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बीमारी परोस रही दिन की गर्मी और रात की ठंड
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Thu, 09 Feb 2017 12:05 AM IST
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फरवरी के महीने में मौसम में आए बदलाव से घर-घर बीमारी पांव पसारने लगी है। दिन की कड़ी धूप और सुबह-शाम की ठिठुराने वाली गलन से खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की भीड़ अस्पतालों में बढ़ने लगी है। ऐसे में जरा सी लापरवाही लोगों के जान पर आफत बन सकती है। सबसे अधिक खतरा बच्चों व वृद्धों को है।
पांच फरवरी से मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। दिन में हो रही कड़ी धूप से बदन पर गर्म कपड़े रखना मुश्किल हो रहा है। शाम को स्थिति यह रहती है कि गर्म कपड़े न पहनने पर बदन कांपने लगता है। हर पहर बदल रहे मौसम के मिजाज ने गांव-गांव बीमारी परोसना शुरू कर दिया है। लोगों में खांसी, जुकाम, बुखार, सिर दर्द आदि सामान्य बीमारियों का तेजी से प्रकोप होना शुरू हो गया है। इसका अंदाजा पीएचसी, सीएचसी के अलावा जिला अस्पताल में लगने वाली मरीजों की भीड़ से लगाया जा सकता है।
सुबह से ही सामान्य बीमारियों की दवा लेने के लिए मरीजों की लंबी कतार जिला अस्पताल में लग जाती है। बुधवार के अस्पताल आए मरीजों की संख्या पर जाएं तो साढ़े आठ सौ से अधिक पाई गई। इन मरीजों में सबसे अधिक बच्चों व वृद्धों की संख्या देखने को मिल रही है। वृद्धों में सबसे अधिक समस्या दमा और अस्थमा रोगों की पाई जा रही है। माना जा रहा है कि सुबह-शाम ठंड और दिन में तेज धूप के साथ चल रही धूल भरी तेज हवाओं से इन बीमारियों में इजाफा हो रहा है। कुछ भी हो बदल रहे मौसम के मिजाज के दौरान यदि जरा सी लापरवाही हुई तो लोगों की जान पर आफत बन सकती है
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खराब मौसम में कैसे करें बचाव
दिन की गर्मी और रात की ठंड में लापरवाही किसी के लिए भी जानलेवा हो सकती है। जिला अस्पताल के प्रभारी संयुक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दीपक सेठ ने बीमारी से बचने के लिए लोगों को कुछ सावधानियां बताई हैं।
सुबह शाम घर से निकलने पर गर्म कपड़े जरूर पहने।
दिन में चलने वाली धूल भरी हवाओं से बचने के लिए गमछा या हेलमेट प्रयोग करें।
वृद्ध और बच्चे सुबह-शाम मौसम के अनुरूप ही वस्त्र पहनें।
सड़क किनारे स्थित दुकानों का खुला खाद्य पदार्थ कत्तई न खाएं।
बीमार होने पर तत्काल नजदीकी अस्पताल से दवा लें।
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पांच फरवरी से मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। दिन में हो रही कड़ी धूप से बदन पर गर्म कपड़े रखना मुश्किल हो रहा है। शाम को स्थिति यह रहती है कि गर्म कपड़े न पहनने पर बदन कांपने लगता है। हर पहर बदल रहे मौसम के मिजाज ने गांव-गांव बीमारी परोसना शुरू कर दिया है। लोगों में खांसी, जुकाम, बुखार, सिर दर्द आदि सामान्य बीमारियों का तेजी से प्रकोप होना शुरू हो गया है। इसका अंदाजा पीएचसी, सीएचसी के अलावा जिला अस्पताल में लगने वाली मरीजों की भीड़ से लगाया जा सकता है।
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सुबह से ही सामान्य बीमारियों की दवा लेने के लिए मरीजों की लंबी कतार जिला अस्पताल में लग जाती है। बुधवार के अस्पताल आए मरीजों की संख्या पर जाएं तो साढ़े आठ सौ से अधिक पाई गई। इन मरीजों में सबसे अधिक बच्चों व वृद्धों की संख्या देखने को मिल रही है। वृद्धों में सबसे अधिक समस्या दमा और अस्थमा रोगों की पाई जा रही है। माना जा रहा है कि सुबह-शाम ठंड और दिन में तेज धूप के साथ चल रही धूल भरी तेज हवाओं से इन बीमारियों में इजाफा हो रहा है। कुछ भी हो बदल रहे मौसम के मिजाज के दौरान यदि जरा सी लापरवाही हुई तो लोगों की जान पर आफत बन सकती है
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खराब मौसम में कैसे करें बचाव
दिन की गर्मी और रात की ठंड में लापरवाही किसी के लिए भी जानलेवा हो सकती है। जिला अस्पताल के प्रभारी संयुक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दीपक सेठ ने बीमारी से बचने के लिए लोगों को कुछ सावधानियां बताई हैं।
सुबह शाम घर से निकलने पर गर्म कपड़े जरूर पहने।
दिन में चलने वाली धूल भरी हवाओं से बचने के लिए गमछा या हेलमेट प्रयोग करें।
वृद्ध और बच्चे सुबह-शाम मौसम के अनुरूप ही वस्त्र पहनें।
सड़क किनारे स्थित दुकानों का खुला खाद्य पदार्थ कत्तई न खाएं।
बीमार होने पर तत्काल नजदीकी अस्पताल से दवा लें।