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किसानों को केसीसी बाटने में कंजूसी कर रहे बैंक
Updated Thu, 06 Dec 2018 12:52 AM IST
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मंझनपुर। दोआबा के बैंक कर्ज बांटने में कंजूसी कर रहे हैं। खासतौर से किसानों को ऋण देने में तो फूंक-फूंक कर कदम उठाया जा रहा है। इसी वजह से वित्तीय वर्ष के करीब आठ माह गुजरने के बावजूद करीब 18,257 लोगों को ही किसान क्रेडिट कार्ड(केसीसी) जारी किया जा सका। दरअसल कर्जमाफी योजना के बाद से किसान बकाया चुकता करने नहीं आ रहे हैं। इसके चलते बैंक भी फूंक-फूंक कर कदम उठा रहे हैं।
आर्थिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े जिले दोआबा में किसी तरह का कोई उद्योग धंधा नहीं होने के कारण ज्यादातर लोग कृषि पर आश्रित है, लेकिन खेती-किसानी के लिए जरूरी संसाधन का अभाव है। खाद, बीज, पानी और मजदूरी के लिए रुपयों की आवश्यकता को पूरी करने के लिए सरकार की ओर से संचालित किसान क्रेडिट कार्ड योजना भी जिले में परवान नहीं चढ़ पा रही है। आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में इस बार विभिन्न बैंकों के जरिए 30,953 किसानों को केसीसी योजना से लाभान्वित कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन वित्तीय वर्ष के आठ महीने गुजरने के बावजूद तकरीबन 18,257 किसानों को ही केसीसी जारी किया जा सका है।
ऐसे में अन्नदाताताओं को खेती-किसानी में दिक्कत हो रही है। तीन नवंबर को विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में केसीसी की खराब प्रगति पर डीएम मनीष कुमार वर्मा ने नाराजगी जाहिर करते हुए तेजी के साथ लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया था। मामले में एलडीएम दिनेश मिश्र ने कहा कि कर्जमाफी के बाद से तमाम ऐसे किसान भी बैंकों की रकम पर कुंडली मारकर बैठे हैं जो योजना के दायरे से बाहर हैं। इसके चलते नया कर्ज बाटने में बैंकों को दिक्कत हो रही है। एलडीएम का कहना है कि बैंकों की बड़ी पूजी फंस गई है। इसके चलते नया कर्ज बाटने में दिक्कत हो रही है। फिर भी निर्धारित समयावधि के भीतर लक्ष्य पूरा करने की कोशिश की जाएगी।
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आर्थिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े जिले दोआबा में किसी तरह का कोई उद्योग धंधा नहीं होने के कारण ज्यादातर लोग कृषि पर आश्रित है, लेकिन खेती-किसानी के लिए जरूरी संसाधन का अभाव है। खाद, बीज, पानी और मजदूरी के लिए रुपयों की आवश्यकता को पूरी करने के लिए सरकार की ओर से संचालित किसान क्रेडिट कार्ड योजना भी जिले में परवान नहीं चढ़ पा रही है। आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में इस बार विभिन्न बैंकों के जरिए 30,953 किसानों को केसीसी योजना से लाभान्वित कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन वित्तीय वर्ष के आठ महीने गुजरने के बावजूद तकरीबन 18,257 किसानों को ही केसीसी जारी किया जा सका है।
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ऐसे में अन्नदाताताओं को खेती-किसानी में दिक्कत हो रही है। तीन नवंबर को विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में केसीसी की खराब प्रगति पर डीएम मनीष कुमार वर्मा ने नाराजगी जाहिर करते हुए तेजी के साथ लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया था। मामले में एलडीएम दिनेश मिश्र ने कहा कि कर्जमाफी के बाद से तमाम ऐसे किसान भी बैंकों की रकम पर कुंडली मारकर बैठे हैं जो योजना के दायरे से बाहर हैं। इसके चलते नया कर्ज बाटने में बैंकों को दिक्कत हो रही है। एलडीएम का कहना है कि बैंकों की बड़ी पूजी फंस गई है। इसके चलते नया कर्ज बाटने में दिक्कत हो रही है। फिर भी निर्धारित समयावधि के भीतर लक्ष्य पूरा करने की कोशिश की जाएगी।
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