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परिवार में किसी को मंजूर नहीं था प्रमोद-राखी का रिश्ता
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परिवार में किसी को मंजूर नहीं था प्रमोद-राखी का रिश्ता
-करीब सात साल पहले हो चुकी है प्रिंसिपल की पहली पत्नी उर्मिला की मौत
मौत की खबर पैतृक गांव कनैली पहुंचते ही मचा कोहराम
अमर उजाला ब्यूरो
चायल/कनैली। चायल कस्बा स्थित लालबहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल प्रमोद और राखी का रिश्ता किसी को भी मंजूर नहीं था। खासकर प्रमोद के परिजन इस रिश्ते से बिल्कुल भी खुश नहीं थे। परिजनों ने प्रमोद से दूरी भी बना ली थी। शुक्रवार को मौत की मनहूस खबर पैतृक गांव पहुंची तो कोहराम मच गया। ग्रामीण भी स्तब्ध रह गए। घर वाले शव गांव लाने के बाद यहीं अंतिम संस्कार करेंगे।
प्रिंसिपल प्रमोद कुमार मूलत: कौशाम्बी जिले के कनैली गांव निवासी थे। उनके छोटे भाई विनोद खेती-बाड़ी का काम देखते हैं। जबकि सबसे छोटे गुलाब अधिवक्ता हैं। प्रमोद की पहली पत्नी उर्मिला की करीब सात साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी है। हालांकि चर्चा खुदकुशी किए जाने की भी है। उर्मिला से प्रमोद की दो जुड़वा संतानें विक्रम और विराट (16) हैं। दोनों बच्चे प्रमोद के साथ प्रीतमनगर (प्रयागराज) में ही रहते थे। बताया जाता है कि तकरीबन दो साल पहले प्रमोद की दोस्ती पूरामुफ्ती इलाके के मनौरी गांव की राखी यादव से हुई। इसके बाद प्रमोद, राखी लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगे। इस रिश्ते की जानकारी प्रमोद के परिजनों को हुई तो वह आगबबूला हो गए। परिवारीजनों ने प्रमोद से दूरी बनाना शुरू कर दिया था। प्रमोद व उनके बच्चों का भी गांव आना-जाना कम ही होता था। शुक्रवार सुबह प्रमोद-राखी दोनों की मौत की खबर कनैली पहुंची तो परिजन चीख पड़े। दोनों भाइयों के साथ पिता रामआसरे भी आननफानन प्रयागराज रवाना हो गए। घर पर पीड़ित परिवारीजनों को ढाढस बंधाने के लिए पड़ोसियों की भीड़ जमा हो गई। घटना से ग्रामीणों के साथ कॉलेज के अन्य अध्यापक भी स्तब्ध हैं।
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20 मई को आखिरी दफा गए थे कॉलेज
मंझनपुर। बताया जाता है कि प्रिंसिपल प्रमोद कुमार 20 मई को आखिरी दफा रिपोर्ट कार्ड बांटने कॉलेज गए थे। इसके बाद वह विद्यालय नहीं गए। साथी शिक्षकों ने शुक्रवार को मौत की खबर सुनी तो उन्हें काफी देर तक यकीन ही नहीं हो रहा था। बाद में पूरा विद्यालय स्टॉफ मायूस हो गया।
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बच्चों-परिजनों की बदौलत नहीं कर रहे थे शादी
मंझनपुर। ग्रामीणों की मानें तो प्रिंसिपल प्रमोद बच्चों और परिजनों की बदौलत शादी नहीं कर रहे थे। वो लिव इन रिलेशनशिप में ही रहना चाहते थे। पर, राखी को यह मंजूर नहीं था। राखी की यही जिद रिश्ते को इस अंजाम तक पहुंचाने का कारण बन गई। उधर दोनों की उम्र के बीच भी इतना फासला था कि प्रमोद ने नई दुनिया बसाना मुनासिब नहीं समझा था।
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-करीब सात साल पहले हो चुकी है प्रिंसिपल की पहली पत्नी उर्मिला की मौत
मौत की खबर पैतृक गांव कनैली पहुंचते ही मचा कोहराम
अमर उजाला ब्यूरो
चायल/कनैली। चायल कस्बा स्थित लालबहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल प्रमोद और राखी का रिश्ता किसी को भी मंजूर नहीं था। खासकर प्रमोद के परिजन इस रिश्ते से बिल्कुल भी खुश नहीं थे। परिजनों ने प्रमोद से दूरी भी बना ली थी। शुक्रवार को मौत की मनहूस खबर पैतृक गांव पहुंची तो कोहराम मच गया। ग्रामीण भी स्तब्ध रह गए। घर वाले शव गांव लाने के बाद यहीं अंतिम संस्कार करेंगे।
प्रिंसिपल प्रमोद कुमार मूलत: कौशाम्बी जिले के कनैली गांव निवासी थे। उनके छोटे भाई विनोद खेती-बाड़ी का काम देखते हैं। जबकि सबसे छोटे गुलाब अधिवक्ता हैं। प्रमोद की पहली पत्नी उर्मिला की करीब सात साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी है। हालांकि चर्चा खुदकुशी किए जाने की भी है। उर्मिला से प्रमोद की दो जुड़वा संतानें विक्रम और विराट (16) हैं। दोनों बच्चे प्रमोद के साथ प्रीतमनगर (प्रयागराज) में ही रहते थे। बताया जाता है कि तकरीबन दो साल पहले प्रमोद की दोस्ती पूरामुफ्ती इलाके के मनौरी गांव की राखी यादव से हुई। इसके बाद प्रमोद, राखी लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगे। इस रिश्ते की जानकारी प्रमोद के परिजनों को हुई तो वह आगबबूला हो गए। परिवारीजनों ने प्रमोद से दूरी बनाना शुरू कर दिया था। प्रमोद व उनके बच्चों का भी गांव आना-जाना कम ही होता था। शुक्रवार सुबह प्रमोद-राखी दोनों की मौत की खबर कनैली पहुंची तो परिजन चीख पड़े। दोनों भाइयों के साथ पिता रामआसरे भी आननफानन प्रयागराज रवाना हो गए। घर पर पीड़ित परिवारीजनों को ढाढस बंधाने के लिए पड़ोसियों की भीड़ जमा हो गई। घटना से ग्रामीणों के साथ कॉलेज के अन्य अध्यापक भी स्तब्ध हैं।
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20 मई को आखिरी दफा गए थे कॉलेज
मंझनपुर। बताया जाता है कि प्रिंसिपल प्रमोद कुमार 20 मई को आखिरी दफा रिपोर्ट कार्ड बांटने कॉलेज गए थे। इसके बाद वह विद्यालय नहीं गए। साथी शिक्षकों ने शुक्रवार को मौत की खबर सुनी तो उन्हें काफी देर तक यकीन ही नहीं हो रहा था। बाद में पूरा विद्यालय स्टॉफ मायूस हो गया।
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बच्चों-परिजनों की बदौलत नहीं कर रहे थे शादी
मंझनपुर। ग्रामीणों की मानें तो प्रिंसिपल प्रमोद बच्चों और परिजनों की बदौलत शादी नहीं कर रहे थे। वो लिव इन रिलेशनशिप में ही रहना चाहते थे। पर, राखी को यह मंजूर नहीं था। राखी की यही जिद रिश्ते को इस अंजाम तक पहुंचाने का कारण बन गई। उधर दोनों की उम्र के बीच भी इतना फासला था कि प्रमोद ने नई दुनिया बसाना मुनासिब नहीं समझा था।
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