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‘आश्रम’ के छात्र कब तक करेंगे ‘विश्राम’
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Thu, 15 Sep 2016 12:47 AM IST
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आश्रम पद्धति राजकीय विद्यालय के पंजीकृत छात्र फिलहाल अपने-अपने घरों में आराम कर रहे हैं। जुलाई से अब तक इनकी एक भी दिन क्लास नहीं चली। प्रधानाचार्य समेत सभी लोगों ने यह कहकर इनको घर भेज दिया है कि अभी इंतजाम नहीं हो सका है। मामले में जिम्मेदार बर्तन और बिस्तर न होने की बात कहकर कन्नी काट रहे हैं। पठन-पाठन न होने से छात्र व उनके अभिभावक चिंतित हैं।
नवनिर्मित आश्रम पद्धति राजकीय विद्यालय ककोढ़ा में कक्षा छह से इंटर तक छात्र-छात्राओं को अच्छी शिक्षा देने के लिए नवीन सत्र की शुरुआत जुलाई में हुई। इसके अंतर्गत जुलाई माह में कक्षा छह से आठ तक की कक्षाओं में जिले के लगभग दो सौ मेधावियों ने दाखिला लिया। प्रवेश प्रक्रिया के बाद से आज तक एक दिन भी छात्र-छात्राओं की क्लास नहीं चल सकी। कक्षा का संचालन न होने से प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर लग गया है।
तीन माह बीतने के बाद एक दिन भी क्लास न चलने को लेकर अब छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को भी चिंता सताने लगी है। प्रधानाचार्य केशन सिंह का कहना है कि विद्यालय आवासीय है। यहां अभी बिस्तर और बर्तन का इंतजाम नहीं हो सका है ,इसलिए छात्र नहीं आ रहे हैं। दो-चार दिन में जैसे ही सामान मिलता है वैसे ही छात्रों को घरों से बुलाकर शिक्षण सत्र की शुरुआत कर दी जाएगी।
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कैसे पूरा होगा कोर्स
आश्रम पद्धति विद्यालय ककोढ़ा में प्रवेश लेने वाले लगभग दो सौ छात्र-छात्राओं के विषयों की कक्षा एक दिन भी नहीं चल सकी। दूसरी ओर अक्टूबर माह में छात्र-छात्राओं की छमाही परीक्षा होनी है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि छमाही परीक्षा में छात्र-छात्राओं की शिक्षा स्तर का आंकलन विद्यालय के जिम्मेदार कैसे करेंगे। इतना ही नहीं सबसे बड़ी समस्या यह है कि नौ महीने तक चलने वाले शिक्षण सत्र के तीन माह गुजरने के बाद सालाना कोर्स कैसे पूरा कराया जाएगा। यदि किसी तरह शिक्षकों ने कोर्स पूरा भी करा दिया तो छात्र-छात्राओं पर तैयारी का बोझ एकाएक पड़ सकता है। ऐसे में कई मेधावियों को परीक्षा में असफलता का भी सामना करना पड़ सकता है।
आश्रम पद्धति आवासीय विद्यालय ककोढ़ा में नए सत्र की शुरुआत करने के लिए दाखिला किया गया है। बिस्तर और बर्तन न होने की वजह से छात्राओं को हास्टल में रखने में असुविधा होती। इसके चलते सत्र में देरी है। जल्द ही इसकी शुरुआत करा दी जाएगी।
के.के.त्रिपाठी, जिला समाज कल्याण अधिकारी कौशाम्बी
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नवनिर्मित आश्रम पद्धति राजकीय विद्यालय ककोढ़ा में कक्षा छह से इंटर तक छात्र-छात्राओं को अच्छी शिक्षा देने के लिए नवीन सत्र की शुरुआत जुलाई में हुई। इसके अंतर्गत जुलाई माह में कक्षा छह से आठ तक की कक्षाओं में जिले के लगभग दो सौ मेधावियों ने दाखिला लिया। प्रवेश प्रक्रिया के बाद से आज तक एक दिन भी छात्र-छात्राओं की क्लास नहीं चल सकी। कक्षा का संचालन न होने से प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर लग गया है।
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तीन माह बीतने के बाद एक दिन भी क्लास न चलने को लेकर अब छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को भी चिंता सताने लगी है। प्रधानाचार्य केशन सिंह का कहना है कि विद्यालय आवासीय है। यहां अभी बिस्तर और बर्तन का इंतजाम नहीं हो सका है ,इसलिए छात्र नहीं आ रहे हैं। दो-चार दिन में जैसे ही सामान मिलता है वैसे ही छात्रों को घरों से बुलाकर शिक्षण सत्र की शुरुआत कर दी जाएगी।
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कैसे पूरा होगा कोर्स
आश्रम पद्धति विद्यालय ककोढ़ा में प्रवेश लेने वाले लगभग दो सौ छात्र-छात्राओं के विषयों की कक्षा एक दिन भी नहीं चल सकी। दूसरी ओर अक्टूबर माह में छात्र-छात्राओं की छमाही परीक्षा होनी है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि छमाही परीक्षा में छात्र-छात्राओं की शिक्षा स्तर का आंकलन विद्यालय के जिम्मेदार कैसे करेंगे। इतना ही नहीं सबसे बड़ी समस्या यह है कि नौ महीने तक चलने वाले शिक्षण सत्र के तीन माह गुजरने के बाद सालाना कोर्स कैसे पूरा कराया जाएगा। यदि किसी तरह शिक्षकों ने कोर्स पूरा भी करा दिया तो छात्र-छात्राओं पर तैयारी का बोझ एकाएक पड़ सकता है। ऐसे में कई मेधावियों को परीक्षा में असफलता का भी सामना करना पड़ सकता है।
आश्रम पद्धति आवासीय विद्यालय ककोढ़ा में नए सत्र की शुरुआत करने के लिए दाखिला किया गया है। बिस्तर और बर्तन न होने की वजह से छात्राओं को हास्टल में रखने में असुविधा होती। इसके चलते सत्र में देरी है। जल्द ही इसकी शुरुआत करा दी जाएगी।
के.के.त्रिपाठी, जिला समाज कल्याण अधिकारी कौशाम्बी