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किसानों की समस्याओं को लेकर गरजी भाकियू
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Mon, 09 Feb 2015 11:55 PM IST
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मंझनपुर। दशक भर पुराने पट्टे की जमीन को किसानों के नाम भूमिधरी नहीं दर्ज करने को लेकर भाकियू ने सोमवार को हुंकार भरी। तहसील के अफसर और कर्मचारियों पर मनमानी का आरोप लगाया। साथ ही किसानों की समस्याओं के निस्तारण में अनदेखी करने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
मंझनपुर ब्लाक परिसर में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की बैठक हुई। इसमें किसानों की समस्याओं पर चर्चा की गई। भाकियू के मंडल संगठन मंत्री भैयालाल धुरिया ने कहा कि गरीब किसानों को खेती के लिए ग्रामसभा की जमीन का पट्टा दिया गया था। मानक है कि पट्टा 10 साल पुराना होने के बाद उस जमीन को पट्टाधारक के नाम भू-अभिलेखों में भूमिधरी दर्ज कर दिया जाना चाहिए।
आरोप लगाया कि मंझनपुर समेत जिले की सभी तहसीलों में दशकभर से भी ज्यादा पुराने पट्टे की जमीन को किसानों के नाम अभिलेखों में दर्ज नहीं किया जा रहा है। भाकियू नेता ने आरोप लगाया कि तहसील के अधिकारी, कर्मचारी किसानों की अनदेखी करते हैं। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में 15 फरवरी को मंझनपुर तहसील में बैठक की जाएगी। यदि इस बीच किसानों को पट्टा मिली जमीन भूमिधरी दर्ज नहीं की गई, तो भाकियू कार्यकर्ता किसानों के साथ आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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बैठक में बिजली की अंधाधुंध कटौती, खराब पड़े नलकूपों की मरम्मत नहीं किए जाने आदि पर भी गुस्सा जताया गया। इस मौके पर देवनाथ, सत्तार खान, दशरथलाल, शिवकुमार, बच्चालाल, अलोपीदीन, राम लौटन, धर्मराज तिवारी, रामजी, रामसुमेर, नूरजहां, मंगल प्रसाद, रामतीर्थ, पीतांबरलाल, छेदीलाल, सूरजपाल, चंद्रपाल, बचानी, रामनरेश आदि मौजूद रहे।
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मंझनपुर ब्लाक परिसर में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की बैठक हुई। इसमें किसानों की समस्याओं पर चर्चा की गई। भाकियू के मंडल संगठन मंत्री भैयालाल धुरिया ने कहा कि गरीब किसानों को खेती के लिए ग्रामसभा की जमीन का पट्टा दिया गया था। मानक है कि पट्टा 10 साल पुराना होने के बाद उस जमीन को पट्टाधारक के नाम भू-अभिलेखों में भूमिधरी दर्ज कर दिया जाना चाहिए।
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आरोप लगाया कि मंझनपुर समेत जिले की सभी तहसीलों में दशकभर से भी ज्यादा पुराने पट्टे की जमीन को किसानों के नाम अभिलेखों में दर्ज नहीं किया जा रहा है। भाकियू नेता ने आरोप लगाया कि तहसील के अधिकारी, कर्मचारी किसानों की अनदेखी करते हैं। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में 15 फरवरी को मंझनपुर तहसील में बैठक की जाएगी। यदि इस बीच किसानों को पट्टा मिली जमीन भूमिधरी दर्ज नहीं की गई, तो भाकियू कार्यकर्ता किसानों के साथ आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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बैठक में बिजली की अंधाधुंध कटौती, खराब पड़े नलकूपों की मरम्मत नहीं किए जाने आदि पर भी गुस्सा जताया गया। इस मौके पर देवनाथ, सत्तार खान, दशरथलाल, शिवकुमार, बच्चालाल, अलोपीदीन, राम लौटन, धर्मराज तिवारी, रामजी, रामसुमेर, नूरजहां, मंगल प्रसाद, रामतीर्थ, पीतांबरलाल, छेदीलाल, सूरजपाल, चंद्रपाल, बचानी, रामनरेश आदि मौजूद रहे।