेरहमी से चिकित्सक का कत्ल किया गया इससे साफ है कि उसकी किसी से बड़ी दुश्मनी रही होगी। तहकीकात में जुटी कोखराज पुलिस ने बुधवार रात गांव के आधा दर्जन संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। हालांकि पुलिस को कोई सुराग नहीं मिले हैं।
महेंद्र ने कई लोगों को बांट रखा था कर्ज
मंझनपुर (ब्यूरो)। महेन्द्र ने बालकमऊ गांव के दर्जनों लोगों को कर्ज दे रखा था। बताया जा रहा है कि करीब सात लाख रुपए उसने बांटे थे। आशंका जताई जा रही है कि कहीं ऐसा तो नहीं रुपया न लौटाने के लिए किसी ने उसे मौत के घाट उतार दिया हो। हालांकि पुलिस घटना को कई पहलुओं से जोड़कर चल रही है। आशनाई में भी कत्ल किए जाने की बात सामने आ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार रात बालकमऊ गांव में झोलाछाप की हुई थी निर्मम हत्या
आधा दर्जन संदिग्धों को पूछताछ के लिए पुलिस ने उठाया
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। कोखराज के बालकमऊ गांव में हुए झोलाछाप चिकित्सक के कत्ल की गुत्थी पुलिस सुलझा नहीं पा रही है। मंगलवार रात हत्यारों ने चिकित्सक का बेरहमी से कत्ल कर दिया था। चिकित्सक को क्यों मारा गया और किसने मारा? घटना के 48 घंटे बाद भी पुलिस इस रहस्य से पर्दा नहीं उठा पाई है। पुलिस घटना की कई पहलुआें पर तहकीकात कर रही है। बुधवार रात पुलिस ने गांव के आधा दर्जन संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
कोखराज के आलमचंद्र गांव का महेन्द्र कुमार (30) पुत्र रामसेवक आठ बरस से बालकमऊ गांव में रहकर चिकित्सक का काम करता था। मंगलवार रात झोलाछाप चिकित्सक की चाकू से गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। घटना के 48 घंटे बाद भी पुलिस को न तो कातिल मिले और न ही घटना के रहस्य का पता चला। घटना के बाद पुलिस कत्ल के रहस्य में गोता लगा रही है। स्हस्य सुलझाने में पुलिस खुद उलझ गई है। जिस बेरहमी से चिकित्सक का कत्ल किया गया इससे साफ है कि उसकी किसी से बड़ी दुश्मनी रही होगी। तहकीकात में जुटी कोखराज पुलिस ने बुधवार रात गांव के आधा दर्जन संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। हालांकि पुलिस को कोई सुराग नहीं मिले हैं।
विज्ञापन
महेंद्र ने कई लोगों को बांट रखा था कर्ज
मंझनपुर (ब्यूरो)। महेन्द्र ने बालकमऊ गांव के दर्जनों लोगों को कर्ज दे रखा था। बताया जा रहा है कि करीब सात लाख रुपए उसने बांटे थे। आशंका जताई जा रही है कि कहीं ऐसा तो नहीं रुपया न लौटाने के लिए किसी ने उसे मौत के घाट उतार दिया हो। हालांकि पुलिस घटना को कई पहलुओं से जोड़कर चल रही है। आशनाई में भी कत्ल किए जाने की बात सामने आ रही है।
विज्ञापन