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बीएसए से गिड़गिड़ाई छात्राएं, कहा मैडम नाली साफ कराती हैं
Updated Sun, 27 Aug 2017 12:53 AM IST
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छात्राएं बोलीं, नाली साफ करवाती हैं मैडम
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की दर्जनों छात्राओं ने बीएसए को सुनाया दुखड़ा
विरोध करने पर पिटाई करवाने का भी लगाया आरोप
बीएसए ने जांच के लिए बनाई कमेटी, वार्डेन से जवाब तलब
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
डीएम कार्यालय के ठीक बगल में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की छात्राएं जेल जैसी जिंदगी बिताने को मजबूर हैं। प्रताड़ना हद से पार हुई तो स्कूल परिसर से निकलकर छात्राएं सीधे बीएसए के आवास पहुंच गईं और गिड़गिड़ाते हुए बताया कि मैडम उनसे जबरन नाली साफ करवाती हैं। विरोध करने पर उनको पीटा जाता है। बीएसए ने छात्राओं को वापस भेजकर मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। साथ ही वार्डेन से जवाब तलब किया है।
डीएम आफिस के बगल में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में 100 छात्राओं का पंजीकरण हैं। यहां मौजूदा समय 60 छात्राएं ही नियमित रहती हैं। बाकी छात्राएं क्यों नहीं शिक्षा ग्रहण करतीं और आवासीय सुविधा का लाभ नहीं ले रही हैं, इसका कोई जवाब वार्डेन मुदिता दुबे के पास नहीं है। हास्टल में रहने वाली छात्राएं लगातार शिकायत कर रही थीं लेकिन अधिकारियों ने कभी इसे संज्ञान में नहीं लिया। शनिवार को दो दर्जन छात्राएं स्कूल परिसर से निकलकर सीधे बीएसए महाराज स्वामी के आवास पर पहुंच गईं। बीएसए ने छात्राओं को देखा तो दंग रह गए। उन्होंने समस्या पूछी तो छात्राओं ने बताया कि उनसे झाड़ू, पोंछा के साथ नाली तक की सफाई कराई जाती है। इसके अलावा घरेलू काम भी उन्हीं से लिए जाते हैं। विरोध करने पर उनको पीटा भी जाता है। यह भी बताया कि शुक्रवार शाम एक शिक्षिका ने उनका बीचबचाव किया तो वार्डेन से तीखी झड़प भी हो गई। बीएसए ने सच्चाई जानने के बाद छात्राओं को वापस स्कूल भेजा। इसके बाद उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी। बीएसए महाराज स्वामी ने बताया कि त्रिस्तरीय कमेटी गठित की गई है। प्रकरण में सोमवार तक वार्डेन से जवाब भी मांगा गया है। यदि आरोप सही पाए गए तो वार्डेन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
दूध बेचने का लगा था आरोप
कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की जिम्मेदार के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें हो चुकी हैं। छात्राओं के लिए आने वाले दूध को बेचने का भी आरोप है। यह दूध एक साल पहले तक पूरामुफ्ती बस से भेजा जाता था। सुबह सात बजे की बस से दूध की सप्लाई होती थी। मामला उजागर होने पर दूध की सप्लाई बंद हुई।
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छात्राओं की पैरोकारी करने पर रसोइया पर लगाया आरोप
कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की जिम्मेदार हमेशा चर्चाआें में रही हैं। हाल ही में रसोइया को हटाने के लिए वार्डेन ने गंभीर आरोप लगाए। इतना ही नहीं बंद कमरे में जमकर डांटा-फटकारा भी था। इसके बाद रसोइया की हालत बिगड़ गई थी। इसकी शिकायत भी तहसील प्रशासन से की जा चुकी है।
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कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की दर्जनों छात्राओं ने बीएसए को सुनाया दुखड़ा
विरोध करने पर पिटाई करवाने का भी लगाया आरोप
बीएसए ने जांच के लिए बनाई कमेटी, वार्डेन से जवाब तलब
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
डीएम कार्यालय के ठीक बगल में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की छात्राएं जेल जैसी जिंदगी बिताने को मजबूर हैं। प्रताड़ना हद से पार हुई तो स्कूल परिसर से निकलकर छात्राएं सीधे बीएसए के आवास पहुंच गईं और गिड़गिड़ाते हुए बताया कि मैडम उनसे जबरन नाली साफ करवाती हैं। विरोध करने पर उनको पीटा जाता है। बीएसए ने छात्राओं को वापस भेजकर मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। साथ ही वार्डेन से जवाब तलब किया है।
डीएम आफिस के बगल में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में 100 छात्राओं का पंजीकरण हैं। यहां मौजूदा समय 60 छात्राएं ही नियमित रहती हैं। बाकी छात्राएं क्यों नहीं शिक्षा ग्रहण करतीं और आवासीय सुविधा का लाभ नहीं ले रही हैं, इसका कोई जवाब वार्डेन मुदिता दुबे के पास नहीं है। हास्टल में रहने वाली छात्राएं लगातार शिकायत कर रही थीं लेकिन अधिकारियों ने कभी इसे संज्ञान में नहीं लिया। शनिवार को दो दर्जन छात्राएं स्कूल परिसर से निकलकर सीधे बीएसए महाराज स्वामी के आवास पर पहुंच गईं। बीएसए ने छात्राओं को देखा तो दंग रह गए। उन्होंने समस्या पूछी तो छात्राओं ने बताया कि उनसे झाड़ू, पोंछा के साथ नाली तक की सफाई कराई जाती है। इसके अलावा घरेलू काम भी उन्हीं से लिए जाते हैं। विरोध करने पर उनको पीटा भी जाता है। यह भी बताया कि शुक्रवार शाम एक शिक्षिका ने उनका बीचबचाव किया तो वार्डेन से तीखी झड़प भी हो गई। बीएसए ने सच्चाई जानने के बाद छात्राओं को वापस स्कूल भेजा। इसके बाद उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी। बीएसए महाराज स्वामी ने बताया कि त्रिस्तरीय कमेटी गठित की गई है। प्रकरण में सोमवार तक वार्डेन से जवाब भी मांगा गया है। यदि आरोप सही पाए गए तो वार्डेन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
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दूध बेचने का लगा था आरोप
कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की जिम्मेदार के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें हो चुकी हैं। छात्राओं के लिए आने वाले दूध को बेचने का भी आरोप है। यह दूध एक साल पहले तक पूरामुफ्ती बस से भेजा जाता था। सुबह सात बजे की बस से दूध की सप्लाई होती थी। मामला उजागर होने पर दूध की सप्लाई बंद हुई।
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छात्राओं की पैरोकारी करने पर रसोइया पर लगाया आरोप
कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की जिम्मेदार हमेशा चर्चाआें में रही हैं। हाल ही में रसोइया को हटाने के लिए वार्डेन ने गंभीर आरोप लगाए। इतना ही नहीं बंद कमरे में जमकर डांटा-फटकारा भी था। इसके बाद रसोइया की हालत बिगड़ गई थी। इसकी शिकायत भी तहसील प्रशासन से की जा चुकी है।