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Umesh Pal Hatyakand : अतीक के गुर्गो पर मेहरबानी पड़ी भारी, सीओ का तबादला, थानाध्यक्ष व चौकी प्रभारी सस्पेंड

Mon, 03 Apr 2023 09:49 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 03 Apr 2023 09:49 PM IST
सार

उमेश पाल की हत्या कर फरार शूटरों की मदद करना सीओ चायल समेत थानाध्यक्ष व चौकी प्रभारी को भारी पड़ा। एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने सीओ चायल का जहां आंकिक शाखा में तबादला किया। वहीं, थानाध्यक्ष संदीपनघाट व हर्रायपुर चौकी प्रभारी को सस्पेंड कर दिया।

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Atiq henchmen were showered with kindness, CO transferred, police station chief and outpost in-charge suspen
कार्रवाई: चौकी प्रभारी निलंबित (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उमेश पाल की हत्या कर फरार शूटरों की मदद करना सीओ चायल समेत थानाध्यक्ष व चौकी प्रभारी को भारी पड़ा। एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने सीओ चायल का जहां आंकिक शाखा में तबादला किया। वहीं, थानाध्यक्ष संदीपनघाट व हर्रायपुर चौकी प्रभारी को सस्पेंड कर दिया। माना जा रहा है कि बसेढ़ी गांव में माफिया अतीक के बहनोई की जो कार लावारिस हालत में मिली थी, उसी से शूटर मेरठ के लिए भागे थे। पुलिस कार बरामद होने के बाद सप्ताह भर तक मामले को छिपाए रही। बाद में लावारिस में दाखिल कर कार्रवाई से इतिश्री कर ली।

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24 फरवरी को प्रयागराज में उमेश पाल व उनके दो सरकारी सुरक्षा कर्मियों की हत्या कर दी गई थी। घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई थी। वारदात के बाद माफिया अतीक के शूटर अलग-अलग रास्तों से भागे थे। इस दौरान 28 फरवरी को संदीपनघाट कोतवाली के बसेढ़ी गांव के समीप एक लावारिस कार मिली। कार लॉक करके सवार भाग निकले थे। चर्चा रही कि कार का इस्तेमाल फरार होने के दौरान किया था।

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हिरासत में लिए गए लोगों को तीन दिन बाद छोड़ा

स्थानीय लोगों की सूचना पर हर्रायपुर चौकी के प्रभारी केके यादव फोर्स के साथ पहुंचे और कार को चौकी उठा लाए। इस दौरान बसेढ़ी गांव के दो संदिग्ध लोग भी पुलिस अपने साथ ले गई। तीन दिन तक पकड़े गए लोगों को चौकी में बैठाए रखने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। छह मार्च को बरामद कार लावारिस में दाखिल कर दिया गया। कार का नंबर ट्रेस किया गया वह मेरठ निवासी अखलाक का निकला।

पुलिस ने कार का नंबर ट्रेस होने के बाद मालिक के बाबत पता करना मुनासिब नहीं समझा। यहां तक की कार बरामद होने के बाद उसकी जानकारी अफसरों तक को नहीं दी गई। इस दौरान प्रयागराज एसटीएफ और सहारनपुर जिले के नौचंदी पुलिस की मदद से डॉ. अखलाक को गिरफ्तार किया। अखलाक माफिया अतीक का बहनोई है और वह मेरठ के अब्दुल्लापुर सीएचसी में चिकित्सक है।

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कार में अखलाक के साथ सवार था गुड्डू मुस्लिम

पुलिस सूत्रों की मानें तो अखलाक ने कुबूल किया कि कौशाम्बी के संदीपनघाट कोतवाली के बसेढ़ी गांव के समीप बरामद कार उसी की थी। कार में उसके साथ उमेश पाल हत्याकांड का शूटर गुड्डू मुस्लिम व दो अन्य शूटर थे। पुलिस ने उमर की तलाश में डॉ. अखलाक के घर पर दबिश दी, लेकिन वह कुछ देर पहले ही भाग चुका था। इस खुलासे के बाद एसपी ने सीओ चायल श्यामकांत को तत्काल प्रभाव से उन्हें वहां से हटा दिया। सीओ को क्षेत्राधिकारी आंकिक बनाया गया है। इसके अलावा संदीपन घाट थानाध्यक्ष राकेश राय व चौकी प्रभारी केके यादव को सस्पेंड कर दिया।

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कार के पास से पकड़ा गया था माफिया का बावर्ची

28 फरवरी को जब हर्रायपुर चौकी पुलिस ने कार बरामद किया तो गांव के मुन्ना मंसूरी समेत दो लोग पकड़े गए थे। चर्चा रही कि मुन्ना माफिया अतीक के घर पर बावर्ची का काम करता था। घटना वाले दिन वह भी कार में था। उसके साथ कार में पांच लाख का इनामियां शूटर गुड्डू मुस्लिम व उमर भी था। बसेढ़ी के पास अचानक कार में कुछ खराबी आ गई। इसके बाद गुड्डू व उमर रोडवेज बस से मेरठ रवाना हो गए।

वह लोग कार बनवाकर उसे सहीं ठिकाने पर पहुंचाने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस विभाग से जुड़े सूत्रों की मानें तो इसकी जानकारी सीओ चायल से लेकर थानाध्यक्ष तक को थी। इसके बाद भी मुन्ना को छोड़ दिया गया। चर्चा रही कि मुन्ना को छोड़ने के एवज में पुलिस ने मोटी रकम भी वसूली थी। अगर पुलिस उसी दिन डॉ. अखलाक के घर दबिश देती तो शायद गुड्डू मुस्लिम व उमर पकड़े जा सकते थे।

अमर उजाला ने पहले ही कर दिया था खुलासा

संदीपनघाट कोतवाली के बसेढ़ी गांव के समीप 28 फरवरी को बरामद कार के बाबत अमर उजाला ने पहले ही खुलासा कर दिया था। सात मार्च के अंक में पुलिस ने कार बरामद होने की खबर प्रकाशित की। इसके बाद उमेश पाल हत्याकांड में शामिल रहे शूटर साबिर के भाई जाकिर के शव मिलने के बाद अमर उजाला ने 11 मार्च के अंक में बरामद कार में जाकिर के होने का अंदेशा जाहिर किया था। पुलिस ने जाकिर के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली तो उसमें साबिर सहित कई संदिग्धों से इंटरनेट कॉलिंग की बात सामने आई। इसके बाद ही एसटीएफ ने कोखराज के सिहोरी से अबु जैद व राला से कादिर को गिरफ्तार किया। यह लोग भी माफिया अतीक के बेटे असद द्वारा बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप शेर-ए-अतीक से जुड़े थे।

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