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Kaushambi News: नहरें सूखी, बिजली बेपटरी, धान की नर्सरी पर छाया संकट
Tue, 02 Jun 2026 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 02 Jun 2026 12:29 AM IST
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सुरेंद्र कुमार
खरीफ सीजन की शुरुआत में ही किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नहरों में पानी न आने और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति चरमराने से धान की नर्सरी तैयार करना चुनौती बन गया है। समय पर नर्सरी न तैयार होने से रोपाई प्रभावित होने और उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका से किसान चिंतित हैं।
करारी माइनर दीवर कोतारी होते हुए करीब 10 किलोमीटर तक नहर इन दिनों पूरी तरह सूखी पड़ी है। इसी तरह बेचौंचा माइनर से होते किशुनपुर कैनाल से होते करीब 12 किलोमीटर तक नहर में पानी न आने से क्षेत्र के हजारों किसान धान की नर्सरी तैयार नहीं कर पा रहे हैं।
जून के पहले सप्ताह में अधिकांश किसान धान की नर्सरी डालने की तैयारी करते हैं, लेकिन इस बार सिंचाई के संसाधनों की कमी उनके सामने बड़ी समस्या बन गई है। दीवर कोतारी गांव निवासी किसान सुभाष कुमार, रामसजीवन और गणेश प्रसाद का कहना है कि करारी माइनर जब से बनी है कुछ दूर तक पानी जाता है, बाकि हमेशा सफाई ही होती रहती है कभी टेल तक पानी नहीं पहुंचता।
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नहरों में पानी नहीं आने के साथ ही बिजली आपूर्ति भी नियमित नहीं है। ऐसे में ट्यूबवेल और सबमर्सिबल पंप भी पर्याप्त समय तक नहीं चल पा रहे हैं।
करारी माइनर में अभी तक पानी नहीं छोड़ा गया है। नर्सरी डालने का समय निकल रहा है। निजी साधनों से सिंचाई करना महंगा पड़ रहा है। - धनराज यादव, किसान
बिजली की कटौती के कारण ट्यूबवेल पर्याप्त समय तक नहीं चल पा रहे हैं। मौजूदा स्थिति में खेती का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। - बैजनाथ, किसान
धान की खेती पूरी तरह समय पर सिंचाई पर निर्भर है। नहर सूखने से खेत तैयार नहीं हो पा रहे हैं। विभाग को जल्द पानी छोड़ना चाहिए। - सुरेंद्र कुमार
करारी माइनर में पानी छोड़े जाने की प्रक्रिया चल रही है। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार जल्द ही नहरों में पानी उपलब्ध कराया जाएगा। किसानों को सिंचाई संबंधी समस्या न हो, इसके लिए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। - समिति सिंह, एई सिंचाई विभाग
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करारी माइनर दीवर कोतारी होते हुए करीब 10 किलोमीटर तक नहर इन दिनों पूरी तरह सूखी पड़ी है। इसी तरह बेचौंचा माइनर से होते किशुनपुर कैनाल से होते करीब 12 किलोमीटर तक नहर में पानी न आने से क्षेत्र के हजारों किसान धान की नर्सरी तैयार नहीं कर पा रहे हैं।
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जून के पहले सप्ताह में अधिकांश किसान धान की नर्सरी डालने की तैयारी करते हैं, लेकिन इस बार सिंचाई के संसाधनों की कमी उनके सामने बड़ी समस्या बन गई है। दीवर कोतारी गांव निवासी किसान सुभाष कुमार, रामसजीवन और गणेश प्रसाद का कहना है कि करारी माइनर जब से बनी है कुछ दूर तक पानी जाता है, बाकि हमेशा सफाई ही होती रहती है कभी टेल तक पानी नहीं पहुंचता।
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नहरों में पानी नहीं आने के साथ ही बिजली आपूर्ति भी नियमित नहीं है। ऐसे में ट्यूबवेल और सबमर्सिबल पंप भी पर्याप्त समय तक नहीं चल पा रहे हैं।
करारी माइनर में अभी तक पानी नहीं छोड़ा गया है। नर्सरी डालने का समय निकल रहा है। निजी साधनों से सिंचाई करना महंगा पड़ रहा है। - धनराज यादव, किसान
बिजली की कटौती के कारण ट्यूबवेल पर्याप्त समय तक नहीं चल पा रहे हैं। मौजूदा स्थिति में खेती का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। - बैजनाथ, किसान
धान की खेती पूरी तरह समय पर सिंचाई पर निर्भर है। नहर सूखने से खेत तैयार नहीं हो पा रहे हैं। विभाग को जल्द पानी छोड़ना चाहिए। - सुरेंद्र कुमार
करारी माइनर में पानी छोड़े जाने की प्रक्रिया चल रही है। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार जल्द ही नहरों में पानी उपलब्ध कराया जाएगा। किसानों को सिंचाई संबंधी समस्या न हो, इसके लिए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। - समिति सिंह, एई सिंचाई विभाग

सुरेंद्र कुमार

सुरेंद्र कुमार

सुरेंद्र कुमार

सुरेंद्र कुमार