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स्वच्छता का पाठ पढ़ाने गांव पहुंची सीएलटीएस की टीमें
Updated Fri, 23 Jun 2017 07:07 PM IST
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मंझनपुर (कौशाम्बी)। गांवों को खुले में शौच से मुक्त कराने के लिए सीएलटीएस टीमें व स्वच्छता ग्राही ने जिम्मेदारी संभाल ली है। शुक्रवार से गांवों को ओडीएफ किए जाने के अभियान ने एक बार फिर से जोर पकड़ लिया है।
सूबे की योगी सरकार ने दोआबा की एक-एक ग्राम सभाओं को 31 दिसंबर तक ओडीएफ करने का फरमान जारी कर दिया है। इसके लिए ग्रामीणों को खुले में शौच करने से रोकने के लिए उन्हें प्रेरित किया जाएगा। साथ ही घरों में शौचालयों का निर्माण कराया जाना है। शासन के फरमान के बाद जिले में सीएलटीएस की आठ टीमों व 245 स्वच्छता ग्राही ने शुक्रवार से कमान संभाल लिया है। अभियान के पहले दिन आठ गांवों में टीमों ने लोगों को खुले में शौच न जाने की सलाह दी गई। साथ ही घर में शौचालय बनवाने के लिए प्रेरित किया। स्वच्छता ग्राहियों ने संबंधित गांवों में जाकर महिलाओं को खुले में शौच करने से होने वाले नुकसान की जानकारी दी। कार्यक्रम की मानीटरिंग मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार सिंह व डीपीआरओ कमल किशोर के अलावा खंड संबंधित जिला कार्यक्रम समन्वय व खंड प्रेरकों द्वारा की जा रही है। वहीं डीपीआरओ कमल किशोर का कहना है कि31 दिसंबर तक जिले की शेष ग्राम सभाओं को ओडीएफ किया जाना है। इसे लेकर शुक्रवार से अभियान की शुरुआत कर दी गई है। यह अभियान 31 दिसंबर तक गांव-गांव चलता रहेगा।
गांवों में एक दिन ही रहेगी टीमें
गांवों के लोगों को खुले में शौच से रोकने के लिए अभी तक सीएलटीएस टीम कम से कम पांच दिन रहकर सुबह-शाम लोगों को शौचालय बनवाने व खुले में शौच न करने का पाठ पढ़ा रही थी। लेकिन अब एक गांव में सिर्फ एक दिन ही टीम रहेगी। गांवों में टीम के सदस्य जिन घरों में शौचालय नहीं हैं उन्हें शौचालय बनवाने व खुले में शौच न करने के लिए प्रेरित करेगी।
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एक स्वच्छता ग्राही को सौंपे गए तीन गांव
प्रशासन का मानना है कि घर की महिलाओं को शौचालय के लिए तैयार करने पर उन्हें ओडीएफ में काफी सफलता मिलेगी। इसे देखते हुए एक स्वच्छता ग्राही को तीन-तीन ग्राम सभाओं को ओडीएफ बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशिक्षण ले चुके सभी 245 स्वच्छता ग्राही ने शुक्रवार से ओडीएफ अभियान को गति देना शुरू कर दिया है।
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सूबे की योगी सरकार ने दोआबा की एक-एक ग्राम सभाओं को 31 दिसंबर तक ओडीएफ करने का फरमान जारी कर दिया है। इसके लिए ग्रामीणों को खुले में शौच करने से रोकने के लिए उन्हें प्रेरित किया जाएगा। साथ ही घरों में शौचालयों का निर्माण कराया जाना है। शासन के फरमान के बाद जिले में सीएलटीएस की आठ टीमों व 245 स्वच्छता ग्राही ने शुक्रवार से कमान संभाल लिया है। अभियान के पहले दिन आठ गांवों में टीमों ने लोगों को खुले में शौच न जाने की सलाह दी गई। साथ ही घर में शौचालय बनवाने के लिए प्रेरित किया। स्वच्छता ग्राहियों ने संबंधित गांवों में जाकर महिलाओं को खुले में शौच करने से होने वाले नुकसान की जानकारी दी। कार्यक्रम की मानीटरिंग मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार सिंह व डीपीआरओ कमल किशोर के अलावा खंड संबंधित जिला कार्यक्रम समन्वय व खंड प्रेरकों द्वारा की जा रही है। वहीं डीपीआरओ कमल किशोर का कहना है कि31 दिसंबर तक जिले की शेष ग्राम सभाओं को ओडीएफ किया जाना है। इसे लेकर शुक्रवार से अभियान की शुरुआत कर दी गई है। यह अभियान 31 दिसंबर तक गांव-गांव चलता रहेगा।
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गांवों में एक दिन ही रहेगी टीमें
गांवों के लोगों को खुले में शौच से रोकने के लिए अभी तक सीएलटीएस टीम कम से कम पांच दिन रहकर सुबह-शाम लोगों को शौचालय बनवाने व खुले में शौच न करने का पाठ पढ़ा रही थी। लेकिन अब एक गांव में सिर्फ एक दिन ही टीम रहेगी। गांवों में टीम के सदस्य जिन घरों में शौचालय नहीं हैं उन्हें शौचालय बनवाने व खुले में शौच न करने के लिए प्रेरित करेगी।
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एक स्वच्छता ग्राही को सौंपे गए तीन गांव
प्रशासन का मानना है कि घर की महिलाओं को शौचालय के लिए तैयार करने पर उन्हें ओडीएफ में काफी सफलता मिलेगी। इसे देखते हुए एक स्वच्छता ग्राही को तीन-तीन ग्राम सभाओं को ओडीएफ बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशिक्षण ले चुके सभी 245 स्वच्छता ग्राही ने शुक्रवार से ओडीएफ अभियान को गति देना शुरू कर दिया है।