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आखिरकार सऊदी अरब से सकुशल घर लौटा सुनील
Updated Tue, 07 Aug 2018 12:49 AM IST
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अजुहा (कौशाम्बी)। कमाने के लिए सऊदी अरब गया सुनील साहू आखिरकार अपने घर लौट आया। डेढ़ साल से अधिक समय सऊदी अरब में रहे सुनील को कफील के जुल्म सहने पड़े। झूठे आरोप में जेल तक जाना पड़ा। 16 घंटे की हाड़तोड़ मेहनत के बाद भी दो वक्त की रोटी नसीब नहीं हो पा रही थी। वहां रह रहे साथियों ने किसी तरह उसके टिकट के लिए पैसे का इंतजाम किया, तब जाकर वह वतन लौट पाया।
सैनी कोतवाली के बलीपुर शाखा गांव निवासी सुनील साहू एक समान्य परिवार से है। पेशे से ड्राइवर सुनील के चार बेटियां हैं। सबसे छोटी बेटी रंगोली के पैदा होने के बाद सुनील 21 दिसंबर 2016 को एक एजेंट के जरिए वीजा पासपोर्ट बनवाकर सऊदी के रियाद शहर चला गया। सुनील को 15 सौ रियाल हर महीने देने की बात कही गई थी। रविवार को सुनील जब घर लौटा तो उसकी आपबीती सुन परिवार के अलावा गांव के लोग भी हैरान रह गए। सुनील ने बताया कि उसका कफील हना अब्दुल्ला उससे 16 घंटे गाड़ी चलवाया करता था। मजदूरी भी 14 सौ रियाल देता था। विरोध करने पर चार मार्च 2018 को कफील ने उसे चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी देने के आरोप में जेल भिजवा दिया। 20 दिन जेल में रहने के बाद वह जमानत पर छूटा तो पुलिस वाले पासपोर्ट नहीं दे रहे थे। इस पर सुनील ने लेबर कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट ने काफी दिनों तक सुनवाई करने के बाद कफील से सुलह-समझौता कराकर पासपोर्ट दिया। सऊदी में रहने वाले भारत के लोगों ने उसकी मदद की और फ्लाइट के किराए का इंतजाम किया। काफी जद्दोजहद के बाद जब सुनील परिवार के बीच पहुंचा तो आंसुओं का सैलाब फूट पड़ा। अब सुनील अपने परिवार से दूर नहीं जाना चाह रहा है।
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सैनी कोतवाली के बलीपुर शाखा गांव निवासी सुनील साहू एक समान्य परिवार से है। पेशे से ड्राइवर सुनील के चार बेटियां हैं। सबसे छोटी बेटी रंगोली के पैदा होने के बाद सुनील 21 दिसंबर 2016 को एक एजेंट के जरिए वीजा पासपोर्ट बनवाकर सऊदी के रियाद शहर चला गया। सुनील को 15 सौ रियाल हर महीने देने की बात कही गई थी। रविवार को सुनील जब घर लौटा तो उसकी आपबीती सुन परिवार के अलावा गांव के लोग भी हैरान रह गए। सुनील ने बताया कि उसका कफील हना अब्दुल्ला उससे 16 घंटे गाड़ी चलवाया करता था। मजदूरी भी 14 सौ रियाल देता था। विरोध करने पर चार मार्च 2018 को कफील ने उसे चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी देने के आरोप में जेल भिजवा दिया। 20 दिन जेल में रहने के बाद वह जमानत पर छूटा तो पुलिस वाले पासपोर्ट नहीं दे रहे थे। इस पर सुनील ने लेबर कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट ने काफी दिनों तक सुनवाई करने के बाद कफील से सुलह-समझौता कराकर पासपोर्ट दिया। सऊदी में रहने वाले भारत के लोगों ने उसकी मदद की और फ्लाइट के किराए का इंतजाम किया। काफी जद्दोजहद के बाद जब सुनील परिवार के बीच पहुंचा तो आंसुओं का सैलाब फूट पड़ा। अब सुनील अपने परिवार से दूर नहीं जाना चाह रहा है।
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