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अब राशन की दुकानों पर जमा कीजिए बिजली का बिल
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अब राशन की दुकानों पर जमा कीजिए बिजली का बिल
ई-पॉस मशीन में की जाएगी बिल जमा करने की व्यवस्था
चुनाव बाद बिजली विभाग कोटेदारों को करेगा प्रशिक्षित
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। दोआबा के विद्युत उपभोक्ताओं को अब बिल जमा करने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं होगा। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर ही बिल जमा हो जाएगा। ऐसा कोटेदारों को पहले ही दी जा चुकी ई-पॉस मशीन के माध्यम से संभव होगा। उम्मीद है कि चुनाव बाद बिजली विभाग कोटेदारों को इस काम के लिए प्रशिक्षित करेगा।
कौशाम्बी जनपद में बिजली विभाग के करीब 1.66 लाख उपभोक्ता हैं। इन्हें बिल जमा करने के लिए अभी तक स्थानीय पॉवर हाउस का चक्कर काटना पड़ता था। कभी कर्मचारी नहीं मिलते थे तो कभी बाद में आने के लिए कहकर लौटा दिया जाता है। ऐसे में उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी चक्कर में कई बार बिल कुछ महीनों तक नहीं जमा हो पाता है और बाद में हजारों का बिल लाखों में आ जाता है। जिसका संशोधन कराने में पैर का पसीना सिर पर चढ़ जाता है। आम लोगों की इसी समस्या को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने अनूठी व्यवस्था की है। जिला पूर्ति अधिकारी कुमार निर्मलेन्दु ने बताया कि अब बिजली का बिल सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर भी जमा किया जा सकेगा। चुनाव के बाद कोटेदारों को ई-पॉस मशीन के जरिए बिल जमा कराने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। माना जा रहा है कि इसके बाद खासकर गंवई उपभोक्ताओं को काफी हद तक सहूलियत मिलेगी।
ऑनलाइन बिलिंग का उठाया फायदा
मंझनपुर। बिजली विभाग ने अभी हाल ही में बिल ऑनलाइन जमा करने की व्यवस्था की है। जिला प्रशासन इसी व्यवस्था का फायदा उठाने जा रहा है। ई-पॉस मशीन नेट से ही चलती है। इसमें कोटेदार गेम खेलने के साथ यू-ट्यूब चलाकर फिल्म तक देखते हैं। अब प्रशिक्षण पाने के बाद वह लोगों का विद्युत बिल भी जमा करने में सक्षम होंगे।
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पारिश्रमिक दिए जाने पर विचार
मंझनपुर। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर विद्युत बिल जमा करने की योजना शासन स्तर पर बन रही है। कोटेदारों को इस काम का पारिश्रमिक देने पर भी विचार किया जा रहा है। बताया जाता है कि पारिश्रमिक नहीं मिला तो कोटेदार मुफ्त की कोई जिम्मेदारी लेंगे भी नहीं। पूर्व में वह ई-पॉस मशीन का भी विरोध कर चुके हैं।
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ई-पॉस मशीन में की जाएगी बिल जमा करने की व्यवस्था
चुनाव बाद बिजली विभाग कोटेदारों को करेगा प्रशिक्षित
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। दोआबा के विद्युत उपभोक्ताओं को अब बिल जमा करने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं होगा। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर ही बिल जमा हो जाएगा। ऐसा कोटेदारों को पहले ही दी जा चुकी ई-पॉस मशीन के माध्यम से संभव होगा। उम्मीद है कि चुनाव बाद बिजली विभाग कोटेदारों को इस काम के लिए प्रशिक्षित करेगा।
कौशाम्बी जनपद में बिजली विभाग के करीब 1.66 लाख उपभोक्ता हैं। इन्हें बिल जमा करने के लिए अभी तक स्थानीय पॉवर हाउस का चक्कर काटना पड़ता था। कभी कर्मचारी नहीं मिलते थे तो कभी बाद में आने के लिए कहकर लौटा दिया जाता है। ऐसे में उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी चक्कर में कई बार बिल कुछ महीनों तक नहीं जमा हो पाता है और बाद में हजारों का बिल लाखों में आ जाता है। जिसका संशोधन कराने में पैर का पसीना सिर पर चढ़ जाता है। आम लोगों की इसी समस्या को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने अनूठी व्यवस्था की है। जिला पूर्ति अधिकारी कुमार निर्मलेन्दु ने बताया कि अब बिजली का बिल सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर भी जमा किया जा सकेगा। चुनाव के बाद कोटेदारों को ई-पॉस मशीन के जरिए बिल जमा कराने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। माना जा रहा है कि इसके बाद खासकर गंवई उपभोक्ताओं को काफी हद तक सहूलियत मिलेगी।
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ऑनलाइन बिलिंग का उठाया फायदा
मंझनपुर। बिजली विभाग ने अभी हाल ही में बिल ऑनलाइन जमा करने की व्यवस्था की है। जिला प्रशासन इसी व्यवस्था का फायदा उठाने जा रहा है। ई-पॉस मशीन नेट से ही चलती है। इसमें कोटेदार गेम खेलने के साथ यू-ट्यूब चलाकर फिल्म तक देखते हैं। अब प्रशिक्षण पाने के बाद वह लोगों का विद्युत बिल भी जमा करने में सक्षम होंगे।
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पारिश्रमिक दिए जाने पर विचार
मंझनपुर। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर विद्युत बिल जमा करने की योजना शासन स्तर पर बन रही है। कोटेदारों को इस काम का पारिश्रमिक देने पर भी विचार किया जा रहा है। बताया जाता है कि पारिश्रमिक नहीं मिला तो कोटेदार मुफ्त की कोई जिम्मेदारी लेंगे भी नहीं। पूर्व में वह ई-पॉस मशीन का भी विरोध कर चुके हैं।