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‘कमीशन’ की गिरफ्तारी के लिए रिश्तेदारों पर शिकंजा
Wed, 20 Feb 2019 12:30 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Wed, 20 Feb 2019 12:30 AM IST
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कौशाम्बी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
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सरायअकिल। नेवादा विकास खंड के सुरसनी गांव के पूर्व प्रधान पर जानलेवा हमला करने के मुख्य आरोपी ग्राम प्रधान मीना देवी के पति ज्ञानेंद्र शुक्ला उर्फ कमीशन की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उसके रिश्तेदारों पर शिकंजा कस दिया है। पुलिस कमीशन घर के गेट का ताला तोड़कर उसकी कार उठा ले गई। ससुराल वालों को भी हिरासत में लिया गया है।
पूर्व प्रधान मनोज द्बिवेदी ने ग्राम सभा के विकास कार्यों में अनियमितता बरतने की शिकायत की थी। इस पर दो जनवरी को जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने प्रधान का खाता सीज कर दिया था। गांव में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। शनिवार को गांव में विकास कार्यों की जांच के लिए अफसर पहुंचे थे। अफसरों के सामने ही शिकायतकर्ता पूर्व प्रधान मनोज द्बिवेदी को हमलावरों ने गोली मार दी। मामले में प्रधान के पति ज्ञानेंद्र शुक्ला उर्फ कमीशन सहित 11 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले का केस दर्ज कराया गया। घटना के बाद से कमीशन के घरवाले ताला बंद कर फरार हैं। पुलिस ने कमीशन की तलाश में चित्रकूट व उसकी अन्य रिश्तेदारों के घर पर दबिश दी, लेकिन वह पकड़ा नहीं जा सका। कमीशन पर दबाव बनाने के लिए पुलिस ने उसके रिश्तेदारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कमीशन के ससुराल वालों को सरायअकिल पुलिस उठा लाई है। मंगलवार को पुलिस ने कमीशन के घर का गेट तोड़कर उसकी कार को कोतवाली में खड़ा करा दिया। इंस्पेक्टर पीके राय का कहना है कि आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द ही सभी को गिरफ्तार किया जाएगा।
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पूर्व प्रधान मनोज द्बिवेदी ने ग्राम सभा के विकास कार्यों में अनियमितता बरतने की शिकायत की थी। इस पर दो जनवरी को जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने प्रधान का खाता सीज कर दिया था। गांव में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। शनिवार को गांव में विकास कार्यों की जांच के लिए अफसर पहुंचे थे। अफसरों के सामने ही शिकायतकर्ता पूर्व प्रधान मनोज द्बिवेदी को हमलावरों ने गोली मार दी। मामले में प्रधान के पति ज्ञानेंद्र शुक्ला उर्फ कमीशन सहित 11 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले का केस दर्ज कराया गया। घटना के बाद से कमीशन के घरवाले ताला बंद कर फरार हैं। पुलिस ने कमीशन की तलाश में चित्रकूट व उसकी अन्य रिश्तेदारों के घर पर दबिश दी, लेकिन वह पकड़ा नहीं जा सका। कमीशन पर दबाव बनाने के लिए पुलिस ने उसके रिश्तेदारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कमीशन के ससुराल वालों को सरायअकिल पुलिस उठा लाई है। मंगलवार को पुलिस ने कमीशन के घर का गेट तोड़कर उसकी कार को कोतवाली में खड़ा करा दिया। इंस्पेक्टर पीके राय का कहना है कि आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द ही सभी को गिरफ्तार किया जाएगा।
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