{"_id":"66c66f8f34edc4e14703f957","slug":"300-bags-of-urea-got-spoiled-after-being-kept-for-14-years-adverse-entry-to-the-secretary-of-b-pax-kaushambi-news-c-261-1-kmb1003-115359-2024-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: 14 साल तक रखे-रखे खराब हो गई 300 बोरी यूरिया, बी-पैक्स के सचिव को प्रतिकूल प्रविष्टि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: 14 साल तक रखे-रखे खराब हो गई 300 बोरी यूरिया, बी-पैक्स के सचिव को प्रतिकूल प्रविष्टि
Thu, 22 Aug 2024 04:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 22 Aug 2024 04:21 AM IST
विज्ञापन
नेवादा ब्लॉक क्षेत्र के बहुउद्देशीय सहकारी समिति (बी-पैक्स) गौरा में 300 बोरी यूरिया लगभग 14 साल तक रखी रही। न तो उसकी बिक्री हुई और न ही सही से रखरखाव व निस्तारण। आखिर में पूरी यूरिया खराब हो गई। इस लापरवाही पर बी-पैक्स के सचिव को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की गई है। यूरिया की कीमत भी वसूली जाएगी, जिसमें से 51,520 रुपये जमा भी कराए जा चुके हैं।
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के निर्देश पर सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता राजेंद्र कुमार ने बी-पैक्स गौरा का निरीक्षण किया था। इस दौरान नागार्जुन ब्रांड की 300 बोरी में 15 मीट्रिक टन यूरिया वहां डंप मिली थी। एआर को-ऑपरेटिव ने बताया कि समिति में यह यूरिया वर्ष 2012-13 में आई थी। वहां के प्रभारी सचिव विजय कुमार पांडेय ने इसका सही से रखरखाव नहीं किया। अगर, यूरिया बिक्री के काबिल नहीं थी तो उच्चाधिकारियों को सूचना देनी चाहिए थी। इसी के साथ उसका नियमानुसार निस्तारण कराना चाहिए था। लेकिन, इस जिम्मेदारी को निभाने में सचिव ने रुचि नहीं दिखाई। इसकी वजह से 180 बोरी यूरिया पूरी तरह से नष्ट हो गई। वहीं, 140 बोरी यूरिया अब भी रखी हुई है। एआर को-ऑपरेटिव ने बताया कि इस मामले में दोषी प्रभारी सचिव को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की गई है। इसके अलावा खराब हुई यूरिया के मूल्य की 96600 रुपये की रिकवरी भी सचिव से होगी। इसमें से 160 बोरी की कीमत के 51520 रुपये प्रभारी सचिव ने इलाहाबाद डिस्टिक को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की मंझनपुर शाखा में जमा करा दिए हैं। शेष 140 बोरी के 45080 रुपये एक साल के अंदर चार किश्तों में जमा करेंगे। उन्हाेंने बताया कि समिति में रखी खाद का उच्चाधिकारियों से दिशानिर्देश लेकर नियमानुसार निस्तारण कराया जाएगा।
विज्ञापन
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के निर्देश पर सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता राजेंद्र कुमार ने बी-पैक्स गौरा का निरीक्षण किया था। इस दौरान नागार्जुन ब्रांड की 300 बोरी में 15 मीट्रिक टन यूरिया वहां डंप मिली थी। एआर को-ऑपरेटिव ने बताया कि समिति में यह यूरिया वर्ष 2012-13 में आई थी। वहां के प्रभारी सचिव विजय कुमार पांडेय ने इसका सही से रखरखाव नहीं किया। अगर, यूरिया बिक्री के काबिल नहीं थी तो उच्चाधिकारियों को सूचना देनी चाहिए थी। इसी के साथ उसका नियमानुसार निस्तारण कराना चाहिए था। लेकिन, इस जिम्मेदारी को निभाने में सचिव ने रुचि नहीं दिखाई। इसकी वजह से 180 बोरी यूरिया पूरी तरह से नष्ट हो गई। वहीं, 140 बोरी यूरिया अब भी रखी हुई है। एआर को-ऑपरेटिव ने बताया कि इस मामले में दोषी प्रभारी सचिव को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की गई है। इसके अलावा खराब हुई यूरिया के मूल्य की 96600 रुपये की रिकवरी भी सचिव से होगी। इसमें से 160 बोरी की कीमत के 51520 रुपये प्रभारी सचिव ने इलाहाबाद डिस्टिक को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की मंझनपुर शाखा में जमा करा दिए हैं। शेष 140 बोरी के 45080 रुपये एक साल के अंदर चार किश्तों में जमा करेंगे। उन्हाेंने बताया कि समिति में रखी खाद का उच्चाधिकारियों से दिशानिर्देश लेकर नियमानुसार निस्तारण कराया जाएगा।
विज्ञापन