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जिंदा को मृत दर्शाकर रोकी पेंशन
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Tue, 19 Jan 2016 11:44 PM IST
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तहसील क्षेत्र के नीमीशाना गांव में एक जिंदा अधेड़ को मृत दिखाकर उसकी पेंशन रोक दी गई है। कई महीने से पेंशन नहीं मिलने पर समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय पहुंचा। पता चला कि उसे मृत दिखा दिया गया है। मंगलवार को एसडीएम से शिकायत की। कर्मचारी अपने दायित्वों के प्रति कितने गंभीर हैं?
इसका उदाहरण विकास क्षेत्र के नीमी शाना गांव में देखने को मिला। गांव के विकलांग लवकुश पुत्र भुलई को विकलांग पेंशन योजना केतहत पेंशन दी जाती थी, लेकिन करीब छह महीने से उसके खाते में पेंशन नहीं भेजी जा रही है। उसने समाज कल्याण विभाग जाकर पड़ताल कराई, तो पता चला कि उसे मृत दर्शा दिया गया है।
भुक्तभोगी का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों के कहने पर ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी ने जान बूूझकर उसे कागजों पर मृतदिखा दिया है। मंगलवार को चायल तहसील पहुंच भुक्तभोगी ने एसडीएम से शिकायत की। उपजिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को जांच करके भुक्तभोगी के खाते में पेंशन हस्तांतरित कराने का निर्देश दिया है।
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इसका उदाहरण विकास क्षेत्र के नीमी शाना गांव में देखने को मिला। गांव के विकलांग लवकुश पुत्र भुलई को विकलांग पेंशन योजना केतहत पेंशन दी जाती थी, लेकिन करीब छह महीने से उसके खाते में पेंशन नहीं भेजी जा रही है। उसने समाज कल्याण विभाग जाकर पड़ताल कराई, तो पता चला कि उसे मृत दर्शा दिया गया है।
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भुक्तभोगी का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों के कहने पर ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी ने जान बूूझकर उसे कागजों पर मृतदिखा दिया है। मंगलवार को चायल तहसील पहुंच भुक्तभोगी ने एसडीएम से शिकायत की। उपजिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को जांच करके भुक्तभोगी के खाते में पेंशन हस्तांतरित कराने का निर्देश दिया है।
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