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ठंड और कोहरे में गायब हो गई लाखों की लकड़ियां
Updated Sun, 07 Jan 2018 12:30 AM IST
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ठंड और कोहरे में गायब हो गईं लाखों की लकड़ियां
-सड़क किनारे सूखे पेड़ों की लकड़ी से गरीबों ने दूर की ठंड
-कोहरे के दौरान सूखे सरकारी शीशम पर भी साधा निशाना
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। कड़ाके की ठंड और कोहरे में सड़क किनारे लगे सरकारी सूखे पेड़ों की शामत सी आ गई। जलाऊ लकड़ी को गरीबों ने निशाना बनाया तो कीमती शीशम को माफिया चट कर दिए। विभागीय जिम्मेदार हैं कि उन्हें गायब हो रहे पेड़ों की भनक तक नहीं लगी।
दोआबा के लोग सप्ताह भर से घने कोहरे और हाड़ कंपाऊ ठंड की जद में हैं। लोगों को गर्म कपड़ों से भी राहत नहीं मिल पा रही है। कोहरे और ठंड से पूरा दोआबा कांप रहा है। इस दौरान बचाव के लिए गरीब तबके को सिर्फ अलाव का ही सहारा है। ठंड से कांप रहे दोआबा के गरीबों ने अलाव के लिए बागों में पड़ी सूखी आम व महुआ की पत्तियों का सहारा लिया। बागों से पत्तियां गायब होने के बाद सड़क किनारे लगे बबूल, जामुन व सिरसा के सूखे पेड़ों को निशाना बनाया। अपने-अपने गांव के सामने लगे पेड़ों को कोहरे की आड़ में काटकर लोग घर उठा ले गए और अलाव के रूप में प्रयोग कर ठंड दूर कर रहे हैं। इस दौरान लकड़ी माफिया की नजर सड़क किनारे गिरे सूखे व हरे शीशम के पेड़ों पर रही। मौसम का भरपूर फायदा उठाते हुए लकड़ी माफिया ने सैकड़ों पेड़ शीशम के काटकर गायब कर दिए। बानगी के तौर पर मंझनपुर रेंज के पिंड़रा क्षेत्र को लिया जा सकता है। यहां पर तीन शीशम के पेड़ अब तक गायब हो चुके हैं। विभागीय जिम्मेदार हैं कि उन्हें इस बाबत जानकारी तक नहीं है।
ठंड के बहाने दुबका रहा महकमा
कड़ाके की ठंड और कोहरे के दौरान सड़क किनारे लगे कीमती पेड़ों की लकड़ियां गायब होती रहीं और संबंधित रेंज अफसर बंद कमरों में दुबके रहे। कड़ाके की ठंड और कोहरे में रेंजर से लेकर उनके वन दरोगा व चौकीदार कोई भी अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद नहीं रहा। इसका भरपूर फायदा लकड़ी माफिया ने उठाया। यही कारण है कि सप्ताह भर के कोहरे और ठंड के बीच लाखों रुपए की कीमती लकड़ियां मौके से गायब हो गईं हैं।
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अवैध कटान में भी रहती है मिलीभगत
कोहरे व कड़ाके की ठंड में गायब हुई लकड़ियां महकमे के जिम्मेदारों के लिए आम बात है। यह खेल जिले में हर साल सर्द मौसम के दौरान होता है। लेकिन साफ मौसम में भी लकड़ी माफिया विभाग की मिली भगत से बगैर परमिट लिए ही जिले की हरियाली को चट करते रहते हैं। इसकी बानगी विभाग द्वारा किए गए जुर्माने से लिया जा सकता है। यह बात अलग है कि उच्चाधिकारियों तक शिकायत होने के बाद जुर्माना काटना विभागीय जिम्मेदारों की मजबूरी हो जाती है।
क्या कहते हैं अधिकारी
फिलहाल कहीं से कोई शिकायत नहीं मिली है। तीनों सर्किल के रेंज अफसरों से गायब लकड़ियों की जांच कराई जाएगी। मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
ओपी अंबस्ट, डीएफओ
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-सड़क किनारे सूखे पेड़ों की लकड़ी से गरीबों ने दूर की ठंड
-कोहरे के दौरान सूखे सरकारी शीशम पर भी साधा निशाना
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। कड़ाके की ठंड और कोहरे में सड़क किनारे लगे सरकारी सूखे पेड़ों की शामत सी आ गई। जलाऊ लकड़ी को गरीबों ने निशाना बनाया तो कीमती शीशम को माफिया चट कर दिए। विभागीय जिम्मेदार हैं कि उन्हें गायब हो रहे पेड़ों की भनक तक नहीं लगी।
दोआबा के लोग सप्ताह भर से घने कोहरे और हाड़ कंपाऊ ठंड की जद में हैं। लोगों को गर्म कपड़ों से भी राहत नहीं मिल पा रही है। कोहरे और ठंड से पूरा दोआबा कांप रहा है। इस दौरान बचाव के लिए गरीब तबके को सिर्फ अलाव का ही सहारा है। ठंड से कांप रहे दोआबा के गरीबों ने अलाव के लिए बागों में पड़ी सूखी आम व महुआ की पत्तियों का सहारा लिया। बागों से पत्तियां गायब होने के बाद सड़क किनारे लगे बबूल, जामुन व सिरसा के सूखे पेड़ों को निशाना बनाया। अपने-अपने गांव के सामने लगे पेड़ों को कोहरे की आड़ में काटकर लोग घर उठा ले गए और अलाव के रूप में प्रयोग कर ठंड दूर कर रहे हैं। इस दौरान लकड़ी माफिया की नजर सड़क किनारे गिरे सूखे व हरे शीशम के पेड़ों पर रही। मौसम का भरपूर फायदा उठाते हुए लकड़ी माफिया ने सैकड़ों पेड़ शीशम के काटकर गायब कर दिए। बानगी के तौर पर मंझनपुर रेंज के पिंड़रा क्षेत्र को लिया जा सकता है। यहां पर तीन शीशम के पेड़ अब तक गायब हो चुके हैं। विभागीय जिम्मेदार हैं कि उन्हें इस बाबत जानकारी तक नहीं है।
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ठंड के बहाने दुबका रहा महकमा
कड़ाके की ठंड और कोहरे के दौरान सड़क किनारे लगे कीमती पेड़ों की लकड़ियां गायब होती रहीं और संबंधित रेंज अफसर बंद कमरों में दुबके रहे। कड़ाके की ठंड और कोहरे में रेंजर से लेकर उनके वन दरोगा व चौकीदार कोई भी अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद नहीं रहा। इसका भरपूर फायदा लकड़ी माफिया ने उठाया। यही कारण है कि सप्ताह भर के कोहरे और ठंड के बीच लाखों रुपए की कीमती लकड़ियां मौके से गायब हो गईं हैं।
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अवैध कटान में भी रहती है मिलीभगत
कोहरे व कड़ाके की ठंड में गायब हुई लकड़ियां महकमे के जिम्मेदारों के लिए आम बात है। यह खेल जिले में हर साल सर्द मौसम के दौरान होता है। लेकिन साफ मौसम में भी लकड़ी माफिया विभाग की मिली भगत से बगैर परमिट लिए ही जिले की हरियाली को चट करते रहते हैं। इसकी बानगी विभाग द्वारा किए गए जुर्माने से लिया जा सकता है। यह बात अलग है कि उच्चाधिकारियों तक शिकायत होने के बाद जुर्माना काटना विभागीय जिम्मेदारों की मजबूरी हो जाती है।
क्या कहते हैं अधिकारी
फिलहाल कहीं से कोई शिकायत नहीं मिली है। तीनों सर्किल के रेंज अफसरों से गायब लकड़ियों की जांच कराई जाएगी। मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
ओपी अंबस्ट, डीएफओ