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Kaushambi News: गर्मी में धूप से दूर हुए बच्चे, सूखा रोग के शिकार हो रहे बच्चे

Fri, 28 Jun 2024 03:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Fri, 28 Jun 2024 03:58 AM IST
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Children away from sunlight in summer are becoming victims of rickets.
गर्मी में माता-पिता बच्चों को धूप में निकलने नहीं दे रहे हैं। शरीर तक धूप की किरणें नहीं पहुंचने के कारण बच्चे सूखा रोग की गिरफ्त में आ रहे हैं। ऐसे बच्चों को लेकर परिजन इलाज कराने मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में सूखा रोग से ग्रसित 25 बच्चे पहुंच रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रो. डाॅ. अनिल कुमार ने बताया कि शिशुओं के विकास में विटामिन की बहुत उपयोगिता है। विटामिन डी की कमी से बच्चे सूखा रोग का शिकार हो जाते हैं। हड्डी टेढ़ी होने और पसली के पास गांठ जैसी बन जाती है। इसलिए मां के दूध के साथ शिशुओं को विटामिन डी की भी खुराक जरूरी है। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा विटामिन डी सूर्य की किरणों से मिलता है। बच्चों को सूर्य उदय होने के आधे घंटे बाद धूप में रखना चाहिए। जब उसे पसीना आने लगे तो छाया में रख देना चाहिए। थोड़ी देर बाद घर के अंदर कर देना चाहिए। इससे बच्चों में न तो विटामिन डी की कमी होगी और न ही सूखा रोग होगा।
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इनसेट
सूखा रोग और कुपोषण में क्या है अंतर
मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल ने कहा कि सूखा रोग और कुपोषण में लोग अंतर नहीं समझते हैं। लोगाें की नजर में जो बच्चे कमजोर होते हैं उन्हें सूखा रोग का शिकार मान लिया जाता है। ऐसा भी नहीं है, सूखा रोग होने पर बच्चों की हड्डी टेढ़ी होने लगती है। छाती निकलने लगती है। पसलियों के पास कहीं गड्ढे तो कहीं गांठ बनने लगते हैं।
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क्या करें
- नवजात को समय-समय पर मां स्तनपान कराए।
-सरकारी अस्पताल से मिलने वाली विटामिन डी का खुराक पिलाएं।
- बड़े बच्चों को समय-समय पर दूध दें।
-बच्चों को रोज कुछ समय के लिए धूप में खेलने भेजें ताकि स्किन सनलाइट को अब्जॉर्व कर सके और विटामिन-डी बना सके।
-डाइट में ऐसे भोेजन शामिल करें जिनमें विटामिन-डी मौजूद हो, जैसे- मशरूम, अंडे की जर्दी, कॉड लिवर ऑयल, फैटी फिश (साल्मन, सार्डिन, मैकरल आदि)।
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