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Kaushambi : अस्पताल में रात को नहीं मिलते एनेस्थीसिया और सर्जन, वीआईपी मरीज के लिए बाहर से बुलाते हैं डॉक्टर

Thu, 06 Mar 2025 01:58 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कौशाम्बी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशाम्बी Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 06 Mar 2025 01:58 PM IST
सार

मेडिकल कॉलेज के एमसीएचसी विंग और मुख्य अस्पताल में रात के समय एनेस्थीसिया और सर्जन नहीं मिलते हैं। जबकि यहां पर आधा दर्जन से अधिक सर्जन हैं तो वहीं चार स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। इसी तरह अस्पताल में पांच एनेस्थीसिया के होते हुए भी रात को ऑपरेशन नहीं होते है।

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Anesthesia and surgeons are not available at night in the hospital, doctors are called from outside for VIP
मेडिकल कॉलेज कौशाम्बी। - फोटो : संवाद।

विस्तार

मेडिकल कॉलेज के एमसीएचसी विंग और मुख्य अस्पताल में रात के समय एनेस्थीसिया और सर्जन नहीं मिलते हैं। जबकि यहां पर आधा दर्जन से अधिक सर्जन हैं तो वहीं चार स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। इसी तरह अस्पताल में पांच एनेस्थीसिया के होते हुए भी रात को ऑपरेशन नहीं होते है। यहां पर अगर मरीज आता है, तो इस स्थिति में मरीज रातभर तड़पता रहे या तो तीमारदार उन्हें निजी अस्पताल ले जाने के लिए मजबूर होते हैं। 

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मेडिकल कॉलेज के मुख्य अस्पताल और एमसीएच विंग में रात में नही है, ऑपरेशन का इंतजाम क्योंकि यहां तो डॉक्टरों की भरमार है लेकिन शाम चार बजने के बाद एक भी डॉक्टर आपको नहीं मिलेंगे, इसी तरह रात में अगर प्रसव पीड़ा से कोई प्रसूता की हालत नाजुक हुई और उसे ऑपरेट करना पड़े तो विभाग के पास रात में न तो गायनी के डॉक्टर हैं और न ही एनेस्थीसिया नहीं मिलते तब मौके पर मौजूद पैरामेडिकल स्टाफ अनाकानी करते हुए मरीज को रेफर कर देते हैं।
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इस दौरान अगर कोई वीआईपी मरीज आया तो प्रशासन उनका ऑपरेशन उधारी के डॉक्टरों से करवाते हैं। वहीं बिना सिफारिस के मरीजों आनाकानी करते रेफर कर देते हैं। ऐसे में अगर मरीज गंभीर है तो उसे मजबूरन प्राइवेट अस्पताल में ऑपरेशन कराना पड़ता है।
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मेडिकल कॉलेज में रात के समय चिकित्सकों का होना जरूरी हैं। यदि रात डॉक्टर नहीं रहते हैं तो यह गंभीर विषय है। रात में डॉक्टर को अस्पताल में रहना पड़ेगा। इसकी जांच कराते हुए रिपोर्ट मांगी जाएगी। - मधुसूदन हुल्गी, डीएम

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