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करवरिया बंधुओं के परिजनों पर धोखाधड़ी का केस
Updated Tue, 25 Sep 2018 01:11 AM IST
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मंझनपुर (कौशाम्बी)। करवरिया बंधुओं के पट्टीदारों पर नगर कोतवाली में धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। एफआईआर उनके चाचा, चचेरे भाई, ग्राम सभा के सेक्रेटरी, मृतक दादा की बीवी होने का दावा करने वाली महिला, उसके तीन बेटों व एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ हुई है। रिपोर्ट लिखने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सैनी कोतवाली क्षेत्र के थुलबुला निवासी पवन कुमार दुबे उर्फ अन्नू महाराज ने बताया कि पूर्व बसपा सांसद कपिलमुनि करवरिया के सगे दादा स्व. श्यामनारायण उर्फ मौला महाराज उनके मामा थे। पवन के मुताबिक अपने जीवित रहते मामा ने धाता के करिकान गांव की पूरी प्रापर्टी उनके नाम कर दी थी। 2001 में मामा की मौत हो गई। इसके बाद वह मामी बृजरानी की देखभाल करते रहे। 31 जनवरी 2017 को मौत से पहले मामी ने सदर तहसील क्षेत्र के चकभाम्भा गांव की पूरी संपत्ति भी उनके नाम लिख दी। बताया कि इसके बाद कपिलमुनि करवरिया के सगे चाचा लीलाधर और चचेरे भाई पुष्पराज करवरिया ने मृतक मामा श्यामनारायण की बीवी होने का दावा करने वाली मवई केवट गांव की महिला रामादेवी को आगे किया।
सेक्रेटरी मो. नजर से साठगांठ करके इन लोगों ने रामादेवी व उसके बेटे देवराज, राजन तथा राजू का नाम गांव के परिवार रजिस्टर में दर्ज करा दिया। इसमें धाता का ही कामता गवाह बना। इसकी जानकारी होते ही वारिस पवन उर्फ अन्नू महाराज ने पुलिस से शिकायत की। आरोप है कि पुलिस ने किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की। इससे परेशान शिकायतकर्ता ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी। रविवार को अदालत के निर्देश पर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी करके परिवार रजिस्टर में फर्जी लोगों का नाम दर्ज कराने का केस दर्ज कर लिया।
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सैनी कोतवाली क्षेत्र के थुलबुला निवासी पवन कुमार दुबे उर्फ अन्नू महाराज ने बताया कि पूर्व बसपा सांसद कपिलमुनि करवरिया के सगे दादा स्व. श्यामनारायण उर्फ मौला महाराज उनके मामा थे। पवन के मुताबिक अपने जीवित रहते मामा ने धाता के करिकान गांव की पूरी प्रापर्टी उनके नाम कर दी थी। 2001 में मामा की मौत हो गई। इसके बाद वह मामी बृजरानी की देखभाल करते रहे। 31 जनवरी 2017 को मौत से पहले मामी ने सदर तहसील क्षेत्र के चकभाम्भा गांव की पूरी संपत्ति भी उनके नाम लिख दी। बताया कि इसके बाद कपिलमुनि करवरिया के सगे चाचा लीलाधर और चचेरे भाई पुष्पराज करवरिया ने मृतक मामा श्यामनारायण की बीवी होने का दावा करने वाली मवई केवट गांव की महिला रामादेवी को आगे किया।
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सेक्रेटरी मो. नजर से साठगांठ करके इन लोगों ने रामादेवी व उसके बेटे देवराज, राजन तथा राजू का नाम गांव के परिवार रजिस्टर में दर्ज करा दिया। इसमें धाता का ही कामता गवाह बना। इसकी जानकारी होते ही वारिस पवन उर्फ अन्नू महाराज ने पुलिस से शिकायत की। आरोप है कि पुलिस ने किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की। इससे परेशान शिकायतकर्ता ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी। रविवार को अदालत के निर्देश पर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी करके परिवार रजिस्टर में फर्जी लोगों का नाम दर्ज कराने का केस दर्ज कर लिया।
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