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कौशांबी: 26 गांवों की खतौनी निकालने पर रोक, भटक रहे किसान
Tue, 14 Feb 2023 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 14 Feb 2023 12:50 AM IST
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26 गांवों की खतौनी निकालने पर रोक, भटक रहे किसान
नए साफ्टवेयर को अमल में लाने के लिए मुख्यालय से लगाई गई रोक
ग्रामीणों लगा रहे जन सुविधा केंद्रों और तहसीलों के चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर/बारा। किसी को किसान क्रेडिट कार्ड बनवाना है, तो किसी को नलकूप की बोरिंग के लिए आवेदन करना है, लेकिन खतौनी नहीं मिल रही है। लोग कभी जनसेवा केंद्र जाते हैं, तो कभी तहसील। जनपद के 26 गांवों के लोग खतौनी के लिए पिछले 15 दिनों से इधर-उधर भटक रहे हैं। कहीं से कोई हल नहीं निकल रहा है।
मंझनपुर, सिराथू और चायल तीन तहसीलों में आबाद, गैर आबाद और चकबंदी के मिलाकर कुल 801 राजस्व गांव हैं। अक्सर लोगों को किसी न किसी काम के लिए अपनी भूमि की खतौनी की जरूरत पड़ती है। पहले तहसीलों से ही खतौनी दी जाती थी, लेकिन अब यह व्यवस्था ऑन लाइन हो गई है। तहसील के अलावा किसी भी जन सुविधा केंद्र से काश्तकार खतौनी निकलवा सकते हैं। जिस साफ्टवेयर पर खतौनी से जुड़े काम होते हैं, महकमा समय-समय पर उन्हें अपडेट करता रहता है।
बताया जाता है कि इस समय भी वही काम शासन स्तर से चल रहा है। इसी के चलते 65 राजस्व गांवों की खतौनी जारी करने पर करीब 15 दिन से रोक लगी हुई थी। इसमें से 39 गांवों की खतौनी अब जारी होने लगी है, लेकिन 26 गांव अब भी बाकी हैं। मोज्जमपुर, अहमदपुर, कुतबुद्दीनपुर, महिला कछार, रायपुर कछार, बेरौंचा कछार, जरिहा आदि गांवों के लोगों को खतौनी पाने के लिए जनसेवा केंद्रों और तहसीलों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
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किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए खतौनी की जरूरत है। 20 दिन से सहज जन सेवा केंद्र के चक्कर काट रहा हूं। तहसील भी गया था, लेकिन खतौनी नहीं मिल पाई।-सोमनाथ मिश्रा, बेरौंचा
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खेत में नलकूप की बोरिंग करवाना है। इसके लिए खतौनी चाहिए। एक महीने से सहज जनसेवा केंद्र का चक्कर लगा रहे हैं। हर बार बताया जाता है कि खतौनी जारी करने पर रोक है।- इसरार अहमद, कोसम इनाम
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वर्जन
कुछ गांवों की खतौनी जारी नहीं हो पा रही है। उच्च स्तर से ही इसमें रोक लगी हुई है। उम्मीद है कि जल्द ही समस्या दूर हो जाएगी।- प्रखर उत्तम, एसडीएम, सदर
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नए साफ्टवेयर को अमल में लाने के लिए मुख्यालय से लगाई गई रोक
ग्रामीणों लगा रहे जन सुविधा केंद्रों और तहसीलों के चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर/बारा। किसी को किसान क्रेडिट कार्ड बनवाना है, तो किसी को नलकूप की बोरिंग के लिए आवेदन करना है, लेकिन खतौनी नहीं मिल रही है। लोग कभी जनसेवा केंद्र जाते हैं, तो कभी तहसील। जनपद के 26 गांवों के लोग खतौनी के लिए पिछले 15 दिनों से इधर-उधर भटक रहे हैं। कहीं से कोई हल नहीं निकल रहा है।
मंझनपुर, सिराथू और चायल तीन तहसीलों में आबाद, गैर आबाद और चकबंदी के मिलाकर कुल 801 राजस्व गांव हैं। अक्सर लोगों को किसी न किसी काम के लिए अपनी भूमि की खतौनी की जरूरत पड़ती है। पहले तहसीलों से ही खतौनी दी जाती थी, लेकिन अब यह व्यवस्था ऑन लाइन हो गई है। तहसील के अलावा किसी भी जन सुविधा केंद्र से काश्तकार खतौनी निकलवा सकते हैं। जिस साफ्टवेयर पर खतौनी से जुड़े काम होते हैं, महकमा समय-समय पर उन्हें अपडेट करता रहता है।
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बताया जाता है कि इस समय भी वही काम शासन स्तर से चल रहा है। इसी के चलते 65 राजस्व गांवों की खतौनी जारी करने पर करीब 15 दिन से रोक लगी हुई थी। इसमें से 39 गांवों की खतौनी अब जारी होने लगी है, लेकिन 26 गांव अब भी बाकी हैं। मोज्जमपुर, अहमदपुर, कुतबुद्दीनपुर, महिला कछार, रायपुर कछार, बेरौंचा कछार, जरिहा आदि गांवों के लोगों को खतौनी पाने के लिए जनसेवा केंद्रों और तहसीलों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
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किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए खतौनी की जरूरत है। 20 दिन से सहज जन सेवा केंद्र के चक्कर काट रहा हूं। तहसील भी गया था, लेकिन खतौनी नहीं मिल पाई।-सोमनाथ मिश्रा, बेरौंचा
खेत में नलकूप की बोरिंग करवाना है। इसके लिए खतौनी चाहिए। एक महीने से सहज जनसेवा केंद्र का चक्कर लगा रहे हैं। हर बार बताया जाता है कि खतौनी जारी करने पर रोक है।- इसरार अहमद, कोसम इनाम
वर्जन
कुछ गांवों की खतौनी जारी नहीं हो पा रही है। उच्च स्तर से ही इसमें रोक लगी हुई है। उम्मीद है कि जल्द ही समस्या दूर हो जाएगी।- प्रखर उत्तम, एसडीएम, सदर