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Kaushambi News: तापमान के साथ प्रश्नों ने भी छुड़ाए परीक्षार्थियों के पसीने
Tue, 28 Apr 2026 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 28 Apr 2026 12:56 AM IST
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नितिन शुक्ला
- फोटो : पोषण पोटली का वितरण करते जिला पंचायत अध्यक्ष।
होमगार्ड भर्ती परीक्षा में सोमवार को तीसरे दिन तापमान के साथ-साथ प्रश्नों ने भी परीक्षार्थियों के पसीने छुड़ा दिए। कई परीक्षार्थियों ने कहा कि यह परीक्षा एसएससी स्तर की परीक्षाओं से भी कठिन थी। इतिहास, संविधान और मुद्रा से जुड़े प्रश्नों ने सबसे ज्यादा परेशान किया।
पहले और दूसरे दिन भी इसी तरह प्रश्नपत्र अभ्यर्थियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुआ था। सुबह 10 बजे से शुरू हुई पहली पाली के लिए अभ्यर्थी आठ बजे से ही केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। प्रवेश से पहले सख्त चेकिंग, आधार सत्यापन और बायोमेट्रिक जांच की गई। डीएम-एसपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने केंद्रों का निरीक्षण किया और कंट्रोल रूम से भी निगरानी की जाती रही। दूसरी पाली में परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने अपनी प्रतिक्रिया में निराशा जताई।
प्रश्न इतने कठिन थे कि कई सवाल समझ ही नहीं आए। तैयारी के बावजूद पेपर में आत्मविश्वास टूट गया। -नितिन शुक्ल, प्रतापगढ़
यह पेपर एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं से भी कठिन लगा। इतिहास, संविधान और मुद्रा से जुड़े प्रश्नों ने सबसे ज्यादा परेशान किया। - राधिका तिवारी, फतेहपुर।
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कोचिंग में जो पढ़ाया गया था, उसका पेपर से कोई मेल नहीं था, जिससे वह खुद को असहज महसूस करने लगे। - पंकज शर्मा, फतेहपुर।
जनरल नॉलेज और करंट अफेयर्स के सवालों ने सबसे ज्यादा समय लिया। करीब 10 प्रश्न ऐसे थे जिन्हें उन्होंने छोड़ दिया। - अश्वनी कुमार, फतेहपुर।
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पहले और दूसरे दिन भी इसी तरह प्रश्नपत्र अभ्यर्थियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुआ था। सुबह 10 बजे से शुरू हुई पहली पाली के लिए अभ्यर्थी आठ बजे से ही केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। प्रवेश से पहले सख्त चेकिंग, आधार सत्यापन और बायोमेट्रिक जांच की गई। डीएम-एसपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने केंद्रों का निरीक्षण किया और कंट्रोल रूम से भी निगरानी की जाती रही। दूसरी पाली में परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने अपनी प्रतिक्रिया में निराशा जताई।
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प्रश्न इतने कठिन थे कि कई सवाल समझ ही नहीं आए। तैयारी के बावजूद पेपर में आत्मविश्वास टूट गया। -नितिन शुक्ल, प्रतापगढ़
यह पेपर एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं से भी कठिन लगा। इतिहास, संविधान और मुद्रा से जुड़े प्रश्नों ने सबसे ज्यादा परेशान किया। - राधिका तिवारी, फतेहपुर।
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कोचिंग में जो पढ़ाया गया था, उसका पेपर से कोई मेल नहीं था, जिससे वह खुद को असहज महसूस करने लगे। - पंकज शर्मा, फतेहपुर।
जनरल नॉलेज और करंट अफेयर्स के सवालों ने सबसे ज्यादा समय लिया। करीब 10 प्रश्न ऐसे थे जिन्हें उन्होंने छोड़ दिया। - अश्वनी कुमार, फतेहपुर।

नितिन शुक्ला- फोटो : पोषण पोटली का वितरण करते जिला पंचायत अध्यक्ष।

नितिन शुक्ला- फोटो : पोषण पोटली का वितरण करते जिला पंचायत अध्यक्ष।

नितिन शुक्ला- फोटो : पोषण पोटली का वितरण करते जिला पंचायत अध्यक्ष।