फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   दोआबा के हर तीसरे गांव में शराब का कारोबार

दोआबा के हर तीसरे गांव में शराब का कारोबार

Mon, 10 Jul 2017 08:19 PM IST
Updated Mon, 10 Jul 2017 08:19 PM IST
विज्ञापन
दोआबा के हर तीसरे गांव में शराब का कारोबार
मंझनपुर।
विज्ञापन

दोआबा के हर तीसरे गांव में कच्ची शराब का अवैध कारोबार चल रहा है। इससे अवैध कारोबारी मोटी रकम भी कमा रहे हैं वहीं विभाग का सर्च आपरेशन कागज तक सिमट चुका है। इक्का-दुक्का कार्रवाई कर आबकारी पुलिस खुद अपनी पीठ थपथपा लेती है। आजमगढ़ में जहरीली शराब पीने से 27 लोगों की हुई मौत के बाद यहां के जिम्मेदारों को कार्रवाई की सुध आई।

दोआबा की 20 लाख आबादी के बीच कच्ची शराब बनाने और बेचने का काला कारोबार अर्से से चल रहा है। 498 ग्राम सभाओं के बीच करीब दो सौ गांवों में महुआ की शराब दिन-रात बनती है। जिले में भी जहरीली शराब पीने कई हादसे हो चुके हैं। वैसे तो एक-दो पियक्कड़ों की आए दिन मौत होती रहती है। इसे या तो बीमारी से मौत बताकर टरका दिया जाता है। हादसों के बाद ही अफसरों की नींद टूटती है।
विज्ञापन


जिला प्रशासन और पुलिस अफसरों की अनदेखी के चलते गोरखधंधे में जुडे़ कारोबारी रोजाना सैकड़ों लीटर मौत की दवा बनाकर बेंच रहे हैं। आबकारी विभाग की सूची में सिर्फ सौ गांव और 10 कारोबारी हैं। यह कारोबारी शराब बनवाने और पड़ोसी जिलों से देसी मदिरा की खेप लाकर बेंचने का काम करते हैं। पुलिस की कार्रवाई में कई बार इसका खुलासा भी हो चुका है। सिविल पुलिस तो आए दिन शराब के साथ लोगों को दबोचती रहती है पर आबकारी विभाग की कार्रवाई कागज तक ही सिमट जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन



कौशाम्बी के हर तीसरे गांव में अवैध शराब का कारोबार
कागज में चल रहा आबकारी विभाग का सर्च आपरेशन


कौशाम्बी में भी जहरीली शराब से हो चुकी हैं मौतें
मंझनपुर (ब्यूरो)। कौशाम्बी की बनने और बिकने वाली देसी दारू कई लोगों की जान ले चुकी है। आठ अगस्त 2012 को कोखराज के ही करेंटी गांव के रोशनलाल और भुइयादीन की मौत जहरीली शराब पीने से हो गई थी। वर्ष 2007 में मलाक भयाल गांव में भी शराब एक युवक की जान ले चुकी है। 5 फरवरी 2015 को कोखराज के बिदनपुर गांव के चार लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत हो चुकी है। इसके बाद भी जिला प्रशासन के साथ पुलिस के अफसर चुप्पी साधे हुए है।



दोआबा में ऐसे तैयार होती है जहरीली शराब
मंझनपुर (ब्यूरो)। कच्ची शराब बनाकर बेंचने वाले कारोबारी पियक्कड़ों की सेहत दांव पर लगाने के लिए नहीं चूकते हैं। कम कीमत पर ज्यादा नशा देने के लिए महुआ के साथ स्प्रिट, थिनर के साथ यूरिया, ऑक्सीटोसीन इंजेक्शन, नींद की गोली, केमिकल मिलाकर जहरीली शराब तैयार करते हैं। इससे शराब पीने से लोग या तो मौत के गाल में समाते हैं या फिर गंभीर बीमारी से ग्रसित हो जाते हैं। सस्ती शराब के चक्कर में लोग अपनी जान गंवा बैठते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed