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वर्मी कंपोष्ट से सुधरेगी खेतों के मिट्टी की सेहत
Updated Fri, 12 Jan 2018 12:35 AM IST
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वर्मी कंपोस्ट से सुधरेगी खेतों के मिट्टी की सेहत
-प्रत्येक आबाद राजस्व गांवों में स्थापित होगी एक इकाई
-आरकेवीवाई योजना मृदा में जीवांश बढ़ाने को हुई पहल
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। अंधाधुंध रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल से बरबाद हो रही उपजाऊ मिट्टी की सेहत सुधारने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए सरकार ने गांव-गांव वर्मी कम्पोस्ट इकाई खोलने की योजना बनाई है। अनुदान देकर खोली जाने वाली इकाइयों के लिए कृषि विभाग ने किसानों से आवेदन लेना प्रारंभ कर दिया है।
उर्वरक के अधिक प्रयोग से जिले के खेतों का उपजाऊपन धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। गोबर व जैविक खादों का किसानों द्वारा प्रयोग कम किए जाने से उत्पन्न होने वाले अनाज की गुणवत्ता भी ठीक नहीं होती। मृदा परीक्षण के दौरान खेतों की मिट्टी में खत्म हो रहे जीवांश कार्बन को बढ़ाने के लिए शासन ने आरकेवीवाई (राष्ट्रीय कृषि विकास योजना) के तहत खजाना खोल दिया है। मिट्टी की सेहत सुधारे जाने के लिए जिले के प्रत्येक आबाद राजस्व गांवों में एक-एक वर्मी कंपोस्ट इकाई की स्थापना कराए जाने की पहल हुई है। शासन का फरमान आने के बाद कृषि विभाग ने इकाई की स्थापना के लिए पहल शुरू कर दी है। इसके लिए किसानों से विभागीय पोर्टल (यूपी एग्रीकल्चर.काम) पर ऑनलाइन पंजीयन कराने को कहा गया है। योजना का लाभ पंजीकृत किसानों को प्रथम आवक प्रथम पावक के आधार पर दिया जाएगा। बहरहाल कुछ भी हो प्रत्येक गांव में वर्मी कंपोस्ट इकाई की स्थापना किए जाने के बाद गांव के किसानों को जैविक खाद जहां आसानी से मिल सकेगी वहीं मिट्टी की सेहत में भी भारी सुधार होगा।
ग्राम पंचायतों के आरक्षण के हिसाब मिलेगा लाभ
वर्मी कंपोस्ट यूनिट की स्थापना का लाभ दिए जाने के लिए किसान के पास कम से कम एक एकड़ भूमि का होना जरूरी है। इसके अलावा संबंधित गांव के उसी वर्ग के किसान को यूनिट स्थापित करने के लिए लाभान्वित किया जाएगा जिसके अंतर्गत संबंधित गांव मौजूदा समय में आरक्षित है। ग्राम पंचायत आरक्षित वर्ग में किसान नहीं मिलने पर इच्छुक दूसरे किसान को इससे लाभान्वित कराया जाएगा।
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21 घन फिट आकार में होगी यूनिट की स्थापना
वर्मी कंपोस्ट इकाई की स्थापना 21 घन फिट अकार में कराई जाएगी। इसके लिए कृषि विभाग द्वारा लागत मूल्य आठ हजार रुपए का 75 फीसदी यानि छह हजार रुपए कृषकों को अनुदान के रूप में मिलेगा। 25 फीसदी धनराशि कृषक को यूनिट स्थापित करने के लिए स्वयं लगानी होगी। यूनिट का निर्माण होने के बाद गांव के किसानों को जीवांश कार्बन बढ़ाने के लिए आसानी से वर्मी कंपोस्ट मिल सकेगी।
क्या कहते हैं अधिकारी
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत प्रत्येक आबाद ग्रामसभा में वर्मी कंपोस्ट की इकाई स्थापित की जानी है। इसके लिए किसानों से आवेदन लिए जा रहे हैं। योजना का लाभ पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा।
एसएस चौहान
उप कृषि निदेशक
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-प्रत्येक आबाद राजस्व गांवों में स्थापित होगी एक इकाई
-आरकेवीवाई योजना मृदा में जीवांश बढ़ाने को हुई पहल
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। अंधाधुंध रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल से बरबाद हो रही उपजाऊ मिट्टी की सेहत सुधारने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए सरकार ने गांव-गांव वर्मी कम्पोस्ट इकाई खोलने की योजना बनाई है। अनुदान देकर खोली जाने वाली इकाइयों के लिए कृषि विभाग ने किसानों से आवेदन लेना प्रारंभ कर दिया है।
उर्वरक के अधिक प्रयोग से जिले के खेतों का उपजाऊपन धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। गोबर व जैविक खादों का किसानों द्वारा प्रयोग कम किए जाने से उत्पन्न होने वाले अनाज की गुणवत्ता भी ठीक नहीं होती। मृदा परीक्षण के दौरान खेतों की मिट्टी में खत्म हो रहे जीवांश कार्बन को बढ़ाने के लिए शासन ने आरकेवीवाई (राष्ट्रीय कृषि विकास योजना) के तहत खजाना खोल दिया है। मिट्टी की सेहत सुधारे जाने के लिए जिले के प्रत्येक आबाद राजस्व गांवों में एक-एक वर्मी कंपोस्ट इकाई की स्थापना कराए जाने की पहल हुई है। शासन का फरमान आने के बाद कृषि विभाग ने इकाई की स्थापना के लिए पहल शुरू कर दी है। इसके लिए किसानों से विभागीय पोर्टल (यूपी एग्रीकल्चर.काम) पर ऑनलाइन पंजीयन कराने को कहा गया है। योजना का लाभ पंजीकृत किसानों को प्रथम आवक प्रथम पावक के आधार पर दिया जाएगा। बहरहाल कुछ भी हो प्रत्येक गांव में वर्मी कंपोस्ट इकाई की स्थापना किए जाने के बाद गांव के किसानों को जैविक खाद जहां आसानी से मिल सकेगी वहीं मिट्टी की सेहत में भी भारी सुधार होगा।
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ग्राम पंचायतों के आरक्षण के हिसाब मिलेगा लाभ
वर्मी कंपोस्ट यूनिट की स्थापना का लाभ दिए जाने के लिए किसान के पास कम से कम एक एकड़ भूमि का होना जरूरी है। इसके अलावा संबंधित गांव के उसी वर्ग के किसान को यूनिट स्थापित करने के लिए लाभान्वित किया जाएगा जिसके अंतर्गत संबंधित गांव मौजूदा समय में आरक्षित है। ग्राम पंचायत आरक्षित वर्ग में किसान नहीं मिलने पर इच्छुक दूसरे किसान को इससे लाभान्वित कराया जाएगा।
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21 घन फिट आकार में होगी यूनिट की स्थापना
वर्मी कंपोस्ट इकाई की स्थापना 21 घन फिट अकार में कराई जाएगी। इसके लिए कृषि विभाग द्वारा लागत मूल्य आठ हजार रुपए का 75 फीसदी यानि छह हजार रुपए कृषकों को अनुदान के रूप में मिलेगा। 25 फीसदी धनराशि कृषक को यूनिट स्थापित करने के लिए स्वयं लगानी होगी। यूनिट का निर्माण होने के बाद गांव के किसानों को जीवांश कार्बन बढ़ाने के लिए आसानी से वर्मी कंपोस्ट मिल सकेगी।
क्या कहते हैं अधिकारी
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत प्रत्येक आबाद ग्रामसभा में वर्मी कंपोस्ट की इकाई स्थापित की जानी है। इसके लिए किसानों से आवेदन लिए जा रहे हैं। योजना का लाभ पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा।
एसएस चौहान
उप कृषि निदेशक