फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   Ancient idols found during digging of soil in the field, villagers worshiping by placing them in the temple

UP : खेत में मिट्टी की खुदाई के दौरान मिलीं प्राचीन मूर्तियां, मंदिर में रखकर पूजा पाठ कर रहे ग्रामीण

Wed, 28 Jun 2023 05:24 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 28 Jun 2023 05:24 PM IST
सार

बक्शी तारा गांव के परमेश्वर तिवारी ने अपने खेत की मिट्टी एक भट्ठा संचालक को बेच दी थी। संचालक उसी खेत में मंगलवार की रात जेसीबी से मिट्टी की खुदाई करवा रहे थे। खुदाई के दौरान जेसीबी से टकरा कर दो पत्थर बाहर निकल आए।

विज्ञापन
Ancient idols found during digging of soil in the field, villagers worshiping by placing them in the temple
कौशांबी में मिट्टी की खुदाई के दौरान खेत से मिली प्राचीन शिला मूर्ति। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

विकासखंड कौशाम्बी के एक गांव में बुधवार की भोर में खेत से मिट्टी खोदाई के दौरान जेसीबी से टकरा कर एक प्राचीन शिला मूर्ति मिली है। उसी के साथ एक पत्थर भी मिला है। ग्रामीण उसे सिंघासन बता रहे है॒। इसकी सूचना जेसीबी संचालक मुकेश यादव ने ग्रामीणों को दी तो लोग दर्शन करने के लिए इकट्ठा हो गए।

विज्ञापन


क्षेत्र के बक्शी तारा गांव के परमेश्वर तिवारी ने अपने खेत की मिट्टी एक भट्ठा संचालक को बेच दी थी। संचालक उसी खेत में मंगलवार की रात जेसीबी से मिट्टी की खुदाई करवा रहे थे। खुदाई के दौरान जेसीबी से टकरा कर दो पत्थर बाहर निकल आए। जेसीबी संचालक जब करीब जाकर देखा और पत्थर को ट्रैक्टर चालकों से साफ करवाया तो मूर्ति नजर आई। उसने इसकी सूचना खेत मालिक परमेश्वर त्रिपाठी को दी।

विज्ञापन

Ancient idols found during digging of soil in the field, villagers worshiping by placing them in the temple
खेत में खुदाई के दौरान मिलीं मूर्तियां। - फोटो : अमर उजाला।

सूचना मिलते ही परमेश्वर त्रिपाठी व उनके परिवार के नीरज त्रिपाठी, सुरेन्द्र त्रिपाठी सहित गांव के लोग खेत पहुंच गए और मूर्ति को लाकर गांव के काली माता मंदिर में रख कर पूजा अर्चना शुरू कर दिया है। सुबह होते ही मूर्ति मिलने की बात गांव वालों को भी पता चली तो दर्शन के लिए लोगों की भीड़ लग गई। मूर्ति ढाई फिट ऊंची बताई जा रही है। यह मूर्ति किसकी है और कितनी पुरानी है यह कोई नहीं बता पा रहा है।

जिस स्थान से मिली प्राचीन मूर्ति पूर्व में थी बंजारों की बस्ती

गांव के केशव देव और शिवकरन यादव बताते हैं कि जिस स्थान से मूर्ति मिली है, वहां पर पूर्व में बंजारों की बस्ती थी। यह जानकारी उनको पूर्वजों द्वारा दी गई थी। मूर्ति में उकेरी गई कला आकृति में पैर के नीचे लम्बी सींग वाले भैंसे का सर दबा है और दाहिने हाथ में भाले से भैंसें के गर्दन में चुभाया गया दिख रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed