{"_id":"59e10f564f1c1bd9538b7454","slug":"161507921750-kaushambi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच दिन से गुल है चार गांव की बिजली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच दिन से गुल है चार गांव की बिजली
Updated Sat, 14 Oct 2017 12:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पांच दिन से गुल है चार गांव की बिजली
अंधेरे में रहने के साथ ग्रामीणों में पेयजल संकट
मंदर उपकेंद्र से आपूर्ति जोड़े जाने के बाद उत्पन्न हुई समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
चायल।
विद्युत उपकेंद्र मंदर के चार गांवों की बिजली आपूर्ति पांच दिन से ठप है। बिजली नहीं मिलने पर ग्रामीण अंधेरे में गुजर-बसर तो कर ही रहे हैं, बूंद-बूंद पानी का संकट भी खड़ा हो गया है। मामले की शिकायत ग्रामीणों ने एक्सईएन से लेकर जेई तक से करते हुए आपूर्ति मनौरी उपकेंद्र से जुड़वाने की मांग की है।
विद्युत उपकेंद्र मनौरी से इलाके के काठगांव, अकबरपुर, विलासपुर व मेड़वारा गांवों को बिजली दी जाती थी। इन गांवों को पिछले दिनों मंदर उपकेंद्र से जोड़ दिया गया। मंदर उपकेंद्र से आपूर्ति शुरू होने के बाद ग्रामीणों को भरपूर बिजली नहीं मिल रही थी। इधर, पांच दिन से आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है। बिजली नहीं मिलने से ग्रामीणों को अंधेरे में रहने के साथ-साथ पेयजल संकट से भी जूझना पड़ रहा है। इसे लेकर गांव के गुड्डू, महताब आलम, सगीर अहमद, बनवारी लाल, रामसूरत साहू, मो. गौस आदि ने जेई अजीत कुमार से शिकायत किया। पांच दिन बीत जाने के बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार को एक्सईएन मेघ सिंह को शिकायती पत्र देकर गांव की आपूर्ति मनौरी उपकेंद्र से जोड़े जाने की मांग की है। एक्सईएन ने दो दिन के भीतर व्यवस्था में सुधार किए जाने का आश्वासन दिया है। उधर पांच दिन से ठप बिजली आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं में हायतौबा है।
तीन माह से नहीं बदला जा रहा पुराना खोंपा गांव का ट्रांसफार्मर
दो बार ग्रामीण करा चुके हैं प्राइवेट मिस्त्री से मरम्मत, 1912 पर शिकायत के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
सरायअकिल ।
स्थानीय विद्युत उपकेंद्र के पुराना खोंपा गांव में लगा ट्रांसफार्मर तीन माह से एक फेज आपूर्ति दे रहा था। मामले की शिकायत ग्रामीणों ने जेई से की पर नहीं बदला गया। इस पर ग्रामीणों ने निजी पैसे से ट्रांसफार्मर की दो बार मरम्मत कराई। इस बीच सात दिन से ट्रांसफार्मर पूरी तरह काम करना बंद कर दिया है। 1912 पर शिकायत की गई पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसे लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है।
विज्ञापन
पुराना खोंपा के उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति 63 केवीए के ट्रांसफार्मर से की जाती है। गांव में लगा यह ट्रांसफार्मर तीन माह से खराब चल रहा है। गांव के तौकीर सिद्दीकी का आरोप है कि तीन माह से ट्रांसफार्मर दो फेज बिजली दे रहा था। विभाग में शिकायत के बाद जब नहीं बदला गया तो स्थानीय लोगों ने सरायअकिल के एक जानकार से उसकी मरम्मत कराई। कुछ दिन चलने के बाद ट्रांसफार्मर सात अक्तूबर को पुन: फुंक गया। इस पर ग्रामीणों ने 1912 नंबर पर शिकायत दर्ज कराई पर बदलना तो दूर कोई फुंका ट्रांसफार्मर लेने तक नहीं पहुंचा। मामले की शिकायत एक्सईएन वर्कशॉप से की गई तो उन्होंने शनिवार को ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने की बात कही है। उधर, छह दिन से पूरी तरह ठप बिजली आपूर्ति के चलते उपभोक्ताओं को अंधेरे में रहना पड़ रहा है। ट्रांसफार्मर न बदले जाने से उपभोक्ताओं में नाराजगी है।
विज्ञापन
अंधेरे में रहने के साथ ग्रामीणों में पेयजल संकट
मंदर उपकेंद्र से आपूर्ति जोड़े जाने के बाद उत्पन्न हुई समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
चायल।
विद्युत उपकेंद्र मंदर के चार गांवों की बिजली आपूर्ति पांच दिन से ठप है। बिजली नहीं मिलने पर ग्रामीण अंधेरे में गुजर-बसर तो कर ही रहे हैं, बूंद-बूंद पानी का संकट भी खड़ा हो गया है। मामले की शिकायत ग्रामीणों ने एक्सईएन से लेकर जेई तक से करते हुए आपूर्ति मनौरी उपकेंद्र से जुड़वाने की मांग की है।
विद्युत उपकेंद्र मनौरी से इलाके के काठगांव, अकबरपुर, विलासपुर व मेड़वारा गांवों को बिजली दी जाती थी। इन गांवों को पिछले दिनों मंदर उपकेंद्र से जोड़ दिया गया। मंदर उपकेंद्र से आपूर्ति शुरू होने के बाद ग्रामीणों को भरपूर बिजली नहीं मिल रही थी। इधर, पांच दिन से आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है। बिजली नहीं मिलने से ग्रामीणों को अंधेरे में रहने के साथ-साथ पेयजल संकट से भी जूझना पड़ रहा है। इसे लेकर गांव के गुड्डू, महताब आलम, सगीर अहमद, बनवारी लाल, रामसूरत साहू, मो. गौस आदि ने जेई अजीत कुमार से शिकायत किया। पांच दिन बीत जाने के बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार को एक्सईएन मेघ सिंह को शिकायती पत्र देकर गांव की आपूर्ति मनौरी उपकेंद्र से जोड़े जाने की मांग की है। एक्सईएन ने दो दिन के भीतर व्यवस्था में सुधार किए जाने का आश्वासन दिया है। उधर पांच दिन से ठप बिजली आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं में हायतौबा है।
विज्ञापन
तीन माह से नहीं बदला जा रहा पुराना खोंपा गांव का ट्रांसफार्मर
दो बार ग्रामीण करा चुके हैं प्राइवेट मिस्त्री से मरम्मत, 1912 पर शिकायत के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
सरायअकिल ।
स्थानीय विद्युत उपकेंद्र के पुराना खोंपा गांव में लगा ट्रांसफार्मर तीन माह से एक फेज आपूर्ति दे रहा था। मामले की शिकायत ग्रामीणों ने जेई से की पर नहीं बदला गया। इस पर ग्रामीणों ने निजी पैसे से ट्रांसफार्मर की दो बार मरम्मत कराई। इस बीच सात दिन से ट्रांसफार्मर पूरी तरह काम करना बंद कर दिया है। 1912 पर शिकायत की गई पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसे लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है।
विज्ञापन
पुराना खोंपा के उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति 63 केवीए के ट्रांसफार्मर से की जाती है। गांव में लगा यह ट्रांसफार्मर तीन माह से खराब चल रहा है। गांव के तौकीर सिद्दीकी का आरोप है कि तीन माह से ट्रांसफार्मर दो फेज बिजली दे रहा था। विभाग में शिकायत के बाद जब नहीं बदला गया तो स्थानीय लोगों ने सरायअकिल के एक जानकार से उसकी मरम्मत कराई। कुछ दिन चलने के बाद ट्रांसफार्मर सात अक्तूबर को पुन: फुंक गया। इस पर ग्रामीणों ने 1912 नंबर पर शिकायत दर्ज कराई पर बदलना तो दूर कोई फुंका ट्रांसफार्मर लेने तक नहीं पहुंचा। मामले की शिकायत एक्सईएन वर्कशॉप से की गई तो उन्होंने शनिवार को ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने की बात कही है। उधर, छह दिन से पूरी तरह ठप बिजली आपूर्ति के चलते उपभोक्ताओं को अंधेरे में रहना पड़ रहा है। ट्रांसफार्मर न बदले जाने से उपभोक्ताओं में नाराजगी है।