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जितनी खर्च करेंगे बिजली, उतना भरना होगा बिल
Updated Sat, 25 Nov 2017 12:38 AM IST
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जितनी खर्च करेंगे बिजली, उतना भरना होगा बिल
पचास हजार ग्रामीण उपभोक्ताओं के घर लगवाए जा रहे मीटर
बिजली के उपभोग में मनमानी नहीं कर सकेंगे ग्रामीण उपभोक्ता
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं ने बिजली उपभोग में मनमानी की तो उन्हें बिल के रूप में मोटी रकम अदा करनी होगी। जितना बिजली खर्च की जाएगी उतने का बिल वसूलने के लिए विभाग ने घर-घर मीटर लगवाना शुरू कर दिया है। विभाग की इस पहल से जहां बिजली चोरी रुकेगी वहीं दुरुपयोग पर भी अंकुश लगेगा।
बिजली की चोरी और दुरुपयोग रोकने के लिए शहरों के बाद अब ग्रामीण क्षेत्र में भी विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिले की 498 ग्राम सभाओं के लगभग पचास हजार घरों में बिजली का वैध तरीके से उपयोग किया जा रहा है। इनके अलावा लगभग ढाई लाख परिवारों के घर चोरी की बिजली से रोशन हो रहे हैं। बिजली चोरी के साथ-साथ घरों में हो रहे ऊर्जा के दुरुपयोग को लेकर महकमा संजीदा हो गया है। जिले की सात नगर पंचायतों में घर-घर मीटर लगाने के बाद अब 498 ग्रामसभाओं के 50 हजार उपभोक्ताओं को निशाने पर लिया गया है। इन उपभोक्ताओं के घरों में मीटर लगाने का जिम्मा वाराणसी की एक निजी संस्था को दिया गया है। ठेका लेने के बाद जिले में आए संस्था के सदस्यों ने घर-घर मीटर लगाना शुरू कर दिया है। घरों में लग रहे मीटर से बिजली का दुरुपयोग करने वाले उपभोक्ता जहां सकते में हैं वहीं चोरी की बिजली से घरों को रोशन करने वाले परिवार भी सहमे नजर आने लगे हैं।
इनसेट
जरूरत बगैर नहीं चलेगा टीवी-पंखा और हीटर
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली का दुरुपयोग बड़े पैमाने पर होता है। घर में रसोई गैस का सिलेंडर होने के बाद भी लोग कूकर में पकने वाले भोजन को हीटर पर पकाना ही उचित समझते हैं। इसके अलावा गर्मी में पंखा, कूलर ऑन करने के बाद उसे लोग बंद करना भूल जाते हैं। यही हाल टीवी का है। कमरे में कोई हो या न हो टीवी, पंखा, कूलर चलता ही रहता है। जाड़े के मौसम में लोग एक से डेढ़ हजार वॉट के हीटर जलाकर ठंड दूर करने का काम करते हैं। कमरे में पहुंचने से पहले ही हीटर जलाकर उसे गर्म करने का प्रयास किया जाता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मीटर लगने के बाद अब उन्हें जितनी बिजली खर्च होगी उतना बिल भी अदा करना होगा। ऐसे में अब जरूरत बगैर बिजली का कोई भी सामान चालू हालत में नहीं छोड़ा जाएगा।
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केबल से वैध उपभोक्ता ही ले सकेंगे कनेक्शन
उपभोक्ताओं के घरों में मीटर लगाने के बाद बिजली विभाग उपभोक्ताओं को आपूर्ति केबल के सहारे देगा। खुली तार से बिजली की आपूर्ति ठप होने के बाद कटियामारी कर बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ताओं के घरों में अंधेरा छा जाएगा। ऐसे में बिजली चोरी पर बड़ा अंकुश लगेगा। इससे बिजली चोरी में जहां अंकुश लगेगा वहीं विभाग में कनेक्शन बढ़ने के साथ-साथ आय में भी इजाफा होगा।
क्या कहते हैं अधिकारी
गांवों में बिजली का दुरुप्रयोग रोकने के लिए घर-घर मीटर लगवाए जा रहे हैं। इसके बाद उपभोक्ताओं को केबल के जरिए बिजली की आपूर्ति दी जाएगी। इससे बिजली के दुरुपयोग और चोरी दोनो पर अंकुश लगेगा। उपभोक्ता जितनी बिजली खर्च करेंगे उन पर उतना ही बिल का भार पड़ेगा।
प्रभाकर पांडेय, एक्सईएन हाइड्रिल
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पचास हजार ग्रामीण उपभोक्ताओं के घर लगवाए जा रहे मीटर
बिजली के उपभोग में मनमानी नहीं कर सकेंगे ग्रामीण उपभोक्ता
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं ने बिजली उपभोग में मनमानी की तो उन्हें बिल के रूप में मोटी रकम अदा करनी होगी। जितना बिजली खर्च की जाएगी उतने का बिल वसूलने के लिए विभाग ने घर-घर मीटर लगवाना शुरू कर दिया है। विभाग की इस पहल से जहां बिजली चोरी रुकेगी वहीं दुरुपयोग पर भी अंकुश लगेगा।
बिजली की चोरी और दुरुपयोग रोकने के लिए शहरों के बाद अब ग्रामीण क्षेत्र में भी विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिले की 498 ग्राम सभाओं के लगभग पचास हजार घरों में बिजली का वैध तरीके से उपयोग किया जा रहा है। इनके अलावा लगभग ढाई लाख परिवारों के घर चोरी की बिजली से रोशन हो रहे हैं। बिजली चोरी के साथ-साथ घरों में हो रहे ऊर्जा के दुरुपयोग को लेकर महकमा संजीदा हो गया है। जिले की सात नगर पंचायतों में घर-घर मीटर लगाने के बाद अब 498 ग्रामसभाओं के 50 हजार उपभोक्ताओं को निशाने पर लिया गया है। इन उपभोक्ताओं के घरों में मीटर लगाने का जिम्मा वाराणसी की एक निजी संस्था को दिया गया है। ठेका लेने के बाद जिले में आए संस्था के सदस्यों ने घर-घर मीटर लगाना शुरू कर दिया है। घरों में लग रहे मीटर से बिजली का दुरुपयोग करने वाले उपभोक्ता जहां सकते में हैं वहीं चोरी की बिजली से घरों को रोशन करने वाले परिवार भी सहमे नजर आने लगे हैं।
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जरूरत बगैर नहीं चलेगा टीवी-पंखा और हीटर
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली का दुरुपयोग बड़े पैमाने पर होता है। घर में रसोई गैस का सिलेंडर होने के बाद भी लोग कूकर में पकने वाले भोजन को हीटर पर पकाना ही उचित समझते हैं। इसके अलावा गर्मी में पंखा, कूलर ऑन करने के बाद उसे लोग बंद करना भूल जाते हैं। यही हाल टीवी का है। कमरे में कोई हो या न हो टीवी, पंखा, कूलर चलता ही रहता है। जाड़े के मौसम में लोग एक से डेढ़ हजार वॉट के हीटर जलाकर ठंड दूर करने का काम करते हैं। कमरे में पहुंचने से पहले ही हीटर जलाकर उसे गर्म करने का प्रयास किया जाता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मीटर लगने के बाद अब उन्हें जितनी बिजली खर्च होगी उतना बिल भी अदा करना होगा। ऐसे में अब जरूरत बगैर बिजली का कोई भी सामान चालू हालत में नहीं छोड़ा जाएगा।
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केबल से वैध उपभोक्ता ही ले सकेंगे कनेक्शन
उपभोक्ताओं के घरों में मीटर लगाने के बाद बिजली विभाग उपभोक्ताओं को आपूर्ति केबल के सहारे देगा। खुली तार से बिजली की आपूर्ति ठप होने के बाद कटियामारी कर बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ताओं के घरों में अंधेरा छा जाएगा। ऐसे में बिजली चोरी पर बड़ा अंकुश लगेगा। इससे बिजली चोरी में जहां अंकुश लगेगा वहीं विभाग में कनेक्शन बढ़ने के साथ-साथ आय में भी इजाफा होगा।
क्या कहते हैं अधिकारी
गांवों में बिजली का दुरुप्रयोग रोकने के लिए घर-घर मीटर लगवाए जा रहे हैं। इसके बाद उपभोक्ताओं को केबल के जरिए बिजली की आपूर्ति दी जाएगी। इससे बिजली के दुरुपयोग और चोरी दोनो पर अंकुश लगेगा। उपभोक्ता जितनी बिजली खर्च करेंगे उन पर उतना ही बिल का भार पड़ेगा।
प्रभाकर पांडेय, एक्सईएन हाइड्रिल