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यूपी बोर्ड परीक्षा: पाठ्यक्रम पूरा कराने की चुनौती

Sat, 22 Sep 2018 12:50 AM IST
Updated Sat, 22 Sep 2018 12:50 AM IST
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यूपी बोर्ड परीक्षा: पाठ्यक्रम पूरा कराने की चुनौती
मंझनपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षाएं सात फरवरी से होंगी। इससे पहले पाठ्यक्रम पूरा कराना प्रधानाचार्यों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। दरअसल इस दफा अगस्त तक स्कूलों में दाखिला ही हुआ। इसके चलते तमाम कॉलेजों में अभी तक एक तिहाई पाठ्यक्रम भी नहीं पूरा हो सका है। इसके बावजूद प्रधानाचार्यों को बोर्ड परीक्षा से पहले ही गृह परीक्षा, प्रैक्टिकल कराने सहित अन्य कार्य जनवरी में ही पूरा करना होगा।
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वर्ष 2019 में समय से शिक्षण सत्र चालू करने की कवायद में जुटी प्रदेश सरकार ने सात फरवरी से बोर्ड परीक्षा कराने का कार्यक्रम तय किया है। इसके लिए केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। स्कूलों में मौजूद संसाधनों की सूचनाओं का सत्यापन कर डीआईओएस ने अपनी रिपोर्ट ऑनलाइन कर दी है। अब जेडी को अपनी रिपोर्ट शासन को भेजनी है। माना जा रहा है कि सितंबर के अंत तक यह काम भी पूरा हो जाएगा। कुल मिलाकर बोर्ड की ओर से परीक्षा के लिए कार्यक्रम तय होने के बाद से स्कूलों ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। समय से पहले पाठ्यक्रम कैसे पूरा हो इसे लेकर प्रधानाचार्यों की चिंता बढ़ गई है। दरअसल तमाम कॉलेजों में इस बार अगस्त तक तो नामांकन का काम हुआ है। इसके बाद पठन-पाठन प्रारंभ हुआ तो दिक्कतें एनसीईआरटी की किताबों को लेकर खड़ी हो र्गई।
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बाजार में किताबों की अनुपलब्धता के कारण छात्र काफी परेशान थे। इन सभी समस्याओं से उबरने के बाद अब पठन-पाठन पटरी पर आया है। अक्तूबर में दशहरा, दीपावली की छुट्टियां पड़ने से एक बार फिर पठन-पाठन प्रभावित होने की संभावना है। धर्मा देवी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ रामकिरण त्रिपाठी का कहना है कि समय से पहले परीक्षा कराने की वजह से कुछ दिक्कतें जरूर हो रही हैं। फिर भी हम लोग अपनी तैयारी में जुट गए हैं। दुर्गा देवी इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल चुन्नीलाल का कहना है कि प्रैक्टिल परीक्षाएं समय से कराने के बाद अब कोशिश होगी कि होम एग्जाम बोर्ड परीक्षा बाद ही कराए जाएं। वर्ना कोर्स पूरा करा पाना मुश्किल होगा। वहीं डीआईओएस का कहना है कि जिले में समय से बोर्ड परीक्षा कराने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके लिए प्रधानाचार्यों को चार महीने तक पूरी जिम्मेदारी के साथ पाठ्यक्रम पूरा कराने का निर्देश दे दिया गया है। संभव है कि अक्तूबर में केंद्र निर्धारण का भी कार्य पूरा हो जाएगा।
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