{"_id":"9-23600","slug":"Kaushambi-23600-9","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली दी नहीं थमाया बिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली दी नहीं थमाया बिल
Kaushambi
Updated Sat, 22 Dec 2012 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंझनपुर। नेवादा ब्लाक के दुर्गापुर गांव में बिजली नहीं है। फिर भी करीब 123 लोगों को लगभग दो वर्ष से बिजली का बिल भरना पड़ रहा है। आरोप है कि विभाग ने झांसा देकर लगभग एक दशक पहले उपभोक्ता बना दिया था। ग्रामीणों का कहना है कि इसकी शिकायत सांसद, विधायक से लेकर एक्सईएन से की जा चुकी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
दुर्गापुर गांव के लोगों का कहना है कि करीब दस साल पहले बिजली विभाग का सर्वे कैंप लगा था। इसमें ग्रामीणों से विद्युत कनेक्शन लेने पर महीनेभर के भीतर विद्युतीकरण कराने का आश्वासन दिया गया था। गांव में बिजली आने की उम्मीद में गांव के नारायण प्रसाद, राम कीर्तन, मलखान सिंह, लालजी, राजेश सिंह, महेंद्र तिवारी समेत करीब 123 लोगों ने आवेदन पत्र जमा किया। ग्राम प्रधान राम मिलन सिंह का कहना है कि कनेक्शन कराने के बाद बिजली विभाग ने गांव के विद्युतीकरण के लिए करीब नौ लाख रुपये का इस्टीमेट भी बनाया था, लेकिन अभी तक खंभे और तार ही नहीं लगाए गए हैं। विद्युतीकरण की राह देख रहे ग्रामीणों को तब एक बड़ा झटका लगा, जब 123 लोगों के नाम घरेलू कनेक्शन का करीब दो साल से बिल आने लगा। बिल देख ग्रामीणों के होश उड़ गए। गांववालों का कहना है उन लोगों ने मंझनपुर में अधिशासी अभियंता से शिकायत की। साथ ही सुनवाई नहीं होने पर सांसद, विधायक को भी प्रार्थनापत्र देकर बिजली विभाग की मनमानी से अवगत कराया गया। किसी ने भी गंभीरता नहीं दिखाई। मामले में अधिशासी अभियंता जीवन प्रकाश का कहना है कि उनके संज्ञान में ऐसा कोई प्रकरण नहीं है। यदि गांव का अभी तक विद्युतीकरण नहीं हुआ है और बिजली बिल भेजा जा रहा है, तो इसकी जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
दुर्गापुर गांव के लोगों का कहना है कि करीब दस साल पहले बिजली विभाग का सर्वे कैंप लगा था। इसमें ग्रामीणों से विद्युत कनेक्शन लेने पर महीनेभर के भीतर विद्युतीकरण कराने का आश्वासन दिया गया था। गांव में बिजली आने की उम्मीद में गांव के नारायण प्रसाद, राम कीर्तन, मलखान सिंह, लालजी, राजेश सिंह, महेंद्र तिवारी समेत करीब 123 लोगों ने आवेदन पत्र जमा किया। ग्राम प्रधान राम मिलन सिंह का कहना है कि कनेक्शन कराने के बाद बिजली विभाग ने गांव के विद्युतीकरण के लिए करीब नौ लाख रुपये का इस्टीमेट भी बनाया था, लेकिन अभी तक खंभे और तार ही नहीं लगाए गए हैं। विद्युतीकरण की राह देख रहे ग्रामीणों को तब एक बड़ा झटका लगा, जब 123 लोगों के नाम घरेलू कनेक्शन का करीब दो साल से बिल आने लगा। बिल देख ग्रामीणों के होश उड़ गए। गांववालों का कहना है उन लोगों ने मंझनपुर में अधिशासी अभियंता से शिकायत की। साथ ही सुनवाई नहीं होने पर सांसद, विधायक को भी प्रार्थनापत्र देकर बिजली विभाग की मनमानी से अवगत कराया गया। किसी ने भी गंभीरता नहीं दिखाई। मामले में अधिशासी अभियंता जीवन प्रकाश का कहना है कि उनके संज्ञान में ऐसा कोई प्रकरण नहीं है। यदि गांव का अभी तक विद्युतीकरण नहीं हुआ है और बिजली बिल भेजा जा रहा है, तो इसकी जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन