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अमीना माइनर सूखी, किसान परेशान
Sat, 09 Mar 2019 12:55 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Sat, 09 Mar 2019 12:55 AM IST
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बजट किसान
- फोटो : self
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पश्चिमशरीरा। सिंचाई के समय किशुनपुर पंप कैनाल की अमीना माइनर सूखी। मोटर की साफ्ट टूटने से चार-पांच पंप ही चल रहे हैं। वे भी क्षमता से कम पानी दे रहे हैं। इसके चलते माइनर से जुड़े सरसवां क्षेत्र की 1411 हेक्टेयर भूमि पर खड़ी फसलों की सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है।
बताया जाता है कि विकास खंड सरसवां का बड़ा हिस्सा किशुनपुर पंप कैनाल की अमीना माइनर से जुड़ा है। इस क्षेत्र में करीब 2822 हेक्टेयर में तकरीबन 1411 हेक्टेयर भूभाग की सिंचाई अमीना माइनर से ही होती है। इलाकाई किसान शहनशाह, दिनेश यादव, रामलाल, अचल सिंह, विष्णु प्रताप सिंह, तुग्गी सिंह, पप्पू पटेल आदि का कहना है कि हफ्ते भर से गेहूं की फसल को सिंचाई की जरूरत है। वहीं माइनर का पानी अंधावा और गढ़ी गांव तक सिमट जा रहा है। मिरदहन का पूरा, पश्चिमशरीरा, पूरबशरीरा, चांदेराई, बाकरगंज, गोराज और अमीना गांव आदि गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। किसानों का कहना है कि इस समय तेज धूप होने के कारण मिट्टी से नमी गायब हो रही है।
वहीं माइनर सूखी होने से गेहूं की फसलों की पर्याप्त सिंचाई नहीं होने से विपरीत असर पड़ रहा है। बताया जाता है कि मोटर की साफ्ट खराब होने के कारण कैनाल के कई पंप नहीं चल पा रहे हैं। केवल चार-पांच पंप ही चलाए जा रहे हैं। जो पंप चल भी रहे हैं वे पूरी क्षमता से पानी नहीं दे रहे हैं। इस वजह से टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। किसानों का कहना है कि दो-चार दिन में टेल तक पानी नहीं पहुंचा तो फसलें बरबाद हो जाएंगी। इसका असर पैदावार पर पड़ेगा। वहीं एक्सईएन,सिंचाई विभाग आरके निरंजन का कहना है कि इन दिनों मोटर की साफ्ट टूटने से समस्या आई है। जल्द ही खराबी दुरुस्त कराकर सात पंप चलाकर माइनरों में पानी पहुंचाया जाएगा। पंप पुराने हो गए हैं। इसलिए क्षमता से करीब 70 फीसदी पानी ही मिल रहा है। सभी पंप एक साथ चलाने पर भी टेल तक पानी पहुंचाना मुश्किल होगा।-
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बताया जाता है कि विकास खंड सरसवां का बड़ा हिस्सा किशुनपुर पंप कैनाल की अमीना माइनर से जुड़ा है। इस क्षेत्र में करीब 2822 हेक्टेयर में तकरीबन 1411 हेक्टेयर भूभाग की सिंचाई अमीना माइनर से ही होती है। इलाकाई किसान शहनशाह, दिनेश यादव, रामलाल, अचल सिंह, विष्णु प्रताप सिंह, तुग्गी सिंह, पप्पू पटेल आदि का कहना है कि हफ्ते भर से गेहूं की फसल को सिंचाई की जरूरत है। वहीं माइनर का पानी अंधावा और गढ़ी गांव तक सिमट जा रहा है। मिरदहन का पूरा, पश्चिमशरीरा, पूरबशरीरा, चांदेराई, बाकरगंज, गोराज और अमीना गांव आदि गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। किसानों का कहना है कि इस समय तेज धूप होने के कारण मिट्टी से नमी गायब हो रही है।
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वहीं माइनर सूखी होने से गेहूं की फसलों की पर्याप्त सिंचाई नहीं होने से विपरीत असर पड़ रहा है। बताया जाता है कि मोटर की साफ्ट खराब होने के कारण कैनाल के कई पंप नहीं चल पा रहे हैं। केवल चार-पांच पंप ही चलाए जा रहे हैं। जो पंप चल भी रहे हैं वे पूरी क्षमता से पानी नहीं दे रहे हैं। इस वजह से टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। किसानों का कहना है कि दो-चार दिन में टेल तक पानी नहीं पहुंचा तो फसलें बरबाद हो जाएंगी। इसका असर पैदावार पर पड़ेगा। वहीं एक्सईएन,सिंचाई विभाग आरके निरंजन का कहना है कि इन दिनों मोटर की साफ्ट टूटने से समस्या आई है। जल्द ही खराबी दुरुस्त कराकर सात पंप चलाकर माइनरों में पानी पहुंचाया जाएगा। पंप पुराने हो गए हैं। इसलिए क्षमता से करीब 70 फीसदी पानी ही मिल रहा है। सभी पंप एक साथ चलाने पर भी टेल तक पानी पहुंचाना मुश्किल होगा।-
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