धर्मांतरण मामला : आरिफ की करतूत पर शर्मसार है मिरदहन का पुरवा, पसरा सन्नाटा
लिव इन में रही मऊ जिले की चंदा सिंह की गला घोटकर मार डालने के आरोपी आरिफ को भले ही पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया लेकिन उसकी करतूत पर मिदरन का पुरवा गांव के लोग शर्मसार है।
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लिव इन में रही मऊ जिले की चंदा सिंह की गला घोटकर मार डालने के आरोपी आरिफ को भले ही पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया लेकिन उसकी करतूत पर मिदरन का पुरवा गांव के लोग शर्मसार है। घटना में आरिफ सहित 12 नामजद व सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिन लोगों को नामजद किया गया है वह आरिफ के करीबी रिश्तेदार हैं।
बलिया जिले के नगरा कोतवाली इलाके के चचया गांव की श्रीमती पत्नी राम सिंगार सिंह ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराया है कि उसकी बेटी चंदा की शादी मऊ जिला निवासी दुर्गेश सिंह के साथ हुई थी। करीब आठ साल पहले दुर्गेश की मौत हो गई। इसके बाद महेवाघाट कोतवाली के मिरदहन का पुरवा निवासी मो. आरिफ उसे कौशाम्बी में व्यापार करने का झांसा देकर अपने साथ लिवा लाया। चंदा अपनी दो बेटी सृष्टि व वर्षा के साथ यहां आ गई। आरोप है कि पिछले दिनों मिरदहन का पुरवा में पंचायत बुलाई गई। जिसमें आरिफ ने चंदा पर जबरन धर्मांतरण करने का दबाव बनाया।
चंदा के इन्कार करने पर उसे पंचायत में पीटा गया। इसके बाद चंदा अषाढ़ा स्थित अपने घर चली गई। वहां से आठ फरवरी को इलाज के बहाने लिव इन में रहा आरिफ उसे मिर्जापुर ले गया। 14 फरवरी को वह चंदा का शव लेकर अषाढ़ा पहुंचा था। इस मामले में चंदा की मां श्रीमती की तहरीर पर पुलिस ने आरिफ सहित आबिद अली, तरन्नुम बानो, तबस्सुम, हुसैन, वाजिद अली, अली अहमद, महमूद खान, महबूब, कुदरत, बन्ने, नवाब सहित 100 लोगों ने चंदा के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया।
मामले में आरिफ को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। जिन लोगों को नामजद किया गया है उनमें ज्यादातर लोग मिरदहन का पुरवा के रहने वालें हैं। घटना के बाद से मिरदहन का पुरवा गांव में अजीब सा सन्नाटा है। ज्यादातर लोग घरों से पलायन कर गए हैं। लोगों को पुलिस की दबिश का खतरा सता रहा है। इसके अलावा आरोपी आरिफ के जिन सगे-सम्बंधी को नामजद किया गया है वह भी घर से पलायन किए हुए हैं। मिरदहन का पुरवा गांव के लोग घटना के बाबत कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
इन लोगों का अता-पता
चंदा हत्याकांड में नामजद किए गए हुसैन, नवाब, महमूद खान, कुदरत नाम का मिरदहन का पुरवा गांव में कोई भी व्यक्ति नहीं है। इसके अलावा महबूब, बन्ने, अली अहमद मिरदहन का पुरवा के तो हैं, लेकिन वह लोग घटना से किसी तरह का सरोकार नहीं रख रहे।
पुलिस की गाड़ी देख कांप जाती है रूह
चंदा हत्याकांड के बाद जिन 12 नामजद व सौ अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया गया उसमें ज्यादातर लोग मिरदहन का पुरवा गांव के रहने वाले हैं। पुलिस ने घटना के मुख्य आरोपी आरिफ को तो गिरफ्तार कर लिया लेकिन अन्य लोग भागे हैं। मिरदहन का पुरवा गांव में जब पुलिस की गाड़ी पहुंचती है तो लोगों की रूह कांप जाती है। गाड़ी का सायरन सुन लोग दुबक जाते हैं। घटना के बाबत कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।
इनका कहना है
घटना के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रकरण की विवेचना की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। किसी निर्दोष को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। - योगेंद्र कृष्ण नारायण, सीओ सिटी