फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   पैतीस लाख के गबन को पचा गए जिम्मेदार

पैतीस लाख के गबन को पचा गए जिम्मेदार

Tue, 08 Aug 2017 01:12 AM IST
Updated Tue, 08 Aug 2017 01:12 AM IST
विज्ञापन
पैतीस लाख के गबन को पचा गए जिम्मेदार
पैतीस लाख का गबन पचा गए जिम्मेदार
विज्ञापन

ओवरलोड वाहनों की ट्रेजरी जमा कराने में हुआ था खेल
खुलासा होने के बाद बदल चुके हैं चार डीएम
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
जिले के खनन कार्यालय में तैनात रहे तत्कालीन लिपिक द्वारा ओवरलोड वाहनों को छोड़े जाते समय ट्रेजरी चालान में लगभग पैंतीस लाख रुपए का गबन किया गया। लिपिक के इस खेल का खुलासा होने के बाद तत्कालीन डीएम पर सपा के नुमाइंदों ने शिकंजा कस दिया। तब से अब तक चार डीएम बदल चुके पर आरोपी लिपिक के खिलाफ कोई भी कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा सका। जिले के जिम्मेदारों की हीलाहवाली के चलते न तो गोलमाल की रकम जमा कराई जा सकी और न ही लिपिक के खिलाफ शिकंजा कसा जा सका।
वित्तीय वर्ष 11-12 में प्रभारी अधिकारी खनिज के रूप में तत्कालीन एडीएम की तैनाती थी। उनके कार्यकाल में बतौर खनिज लिपिक कलक्ट्रेट का एक बाबू कार्यरत था। इस दौरान जिले में बालू खनन और ओवरलोड वाहनों को पकड़े जाने का कारोबार चरम पर था। ओवर लोड में पकड़े जाने वाले इन वाहनों के पकड़े जाने पर खनिज विभाग और प्रभारी अधिकारी खनिज द्वारा जुर्माना किया जाता था। जुर्माने की धनराशि ट्रेजरी चालान के जरिए कोषागार में जमा कराया जाता था। खनिज लिपिक ने लगभग 154 वाहनों के ट्रेजरी चालान का पैसा तो वाहन स्वामियों से लिया पर कोषागार में धनराशि की ट्रेजरी की धनराशि जमा कराए बगैर खुद के आदेश से ही वाहनों को छोड़ दिया। चालान की धनराशि खुद के खाते में जमा कर मालामाल होता रहा। मामले की शिकायत वर्ष 2015 में डीएम राजमणि यादव से हुई तो उन्होंने गोलमाल की जांच एडीएम रामसूरत पांडेय को सौंपी। एडीएम की जांच में लगभग 35 लाख रुपए के गोलमाल का खुलासा हुआ। डीएम ने मामले में कार्रवाई के लिए आरोप पत्र बनाने की जिम्मेदारी तत्कालीन एसडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह को सौंपी। आरोप पत्र न तैयार हो सके इसके लिए आरोपी लिपिक ने तत्कालीन सत्तापक्ष के एक नेता की शरण ली। चर्चा है कि नेता के दबाव में आकर एसडीएम ने 12 अक्तूबर को आरोपी लिपिक से जवाब तो मांगा लेकिन आरोप पत्र दाखिल नहीं किया। इसी बीच डीएम का स्थानांतरण हो जाने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। तब से लेकर अब तक कलक्ट्रेट की कमान चार डीएम संभाल चुके पर लाखों के गोलमाल पर किसी की नजर नहीं गई।
विज्ञापन




मामले की जानकारी नहीं थी। कल दफ्तर खुलते ही जांच रिपोर्ट निकलवाई जाएगी। आरोपी लिपिक के खिलाफ हर हाल में कार्रवाई होगी।
मनीष कुमार वर्मा, डीएम



प्राथमिक शिक्षामित्र संघ की बैठक आज
मंझनपुर (ब्यूरो)। प्राथमिक शिक्षामित्र संघ की आवश्यक बैठक मंगलवार को डायट मैदान में होगी। संगठन के जिलाध्यक्ष रत्नाकर सिंह ने बताया कि बैठक एक बजे दोपहर से होगी। बैठक में शिक्षामित्रों के रद किए गए समायोजन को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। जिलाध्यक्ष ने सभी शिक्षामित्रों से समय पर डॉयट मैदान पहुंचने का आह्वान किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed