UP : खेत में मिट्टी की खुदाई के दौरान मिलीं प्राचीन मूर्तियां, मंदिर में रखकर पूजा पाठ कर रहे ग्रामीण
बक्शी तारा गांव के परमेश्वर तिवारी ने अपने खेत की मिट्टी एक भट्ठा संचालक को बेच दी थी। संचालक उसी खेत में मंगलवार की रात जेसीबी से मिट्टी की खुदाई करवा रहे थे। खुदाई के दौरान जेसीबी से टकरा कर दो पत्थर बाहर निकल आए।
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विकासखंड कौशाम्बी के एक गांव में बुधवार की भोर में खेत से मिट्टी खोदाई के दौरान जेसीबी से टकरा कर एक प्राचीन शिला मूर्ति मिली है। उसी के साथ एक पत्थर भी मिला है। ग्रामीण उसे सिंघासन बता रहे है॒। इसकी सूचना जेसीबी संचालक मुकेश यादव ने ग्रामीणों को दी तो लोग दर्शन करने के लिए इकट्ठा हो गए।
क्षेत्र के बक्शी तारा गांव के परमेश्वर तिवारी ने अपने खेत की मिट्टी एक भट्ठा संचालक को बेच दी थी। संचालक उसी खेत में मंगलवार की रात जेसीबी से मिट्टी की खुदाई करवा रहे थे। खुदाई के दौरान जेसीबी से टकरा कर दो पत्थर बाहर निकल आए। जेसीबी संचालक जब करीब जाकर देखा और पत्थर को ट्रैक्टर चालकों से साफ करवाया तो मूर्ति नजर आई। उसने इसकी सूचना खेत मालिक परमेश्वर त्रिपाठी को दी।
सूचना मिलते ही परमेश्वर त्रिपाठी व उनके परिवार के नीरज त्रिपाठी, सुरेन्द्र त्रिपाठी सहित गांव के लोग खेत पहुंच गए और मूर्ति को लाकर गांव के काली माता मंदिर में रख कर पूजा अर्चना शुरू कर दिया है। सुबह होते ही मूर्ति मिलने की बात गांव वालों को भी पता चली तो दर्शन के लिए लोगों की भीड़ लग गई। मूर्ति ढाई फिट ऊंची बताई जा रही है। यह मूर्ति किसकी है और कितनी पुरानी है यह कोई नहीं बता पा रहा है।
जिस स्थान से मिली प्राचीन मूर्ति पूर्व में थी बंजारों की बस्ती
गांव के केशव देव और शिवकरन यादव बताते हैं कि जिस स्थान से मूर्ति मिली है, वहां पर पूर्व में बंजारों की बस्ती थी। यह जानकारी उनको पूर्वजों द्वारा दी गई थी। मूर्ति में उकेरी गई कला आकृति में पैर के नीचे लम्बी सींग वाले भैंसे का सर दबा है और दाहिने हाथ में भाले से भैंसें के गर्दन में चुभाया गया दिख रहा है।