फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   विस्तार की घोषणा के साथ विदा हुए नोबेल वैज्ञानिक

विस्तार की घोषणा के साथ विदा हुए नोबेल वैज्ञानिक

Sun, 15 Dec 2013 05:41 AM IST
Kaushambi
Kaushambi Updated Sun, 15 Dec 2013 05:41 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद (ब्यूरो)। नई सोच और उम्मीदों के साथ भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान में आयोजित सात दिवसीय विज्ञान समागम शनिवार को संपन्न हो गया। इस दौरान आठ नोबेल तथा देश-विदेश के अन्य 40 प्रख्यात वैज्ञानिकों के विचारों ने युवा वैज्ञानिकों को दिशा दी। विज्ञान समागम में कई देशों की संस्कृतियों और भावनाओं का भी संगम दिखा। आयोजन में भारत के अलग-अलग राज्यों के अलावा दूसरे देश के छात्र-छात्राओं ने भी वहां के पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। आयोजन की एक बड़ी उपलब्धि यह भी रही कि अगले साल से इसका विस्तार अमेरिका और यूरोप तक हो जाएगा। अगले साल से वहां के वैज्ञानिक ही नहीं विद्यार्थी भी इस आयोजन का हिस्सा होंगे।
विज्ञापन

इंसपायर योजना के तहत शामिल कानपुर की निहारिका यादव का कहना था कि ये सात दिन उन्हें कभी नहीं भूलेंगे। सात नोबेल वैज्ञानिकों से मिलना, उन्हें सुनना यह सपने में भी नहीं सोचा था। कानपुर की प्रतीक्षा गुप्ता का कहना था, यहां बिताया गया हर पल इंसपायर करने वाला रहा। आस्था उत्तम का कहना था, ‘यहां से हम नई सोच और सपने लेकर जा रहे हैं। आगे बढ़ने में यह हमें हमेशा इंसपायर करता रहेगा।’ प्रगति गुप्ता का कहना था, यहां कई नए दोस्त बनें। साथ में कई वैज्ञानिकों ने भी हमेशा संपर्क में रहने का वादा किया। उन्होंने ई-मेड ऐड्रेस भी दिए। उनसे सवाल पूछ सकते हैं।
विज्ञापन

पाकिस्तान से आया चार सदस्यीय दल तो इसे एक अवसर के रूप में देख रहा है। डॉ. अजीम मुहम्मद और डॉ. फ्रीहा कहना था कि निश्चित यह दोनों देशों के बीच शैक्षिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का मंच साबित हुआ। समागम में भारत के अलावा अफ्रीका, दक्षिण एशिया तथा आशियान देश के तकरीबन ढाई हजार छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इन्हें नोबेल वैज्ञानिक प्रोफेसर सर रिचर्ड जे. राबर्ट, प्रोफेसर क्लाउड कोहीन तनोजी, प्रोफेसर सर हेराल्ड क्रोटो, प्रोफेसर आइवर गीवर, प्रोफेसर सर्जे हरोश, प्रोफेसर सर वाल्टर जे. कोहन, प्रोफेसर डुग्लास डी.ओशरफ, प्रोफेसर जॉन सी.माथेर तथा ट्यूरिक पुरस्कार विजेता प्रोफेसर जोसेफ सिफाकिस आदि वैज्ञानिकों ने संबोधित किया। समापन की घोषणा करते हुए संस्थान के निदेशक डॉ. एमडी तिवारी ने आयोजन के उद्देश्यों तथा इसकी सफलता पर प्रकाश डाला। आयोजन को सफल बनाने के लिए 23 कमेटियां बनाई गईं थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

देखा जाए तो हर चीज कंप्यूटर है। यहां तक कि पत्थर उछालना भी। यह क्रिया भी एक निश्चित प्रक्रिया और पथ से गुजरती है। कंप्यूटर में भी यही होता है। आज कंप्यूटिंग में आंतरिक और बाह्य सुरक्षा बड़ी चुनौती के रूप में सामने है। ट्रिपलआईटी में आयोजित विज्ञान समागम में आखिरी दिन शनिवार को यह बातें फ्रांस के ट्यूरिन पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर जोसेफ सिफाकिस ने कही।

कंप्यूटेशनल सिस्टम के डिजाइन की व्याख्या करते हुए प्रोफेसर सिफाकिस ने कहा कि यह समस्याओं को हल करने की एक प्रणाली है जिसमें विचारों तथा उसके विभिन्न आयामों के विषय में कार्य करना होता है, लेकिन वर्तमान में जो प्रणालियां अपनाई जा रही हैं वे पूर्णतया अविश्सनीय हैं। यही कारण साइबर अटैक, बैंक ब्रीज, पावर सैडाउन आदि चुनौतियां गंभीर रूप में सामने हैं। उन्होंने युवा वैज्ञानिकों को नसीहत दी कि कंप्यूटिंग करते समय आंतरिक सुरक्षा, बाहरी सुरक्षा और उसके उद्देश्यों को ध्यान में रखना होगा। तभी गलतियां कम होंगी। उन्होंने भविष्य के कंप्यूटर की रूप-रेखा पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि कंप्यूटेशन का सिद्धांत अभी माध्यमिक स्तर पर है और शोधकर्ताओं के लिए इसकी गतिशीलता बढ़ाना अभी शेष है। ऐसा होने के बाद बहुतेरे अनसुलझे प्रश्न हल सकते हैं। प्रोफेसर जयंत विष्णु नर्लीकर ने खगोल के कई रहस्यों पर से पर्दा उठाया। उन्होंने 1994 में बृहस्पति से एक धूमकेतु के टकराने का दृश्य दिखाया। उन्होंने बताया कि स्फुटिल नामक धूमकेतु के 2126 में पृथ्वी से टकराने की आशंका है। अंतिम सत्र में नोबेल वैज्ञानिक प्रोफेसर आइवर ग्रीवर ने कोशिकाओं में विभाजन की प्रक्रिया को समझाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed