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Kaushambi News: 75 लाख की सड़क...15 साल में एक बार मरम्मत, अब विभागों के चक्रव्यूह में फंसी
Thu, 30 Oct 2025 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 30 Oct 2025 01:52 AM IST
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रानीपुर-पोतनिहा का पूरा संपर्क मार्ग। संवाद
सरसंवा ब्लॉक क्षेत्र की एक सड़क जिला पंचायत और पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) के बीच जिम्मेदारी की खींचतान में फंसी हुई है। 75 लाख से बनी सड़क का अधिकांश हिस्सा गड्ढों में तब्दील हो चुका है। 15 साल में केवल एक बार ही मरम्मत हुई है। ग्रामीण अब भी चलने लायक सड़क का इंतजार कर रहे हैं।
करीब 25 साल पहले रानीपुर गांव से पोतनिहा का पूरा तक लगभग डेढ़ किलोमीटर सड़क का निर्माण आरईडी (ग्रामीण अभियंत्रण विभाग) ने कराया था। बाद में सड़कों के रखरखाव के बंटवारे के दौरान करीब 15 साल पहले यह सड़क जिला पंचायत के अधीन कर दी गई। उसके बाद जिला पंचायत ने सिर्फ एक बार इसकी मरम्मत कराई थी।
करीब दो महीने पहले पश्चिम शरीरा-कटरी संपर्क मार्ग से अलवारा झील तक बेहतर मार्ग की जरूरत को देखते हुए पीडब्ल्यूडी ने जिला पंचायत से सड़क का स्वामित्व मांगा। इसके बाद जिला पंचायत ने पत्र जारी कर सड़क को पीडब्ल्यूडी को हस्तांतरित कर दिया।
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अब स्थिति यह है कि जब ग्रामीण सड़क की मरम्मत की शिकायत लेकर जिला पंचायत पहुंचते हैं तो कहा जाता है कि सड़क अब पीडब्ल्यूडी के अधीन है। वहीं पीडब्ल्यूडी अधिकारी बताते हैं कि सड़क हैंडओवर की प्रक्रिया में है और फाइल दिल्ली तक जाएगी। मंजूरी के बाद ही मरम्मत संभव होगी। ऐसे में ग्रामीणों की उम्मीदें विभागों के बीच फंसी हुई हैं।
-रानीपुर से पोतनिहा का पूरा गांव तक डेढ़ किलोमीटर पक्की सड़क करीब दो महीने पहले तक जिला पंचायत के पास थी। पीडब्ल्यूडी की मांग पर उच्चाधिकारियों के निर्देश से इसका हस्तांतरण कर दिया गया है। अब मरम्मत का कार्य पीडब्ल्यूडी के जिम्मे है। - कमलेश सिंह, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत
-- पश्चिम शरीरा-कटरी संपर्क मार्ग पर स्थित भगवतपुर गांव के पास से अलवारा झील तक उचित मार्ग की जरूरत को पूरा करने के लिए सड़क का हस्तांतरण मांगा गया था। प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मरम्मत संभव है। - दयाशंकर, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड
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करीब 25 साल पहले रानीपुर गांव से पोतनिहा का पूरा तक लगभग डेढ़ किलोमीटर सड़क का निर्माण आरईडी (ग्रामीण अभियंत्रण विभाग) ने कराया था। बाद में सड़कों के रखरखाव के बंटवारे के दौरान करीब 15 साल पहले यह सड़क जिला पंचायत के अधीन कर दी गई। उसके बाद जिला पंचायत ने सिर्फ एक बार इसकी मरम्मत कराई थी।
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करीब दो महीने पहले पश्चिम शरीरा-कटरी संपर्क मार्ग से अलवारा झील तक बेहतर मार्ग की जरूरत को देखते हुए पीडब्ल्यूडी ने जिला पंचायत से सड़क का स्वामित्व मांगा। इसके बाद जिला पंचायत ने पत्र जारी कर सड़क को पीडब्ल्यूडी को हस्तांतरित कर दिया।
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अब स्थिति यह है कि जब ग्रामीण सड़क की मरम्मत की शिकायत लेकर जिला पंचायत पहुंचते हैं तो कहा जाता है कि सड़क अब पीडब्ल्यूडी के अधीन है। वहीं पीडब्ल्यूडी अधिकारी बताते हैं कि सड़क हैंडओवर की प्रक्रिया में है और फाइल दिल्ली तक जाएगी। मंजूरी के बाद ही मरम्मत संभव होगी। ऐसे में ग्रामीणों की उम्मीदें विभागों के बीच फंसी हुई हैं।
-रानीपुर से पोतनिहा का पूरा गांव तक डेढ़ किलोमीटर पक्की सड़क करीब दो महीने पहले तक जिला पंचायत के पास थी। पीडब्ल्यूडी की मांग पर उच्चाधिकारियों के निर्देश से इसका हस्तांतरण कर दिया गया है। अब मरम्मत का कार्य पीडब्ल्यूडी के जिम्मे है। - कमलेश सिंह, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत