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दोआबा के सवा दो लाख घरों में विद्युत कनेक्शन नहीं
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दोआबा के सवा दो लाख घरों में विद्युत कनेक्शन नहीं
सौभाग्य योजना के तहत 71 हजार घरों में कराया गया नया कनेक्शन
नया कनेक्शन देने के लिए बिजली विभाग लगा रहा गांवों में कैंप
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। शासन-प्रशासन की लाख कवायद के बाद भी जिले के लोग बिजली का कनेक्शन नहीं ले रहे हैं। सौभाग्य योजना से दिया जाने वाला मुफ्त कनेक्शन भी लोगों को रास नहीं आ रहा है। हाउस होल्ड सर्वे में सवा दो लाख परिवार ऐसे मिले हैं, जिन्होंने कनेक्शन कराने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब ऐसे लोगों के घर विद्युत संयोजन के लिए गांवों में कैंप लगाने की योजना है।
जिले में सौभाग्य योजना का शुभारंभ 11 अक्तूबर 2017 में किया गया। इसके तहत विद्युतीकरण से वंचित मजरों तक लाइन खींची गई। विभाग का दावा है कि अब तक 1310 मजरों में बिजली के तार और पोल दौड़ा दिए गए। योजना शुरू होने से पहले जिले में मात्र 95 हजार उपभोक्ता थे। नए सिरे से विद्युतीकरण कराने के बाद सबसे बड़ी समस्या विद्युत कनेक्शन कराने की थी। इसके लिए अफसरों की टीम लगाई गई। लेखपाल से लेकर कोटेदारों तक से बिजली का कनेक्शन फार्म भरवाया गया। यह फार्म विभाग की तरफ से नि:शुल्क हैं और कनेक्शन कराने वाले को बिजली विभाग की तरफ से केबिन, मीटर और बल्ब दिया जाता है। इसके बाद भी विभाग की कोशिश मुकाम नहीं पा सकी। विभाग ने सारी कवायद के बाद महज 71819 घरों में कनेक्शन कराने की सफलता हासिल की। बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि हाउस होल्ड सर्वे के आधार पर जिले के सवा दो लाख ऐसे परिवार सामने आए हैं, जो बिजली का कनेक्शन नहीं ले रहे हैं। इसके लिए अब गांवों में कैंप लगाया जा रहा है। कैंप में जनप्रतिनिधियों को भी बुलाया जा रहा है। जिससे लोग कनेक्शन कराने के लिए सामने आए। मजरों में बिजली के पोल और तार तो खींच दिए गए लेकिन कनेक्शन नहीं होने से गांव के अंदर विद्युतीकरण नहीं कराया जा रहा है। अब विभाग की योजना है कि गांव में कैंप करके लोगों का कनेक्शन कराया जाए। मार्च के बाद नया कनेक्शन कराने वालों को करीब दो हजार का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा। बिजली विभाग के सूत्रों की माने तो परिवार में भले ही बंटवारा हो गया हो, लेकिन कनेक्शन एक ही चलाया जा रहा है। इसी तरह के परिवारों को चिन्हित करके उनके यहां कनेक्शन कराने का प्रयास किया जा रहा है।
बिजली का नहीं होगा संकट
मंझनपुर। अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में तीन नए बिजली घर बनाए गए हैं। इसके अलावा 17 उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाई गई है। 1607 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इससे आने वाले समय में बिजली संकट नहीं रहेगा।
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21 हजार पोल में दौड़ाया जाएगा करंट
मंझनपुर। जिले में सौभाग्य योजना के तहत 1688 मजरों में 21100 पोल गाड़े गए हैं। इसमें 81 किलोमीटर एचटी लाइन खींचने का काम कराया जा रहा है। इस लाइन पर 620 ट्रांसफार्मर लगाए जाने हैं।
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सौभाग्य योजना के तहत 71 हजार घरों में कराया गया नया कनेक्शन
नया कनेक्शन देने के लिए बिजली विभाग लगा रहा गांवों में कैंप
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। शासन-प्रशासन की लाख कवायद के बाद भी जिले के लोग बिजली का कनेक्शन नहीं ले रहे हैं। सौभाग्य योजना से दिया जाने वाला मुफ्त कनेक्शन भी लोगों को रास नहीं आ रहा है। हाउस होल्ड सर्वे में सवा दो लाख परिवार ऐसे मिले हैं, जिन्होंने कनेक्शन कराने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब ऐसे लोगों के घर विद्युत संयोजन के लिए गांवों में कैंप लगाने की योजना है।
जिले में सौभाग्य योजना का शुभारंभ 11 अक्तूबर 2017 में किया गया। इसके तहत विद्युतीकरण से वंचित मजरों तक लाइन खींची गई। विभाग का दावा है कि अब तक 1310 मजरों में बिजली के तार और पोल दौड़ा दिए गए। योजना शुरू होने से पहले जिले में मात्र 95 हजार उपभोक्ता थे। नए सिरे से विद्युतीकरण कराने के बाद सबसे बड़ी समस्या विद्युत कनेक्शन कराने की थी। इसके लिए अफसरों की टीम लगाई गई। लेखपाल से लेकर कोटेदारों तक से बिजली का कनेक्शन फार्म भरवाया गया। यह फार्म विभाग की तरफ से नि:शुल्क हैं और कनेक्शन कराने वाले को बिजली विभाग की तरफ से केबिन, मीटर और बल्ब दिया जाता है। इसके बाद भी विभाग की कोशिश मुकाम नहीं पा सकी। विभाग ने सारी कवायद के बाद महज 71819 घरों में कनेक्शन कराने की सफलता हासिल की। बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि हाउस होल्ड सर्वे के आधार पर जिले के सवा दो लाख ऐसे परिवार सामने आए हैं, जो बिजली का कनेक्शन नहीं ले रहे हैं। इसके लिए अब गांवों में कैंप लगाया जा रहा है। कैंप में जनप्रतिनिधियों को भी बुलाया जा रहा है। जिससे लोग कनेक्शन कराने के लिए सामने आए। मजरों में बिजली के पोल और तार तो खींच दिए गए लेकिन कनेक्शन नहीं होने से गांव के अंदर विद्युतीकरण नहीं कराया जा रहा है। अब विभाग की योजना है कि गांव में कैंप करके लोगों का कनेक्शन कराया जाए। मार्च के बाद नया कनेक्शन कराने वालों को करीब दो हजार का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा। बिजली विभाग के सूत्रों की माने तो परिवार में भले ही बंटवारा हो गया हो, लेकिन कनेक्शन एक ही चलाया जा रहा है। इसी तरह के परिवारों को चिन्हित करके उनके यहां कनेक्शन कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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बिजली का नहीं होगा संकट
मंझनपुर। अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में तीन नए बिजली घर बनाए गए हैं। इसके अलावा 17 उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाई गई है। 1607 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इससे आने वाले समय में बिजली संकट नहीं रहेगा।
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21 हजार पोल में दौड़ाया जाएगा करंट
मंझनपुर। जिले में सौभाग्य योजना के तहत 1688 मजरों में 21100 पोल गाड़े गए हैं। इसमें 81 किलोमीटर एचटी लाइन खींचने का काम कराया जा रहा है। इस लाइन पर 620 ट्रांसफार्मर लगाए जाने हैं।