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Kaushambi News: गैर इरादतन हत्या में दंपती समेत तीन की जमानत अर्जी खारिज
Thu, 04 Apr 2024 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 04 Apr 2024 01:29 AM IST
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गैर इरादतन हत्या में दंपती समेत तीन की जमानत अर्जी खारिज
मंझनपुर। जिला जज अनुपम कुमार ने बुधवार को सरायअकिल कोतवाली क्षेत्र में गैर इरादतन हत्या के आरोपी दंपती समेत तीन की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
वादी अभियोजन के अनुसार 17 फरवरी 2024 को सरायअकिल कोतवाली के दिया उपरहार गांव में बच्चों के विवाद को लेकर दो गुटों में जमकर मारपीट हुई थी। घटना में हरीलाल निषाद को सिर में गंभीर चोटें आई थी। इलाज के दौरान हरीलाल की मौत हो गई थी। मामले में वादी राजकुमार निषाद ने गांव के ही बड़कू, उसकी पत्नी शांति देवी व शिवकली पत्नी गुड्डू के खिलाफ नामजद मुकदमा कराया था। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करके 19 फरवरी 2024 को जेल भेज दिया था। आरोपी बड़कू, पत्नी शांति देवी व शिवकली की ओर से अलग-अलग दाखिल जमानत अर्जियों पर बुधवार को जिला जज की अदालत में बहस हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपियों को निर्दोष बताते हुए जमानत की याचना की। राज्य सरकार की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता सोमेश्वर तिवारी ने घटना को गंभीर बताते हुए जमानत का विरोध किया। दोनों ओर से की गई बहस को सुनने व पुलिस केस डायरी देखने के बाद कोर्ट ने तीनों आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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मंझनपुर। जिला जज अनुपम कुमार ने बुधवार को सरायअकिल कोतवाली क्षेत्र में गैर इरादतन हत्या के आरोपी दंपती समेत तीन की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
वादी अभियोजन के अनुसार 17 फरवरी 2024 को सरायअकिल कोतवाली के दिया उपरहार गांव में बच्चों के विवाद को लेकर दो गुटों में जमकर मारपीट हुई थी। घटना में हरीलाल निषाद को सिर में गंभीर चोटें आई थी। इलाज के दौरान हरीलाल की मौत हो गई थी। मामले में वादी राजकुमार निषाद ने गांव के ही बड़कू, उसकी पत्नी शांति देवी व शिवकली पत्नी गुड्डू के खिलाफ नामजद मुकदमा कराया था। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करके 19 फरवरी 2024 को जेल भेज दिया था। आरोपी बड़कू, पत्नी शांति देवी व शिवकली की ओर से अलग-अलग दाखिल जमानत अर्जियों पर बुधवार को जिला जज की अदालत में बहस हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपियों को निर्दोष बताते हुए जमानत की याचना की। राज्य सरकार की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता सोमेश्वर तिवारी ने घटना को गंभीर बताते हुए जमानत का विरोध किया। दोनों ओर से की गई बहस को सुनने व पुलिस केस डायरी देखने के बाद कोर्ट ने तीनों आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।