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इमाम के चेहल्लुम पर उमड़ा अजादारों का हुजूम
Updated Sat, 11 Nov 2017 12:39 AM IST
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इमाम के चेहल्लुम पर उमड़ा अजादारों का हुजूम
-सुबह से शाम तक चला मजलिस और मातम का दौर
-ताजिये दफन कर बिलख पड़े अजादार
करारी (ब्यूरो)। रसूले अकरम के नवासे इमाम हुसैन के चेहल्लुम पर जिले के सभी इमामबाड़ों में मजलिस और मातम का दौर चला। अजादार ताजिये उठाकर कर्बला ले गए और नम आंखों से दफन करते हुए आंसू बहाए।
शुक्रवार को जिले में इमाम हुसैन का चेहल्लुम अकीदत व एहतराम के साथ मनाया गया। जिले के मंझनपुर, करारी, दारानगर, चायल, भरवारी, मुस्तफाबाद सहित कई जगह इमाम के चेहल्लुम पर सुबह से ही अजाखानों में इमाम के चाहने वाले पहुंच कर शहादत सुन आंसू बहा रहे थे। मौलानाओं ने तकरीर कर इमाम के मसायब बयान किए। करारी स्थित चमनगंज के चौधरी कादिर अली के इमाम बारगाह में मजलिस हुई। इसे मौलाना जमीर हैदर ने खिताब करते हुए कहा कि इमाम हुसैन की शहादत के बाद अहले हरम को कैद कर लिया गया। जब इमाम की बहन जनाबे जैनब और बेटी सकीना इमाम पर रोना चाहती थीं तो यजीदी फौज कोड़े लगाकर मना करती थी। इस दौरान कैदखाने में सकीना को मौत आ गई। मजलिस के बाद अलम, जुलजनाह और अमारी बरामद हुई। अजीज हुसैन नकी हसन और खुर्शीद अब्बास ने मर्सिया पढ़ा- मां जाई है जैनब दुख पाई है जैनब, ऐ लाश ए बेसर तेरा सर लाई है जैनब। इसके बाद नवजवान मातम करते हुये कर्बला पहुंचे और अजादारों ने ताजिये दफन किए। इसी तरह औरेनी गांव में चेहल्लुम का जुलूस निकाला गया। इस मौके पर मेले का भी आयोजन किया गया जहां लोगों ने खरीदारी की।
कलश यात्रा के साथ पुरानी कुटी में शतचंडी महायज्ञ शुरू
मूरतगंज (ब्यूरो)। पल्हाना गंगा घाट स्थित पुरानी कुटी में 11 कुंडीय शतचंडी महायज्ञ की शुरुआत शुक्रवार का कलश यात्रा निकालकर की गई। कलश यात्रा में पल्हाना, धन्नी सहित आधा दर्जन गांवों की महिला भक्त शामिल र्हुइं। महायज्ञ के आयोजक पुजारी विश्वंभर दास ने बताया कि इसका समापन 17 नवंबर को होगा। इस दिन यज्ञ स्थल पर विशाल भंडारा आयोजित किया जाएगा। कथावाचक महंत सियाराम दास होंगे। इस मौके पर महंत हरिदास जी, रामसेवक दास, रामशरन दास, गंगादास, सिया बिहारी दास मौजूद रहेंगे।
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भौतर मेले में कुप्पी युद्ध देखने को उमड़ी भीड़
आधा दर्जन आकर्षक चौकियों का लोगों ने मेले में उठाया लुफ्त
फोटो-
अटसराय (ब्यूरो)। विकास खंड कड़ा के भौतर में दो दिवसीय मेले का आयोजन किया गया। शुक्रवार को दूसरे दिन मेले में राम-रावण सेना के बीच आयोजित हुए कुप्पी युद्ध को देखने के लिये भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान मेले में निकाली गई आधा दर्जन आकर्षक चौकियों का भी लोगों ने आनंद उठाया।
भौतर गांव के दो दिवसीय मेले की शुरुआत गुरुवार को हुई। पहले दिन मेले में लोगों ने जरूरत के सामानों की जमकर खरीदारी की। दूसरे दिन राम-रावण सेना के बीच कुप्पी युद्ध का आयोजन किया गया। इसे देखने के लिए स्थानीय लोगों के अलावा नगर पंचायत अझुवा सहित कई गांवों के लोगों की भीड़ जुटी। कुप्पी युद्ध रावण के मारे जाने के बाद समाप्त हुआ। इसके बाद मेला कमेटी द्वारा लंका दहन, भारत माता, अशोक वाटिका में हनुमान, राधा-कृष्ण, परशुराम व भगवान भोलेनाथ की आकर्षक चौकियां निकाली गई। अंत में भरत मिलाप का आयोजन किया गया। इसी के साथ भौतर का दो दिवसीय दशहरा मेला सकुशल संपन्न हो गया। मेला सकुशल संपन्न होने पर कमेटी के अध्यक्ष पुत्तन सिंह ने सहयोगी नमोनारायण त्रिपाठी, रमेश कुमार त्रिपाठी, वीरेंद्र सिंह, राम लखन चौधरी के सहयोग की सराहना की।
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-सुबह से शाम तक चला मजलिस और मातम का दौर
-ताजिये दफन कर बिलख पड़े अजादार
करारी (ब्यूरो)। रसूले अकरम के नवासे इमाम हुसैन के चेहल्लुम पर जिले के सभी इमामबाड़ों में मजलिस और मातम का दौर चला। अजादार ताजिये उठाकर कर्बला ले गए और नम आंखों से दफन करते हुए आंसू बहाए।
शुक्रवार को जिले में इमाम हुसैन का चेहल्लुम अकीदत व एहतराम के साथ मनाया गया। जिले के मंझनपुर, करारी, दारानगर, चायल, भरवारी, मुस्तफाबाद सहित कई जगह इमाम के चेहल्लुम पर सुबह से ही अजाखानों में इमाम के चाहने वाले पहुंच कर शहादत सुन आंसू बहा रहे थे। मौलानाओं ने तकरीर कर इमाम के मसायब बयान किए। करारी स्थित चमनगंज के चौधरी कादिर अली के इमाम बारगाह में मजलिस हुई। इसे मौलाना जमीर हैदर ने खिताब करते हुए कहा कि इमाम हुसैन की शहादत के बाद अहले हरम को कैद कर लिया गया। जब इमाम की बहन जनाबे जैनब और बेटी सकीना इमाम पर रोना चाहती थीं तो यजीदी फौज कोड़े लगाकर मना करती थी। इस दौरान कैदखाने में सकीना को मौत आ गई। मजलिस के बाद अलम, जुलजनाह और अमारी बरामद हुई। अजीज हुसैन नकी हसन और खुर्शीद अब्बास ने मर्सिया पढ़ा- मां जाई है जैनब दुख पाई है जैनब, ऐ लाश ए बेसर तेरा सर लाई है जैनब। इसके बाद नवजवान मातम करते हुये कर्बला पहुंचे और अजादारों ने ताजिये दफन किए। इसी तरह औरेनी गांव में चेहल्लुम का जुलूस निकाला गया। इस मौके पर मेले का भी आयोजन किया गया जहां लोगों ने खरीदारी की।
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कलश यात्रा के साथ पुरानी कुटी में शतचंडी महायज्ञ शुरू
मूरतगंज (ब्यूरो)। पल्हाना गंगा घाट स्थित पुरानी कुटी में 11 कुंडीय शतचंडी महायज्ञ की शुरुआत शुक्रवार का कलश यात्रा निकालकर की गई। कलश यात्रा में पल्हाना, धन्नी सहित आधा दर्जन गांवों की महिला भक्त शामिल र्हुइं। महायज्ञ के आयोजक पुजारी विश्वंभर दास ने बताया कि इसका समापन 17 नवंबर को होगा। इस दिन यज्ञ स्थल पर विशाल भंडारा आयोजित किया जाएगा। कथावाचक महंत सियाराम दास होंगे। इस मौके पर महंत हरिदास जी, रामसेवक दास, रामशरन दास, गंगादास, सिया बिहारी दास मौजूद रहेंगे।
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भौतर मेले में कुप्पी युद्ध देखने को उमड़ी भीड़
आधा दर्जन आकर्षक चौकियों का लोगों ने मेले में उठाया लुफ्त
फोटो-
अटसराय (ब्यूरो)। विकास खंड कड़ा के भौतर में दो दिवसीय मेले का आयोजन किया गया। शुक्रवार को दूसरे दिन मेले में राम-रावण सेना के बीच आयोजित हुए कुप्पी युद्ध को देखने के लिये भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान मेले में निकाली गई आधा दर्जन आकर्षक चौकियों का भी लोगों ने आनंद उठाया।
भौतर गांव के दो दिवसीय मेले की शुरुआत गुरुवार को हुई। पहले दिन मेले में लोगों ने जरूरत के सामानों की जमकर खरीदारी की। दूसरे दिन राम-रावण सेना के बीच कुप्पी युद्ध का आयोजन किया गया। इसे देखने के लिए स्थानीय लोगों के अलावा नगर पंचायत अझुवा सहित कई गांवों के लोगों की भीड़ जुटी। कुप्पी युद्ध रावण के मारे जाने के बाद समाप्त हुआ। इसके बाद मेला कमेटी द्वारा लंका दहन, भारत माता, अशोक वाटिका में हनुमान, राधा-कृष्ण, परशुराम व भगवान भोलेनाथ की आकर्षक चौकियां निकाली गई। अंत में भरत मिलाप का आयोजन किया गया। इसी के साथ भौतर का दो दिवसीय दशहरा मेला सकुशल संपन्न हो गया। मेला सकुशल संपन्न होने पर कमेटी के अध्यक्ष पुत्तन सिंह ने सहयोगी नमोनारायण त्रिपाठी, रमेश कुमार त्रिपाठी, वीरेंद्र सिंह, राम लखन चौधरी के सहयोग की सराहना की।