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2010 से सुलग रही थी अदावत की चिंगारी
अमर उजाला ब्यूरो,कौशाम्बी
Updated Fri, 17 Aug 2018 02:41 AM IST
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Murder
चंदूपुर अमराइन गांव में दोनों पक्षों के बीच करीब आठ साल से अदावत की चिंगारी सुलग रही है। एक बार प्रधानी चुनाव भी मृतक ईश्वरशरण के भतीजे की बदौलत मौजूदा प्रधान कमलेश चुनाव हार गए थे। इसके कारण इनके बीच अक्सर तू-तू-मैं-मैं भी हुआ करती थी। वर्ष 2010 में हुए पंचायत चुनाव में मौजूदा प्रधान कमलेश के सामने मृतक ईश्वरशरण का भतीजा लवकुश भी मैदान में उतरा था। ग्रामीणों के मुताबिक इस चुनाव में लवकुश के खड़े होने की वजह से ही कमलेश हार गए थे और हरंती देवी विजई हो गई थीं। फिर पिछले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कमलेश ने विरोधियों को परास्त करके प्रधानी हासिल की। पर, एक चुनाव हारने को लेकर उनकी लवकुश से तनातनी बनी हुई थी। दोनों परिवारों के बीच कई बार कहासुनी हो चुकी है। खड़ंजा निर्माण को लेकर भी करीब एक महीने से विवाद चल रहा था। गुरुवार को यह झगड़ा खून-खराबे तक पहुंच गया और दो लोगों को जान गंवानी पड़ी। गांव वालों का कहना है कि संभ्रांत लोगों ने समझौता कराने की कोशिश की थी। पर, पुरानी दुश्मनी होने की वजह से कोई भी पक्ष इसके लिए राजी नहीं हुआ। दोनों पक्ष झुकना नहीं चाहते थे। उनकी हठ ही इतनी बड़ी वारदात का सबब बन गई।
नेवादा। चंदूपुर अमरायन गांव में दोनों पक्षों के बीच खड़ंजे को लेकर करीब एक महीने से विवाद चल रहा था। मामला पुलिस के भी संज्ञान में था। इसके बाद भी पुलिस ने निपटारे का प्रयास नहीं किया। ग्रामीणों के मुताबिक पुलिस वाले प्रधान से मिलकर दूसरे पक्ष पर ही दबाव बनाते थे। इंस्पेक्टर तिल्हापुर पुलिस चौकी में शिकायत करने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते थे। पहले ही कार्रवाई कर दी गई होती तो शायद इतनी बड़ी घटना नहीं होती।
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों के घरों की तलाशी ली। इस दौरान मृतक ईश्वरशरण के घर से उसकी लाइसेंसी डीबीबीएल गन बरामद की गई। प्रधान के घर से एक तमंचा बरामद हुआ। एसपी ने बताया कि तलाशी में 315 व 312 बोर की करीब 20 कारतूस भी मिली है।
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दोहरे हत्याकांड के बाद चंदूपुर अमरायन गांव छावनी में तब्दील हो गया। एडीजी कई कोतवालियों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान करीब 20 उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया गया। वारदात के बाद से पीड़ित परिजनों के आंसू नहीं थम रहे हैं।
खड़ंजे के विवाद में दो लोगों की हत्या की खबर मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने पसीना छोड़ दिया। एसपी प्रदीप गुप्ता करारी, मंझनपुर, पश्चिमशरीरा, कौशाम्बी आदि कोतवालियों की फोर्स व पीएसी के साथ मौके पर पहुंच गए। कुछ देर बाद अपर पुलिस महानिदेशक एसएन सावंत ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। एडीजी और एसपी की अगुवाई में पुलिस ने घेराबंदी करके दोनों पक्षों के करीब 20 लोगों को हिरासत में ले लिया। सभी से पूछताछ की जा रही है। एसपी ने बताया कि जांच के बाद बेकसूरों को रिहा कर दिया जाएगा। नामजद आरोपियों के खिलाफ लिखापढ़ी कर उन्हें जेल भेजा जाएगा। उधर, वारदात के बाद से पीड़ित परिवारीजनों के आंसू नहीं थम रहे हैं। दोनों पक्षों के घर वालों का रो-रोकर हाल बेहाल है। दरअसल, पुलिस धरपकड़ कर रही थी, इसलिए पीड़ितों को कोई ढांढस बंधाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। मृतकों के परिजनों की चीखें पूरे गांव में गूंजती रहीं।
चंदूपुर अमराइन गांव में दोनों पक्षों के बीच खूनी संघर्ष पुलिस के सामने हुआ। मौके पर रहे दो सिपाहियों ने पहले तो दखल दिया। गोलियां तड़तड़ाने लगीं तो दोनों भाग खड़े हुए। इसकी जानकारी मिलते ही एसपी का पारा गरम हो गया है। उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक को जांच सौंप दी है। तिल्हापुर पुलिस चौकी में तैनात सिपाही मसीउद्दीन और रामकुमार कहासुनी शुरू होते ही चंदूपूर अमरायन पहुंच गए थे। ग्रामीणों के मुताबिक इन्हें प्रधान ने फोन करके बुलाया था। दोनों सिपाही प्रधान का पक्ष लेकर ही बोल भी रहे थे। मारपीट शुरू हो गई तो पहले सिपाहियों ने बीच-बचाव किया। खुद भी घायल हो गए और गोलियों की तड़तड़ाहट से गांव गूंजने लगा तो सिपाही भाग खड़े हुए। गांव वालों का कहना है कि शुरूआती दौर में ही सिपाहियों ने फोन करके कोतवाली की पुलिस को बुला लिया होता तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती। मामले में एसपी प्रदीप गुप्ता का कहना है कि एएसपी को प्रकरण की जांच सौंपी गई है। रिपोर्ट मिलते ही दोषी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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नेवादा। चंदूपुर अमरायन गांव में दोनों पक्षों के बीच खड़ंजे को लेकर करीब एक महीने से विवाद चल रहा था। मामला पुलिस के भी संज्ञान में था। इसके बाद भी पुलिस ने निपटारे का प्रयास नहीं किया। ग्रामीणों के मुताबिक पुलिस वाले प्रधान से मिलकर दूसरे पक्ष पर ही दबाव बनाते थे। इंस्पेक्टर तिल्हापुर पुलिस चौकी में शिकायत करने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते थे। पहले ही कार्रवाई कर दी गई होती तो शायद इतनी बड़ी घटना नहीं होती।
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घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों के घरों की तलाशी ली। इस दौरान मृतक ईश्वरशरण के घर से उसकी लाइसेंसी डीबीबीएल गन बरामद की गई। प्रधान के घर से एक तमंचा बरामद हुआ। एसपी ने बताया कि तलाशी में 315 व 312 बोर की करीब 20 कारतूस भी मिली है।
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दोहरे हत्याकांड के बाद चंदूपुर अमरायन गांव छावनी में तब्दील हो गया। एडीजी कई कोतवालियों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान करीब 20 उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया गया। वारदात के बाद से पीड़ित परिजनों के आंसू नहीं थम रहे हैं।
खड़ंजे के विवाद में दो लोगों की हत्या की खबर मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने पसीना छोड़ दिया। एसपी प्रदीप गुप्ता करारी, मंझनपुर, पश्चिमशरीरा, कौशाम्बी आदि कोतवालियों की फोर्स व पीएसी के साथ मौके पर पहुंच गए। कुछ देर बाद अपर पुलिस महानिदेशक एसएन सावंत ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। एडीजी और एसपी की अगुवाई में पुलिस ने घेराबंदी करके दोनों पक्षों के करीब 20 लोगों को हिरासत में ले लिया। सभी से पूछताछ की जा रही है। एसपी ने बताया कि जांच के बाद बेकसूरों को रिहा कर दिया जाएगा। नामजद आरोपियों के खिलाफ लिखापढ़ी कर उन्हें जेल भेजा जाएगा। उधर, वारदात के बाद से पीड़ित परिवारीजनों के आंसू नहीं थम रहे हैं। दोनों पक्षों के घर वालों का रो-रोकर हाल बेहाल है। दरअसल, पुलिस धरपकड़ कर रही थी, इसलिए पीड़ितों को कोई ढांढस बंधाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। मृतकों के परिजनों की चीखें पूरे गांव में गूंजती रहीं।
चंदूपुर अमराइन गांव में दोनों पक्षों के बीच खूनी संघर्ष पुलिस के सामने हुआ। मौके पर रहे दो सिपाहियों ने पहले तो दखल दिया। गोलियां तड़तड़ाने लगीं तो दोनों भाग खड़े हुए। इसकी जानकारी मिलते ही एसपी का पारा गरम हो गया है। उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक को जांच सौंप दी है। तिल्हापुर पुलिस चौकी में तैनात सिपाही मसीउद्दीन और रामकुमार कहासुनी शुरू होते ही चंदूपूर अमरायन पहुंच गए थे। ग्रामीणों के मुताबिक इन्हें प्रधान ने फोन करके बुलाया था। दोनों सिपाही प्रधान का पक्ष लेकर ही बोल भी रहे थे। मारपीट शुरू हो गई तो पहले सिपाहियों ने बीच-बचाव किया। खुद भी घायल हो गए और गोलियों की तड़तड़ाहट से गांव गूंजने लगा तो सिपाही भाग खड़े हुए। गांव वालों का कहना है कि शुरूआती दौर में ही सिपाहियों ने फोन करके कोतवाली की पुलिस को बुला लिया होता तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती। मामले में एसपी प्रदीप गुप्ता का कहना है कि एएसपी को प्रकरण की जांच सौंपी गई है। रिपोर्ट मिलते ही दोषी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।