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आबिस के साथ टूट गया फिल्मी हब का ख्वाब
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Tue, 03 Jan 2017 12:43 AM IST
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बॉलीवुड के चर्चित हस्ती रहे आबिस रिजवी के साथ वह तमाम उम्मीदें भी धूमिल हों गई, जो कौशाम्बी से जुड़ी थीं। आबिस ने कौशाम्बी को छोटी मुंबई और फिल्मी हब बनाने का सपना देखा था। इसी को साकार करने के लिए टी फॉर ताजमहल की शूटिंग उन्होंने यहीं की थी। तुर्की में हुए आतंकी हमले में आबिस के मारे जाने के बाद कौशाम्बी से जुड़ी पहचान को फिल्मी पर्दे पर लाने व कौशाम्बी को एक नई दिशा देने की जिम्मेदारी अंजुम रिजवी पर आ गई है। अंजुम रिजवी आबिस की चचेरी बहन हैं और वह फिल्म प्रोड्यूसर हैं। अंजुम ने कई नामचीन फिल्में बनाई हैं।
करारी के हजरतगंज मोहल्ला निवासी पूर्व राज्य सभा सांसद डॉ. एएच रिजवी के बड़े बेटे आबिस रिजवी फिल्मी दुनिया के चर्चित नामों में शुमार थे। उनके चाचा महमूद हसन सरोज फिल्मों के लिए स्क्रिप्ट लिखते थे। चाचा सिब्ते हसन रिजवी फिल्म डायरेक्टर व प्रोड्यूसर भी थे। सिब्ते हसन रिजवी की आठ माह पहले मौत हो गई थी। चाचा की मौत के बाद आबिस ने कौशाम्बी को फिल्मी हब व छोटी मुंबई बनाने का ख्वाब देखा था। इसके संबंध में उन्होंने कई लोगों से बातचीत भी की थी। इसके अलावा वह यहां एक मेडिकल कालेज खोलना चाहते थे, जहां जिले ही नहीं बल्कि पास-पड़ोस के जिलों के छात्र आकर मेडिकल की पढ़ाई कर सके। आबिस ने अपने ख्वाबों की ताबीर को साबित करने की शुरूआत फिल्म टी फार ताजमहल से की। इस फिल्म की शूटिंग कौशाम्बी के बचानी का पुरवा से की।
इस फिल्म में रवीना टंडन का अहम रोल था। कौशाम्बी के पिछड़ेपन को दिखाकर वह इसको रूपहले पर्दे पर लाने की कवायद कर रहे थे, लेकिन उनकी मौत आतंकी हमले में हो गई। इससे कौशाम्बी के लोग गमगीन हैं। आबिस की मौत के बाद कौशाम्बी की सारी उम्मीदें टूट गई हैं। अब सारा दारोमदार उनकी चचेरी बहन अंजुम रिजवी पर आ गया है। अंजुम रिजवी भी फिल्म प्रोड्यूसर हैं। अंजुम ने वर्ष 2008 में सबसे चर्चित फिल्म वेडनस-डे बनाई थी। इसके पहले उन्होंने वर्ष 2004 में चरस समेत कई फिल्में बनाई हैं। अब कौशाम्बी के लोगों को अंजुम रिजवी से बहुत उम्मीदें हैं कि वह आबिस रिजवी के सपनों को साकार करें। रिटायर्ड प्रिंसिपल आगा सिब्तैन हैदर रिजवी, रिटायर्ड लेफ्टीनेंट शकील हैदर का कहना है कि आबिस एक बड़ी सोच वाला व्यक्ति था। वह कौशाम्बी की तरक्की को लेकर फिक्रमंद था, लेकिन दुर्भाग्य कि वह अब दुनिया में नहीं रहा।
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मुंबई में आबिस का शव होगा सुपुर्दे खाक
करारी (ब्यूरो)। आबिस रिजवी की मौत से रिजवी परिवार में मातम है। आबिस का शव लेने के लिए उनके पिता डॉ. अख्तर हसन रिजवी, मां मीना रिजवी मुंबई से रविवार को ही तुर्की के लिए रवाना हो गए थे। आबिस की मौत से उनकी पत्नी पूजा रिजवी, बहन रेशमा रिजवी समेत सबका बुरा हाल है। करारी में उनके नात-रिश्तेदार भी आबिस के गम में आंसू बहा रहे हैं। रिजवी परिवार आबिस की मौत को लेकर गहरे सदमे में है। करारी, मंझनपुर के लोग सोमवार को करारी कालेज में सुबह से शाम तक मौजूद रहे और मुंबई में उनके परिजनों को सांत्वना देते रहे।
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करारी के हजरतगंज मोहल्ला निवासी पूर्व राज्य सभा सांसद डॉ. एएच रिजवी के बड़े बेटे आबिस रिजवी फिल्मी दुनिया के चर्चित नामों में शुमार थे। उनके चाचा महमूद हसन सरोज फिल्मों के लिए स्क्रिप्ट लिखते थे। चाचा सिब्ते हसन रिजवी फिल्म डायरेक्टर व प्रोड्यूसर भी थे। सिब्ते हसन रिजवी की आठ माह पहले मौत हो गई थी। चाचा की मौत के बाद आबिस ने कौशाम्बी को फिल्मी हब व छोटी मुंबई बनाने का ख्वाब देखा था। इसके संबंध में उन्होंने कई लोगों से बातचीत भी की थी। इसके अलावा वह यहां एक मेडिकल कालेज खोलना चाहते थे, जहां जिले ही नहीं बल्कि पास-पड़ोस के जिलों के छात्र आकर मेडिकल की पढ़ाई कर सके। आबिस ने अपने ख्वाबों की ताबीर को साबित करने की शुरूआत फिल्म टी फार ताजमहल से की। इस फिल्म की शूटिंग कौशाम्बी के बचानी का पुरवा से की।
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इस फिल्म में रवीना टंडन का अहम रोल था। कौशाम्बी के पिछड़ेपन को दिखाकर वह इसको रूपहले पर्दे पर लाने की कवायद कर रहे थे, लेकिन उनकी मौत आतंकी हमले में हो गई। इससे कौशाम्बी के लोग गमगीन हैं। आबिस की मौत के बाद कौशाम्बी की सारी उम्मीदें टूट गई हैं। अब सारा दारोमदार उनकी चचेरी बहन अंजुम रिजवी पर आ गया है। अंजुम रिजवी भी फिल्म प्रोड्यूसर हैं। अंजुम ने वर्ष 2008 में सबसे चर्चित फिल्म वेडनस-डे बनाई थी। इसके पहले उन्होंने वर्ष 2004 में चरस समेत कई फिल्में बनाई हैं। अब कौशाम्बी के लोगों को अंजुम रिजवी से बहुत उम्मीदें हैं कि वह आबिस रिजवी के सपनों को साकार करें। रिटायर्ड प्रिंसिपल आगा सिब्तैन हैदर रिजवी, रिटायर्ड लेफ्टीनेंट शकील हैदर का कहना है कि आबिस एक बड़ी सोच वाला व्यक्ति था। वह कौशाम्बी की तरक्की को लेकर फिक्रमंद था, लेकिन दुर्भाग्य कि वह अब दुनिया में नहीं रहा।
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मुंबई में आबिस का शव होगा सुपुर्दे खाक
करारी (ब्यूरो)। आबिस रिजवी की मौत से रिजवी परिवार में मातम है। आबिस का शव लेने के लिए उनके पिता डॉ. अख्तर हसन रिजवी, मां मीना रिजवी मुंबई से रविवार को ही तुर्की के लिए रवाना हो गए थे। आबिस की मौत से उनकी पत्नी पूजा रिजवी, बहन रेशमा रिजवी समेत सबका बुरा हाल है। करारी में उनके नात-रिश्तेदार भी आबिस के गम में आंसू बहा रहे हैं। रिजवी परिवार आबिस की मौत को लेकर गहरे सदमे में है। करारी, मंझनपुर के लोग सोमवार को करारी कालेज में सुबह से शाम तक मौजूद रहे और मुंबई में उनके परिजनों को सांत्वना देते रहे।