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सपा-बसपा के खेल से भाजपा सरकार में डायट परेशान
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मंझनपुर। बसपा शासनकाल में निकाली गई 72,825 सहायक अध्यापकों की भर्ती को लेकर अब डायट प्रशासन की मुसीबत बढ़ गई है। सपा सरकार में उसी भर्ती के लिए दोबारा आवेदन मांगा गया। जिसे कोर्ट ने निरस्त कर दिया था। अब आवेदन के शुल्क वापसी की प्रक्रिया में डायट की हालत पतली है। जिले में करीब 45 हजार से ज्यादा आवेदन शुल्क वापसी के आ चुके हैं।
बसपा सरकार के कार्यकाल में 72825 सहायक अध्यापकों की भर्ती निकली थी। जिसमें टीईटी पास का आवेदन मांगा गया। 2012 में बनी सपा सरकार ने उस भर्ती को निरस्त कर दिया। सपा सरकार ने एकेडमिक मेरिट के आधार पर आवेदन मांगा। आवेदन पत्र के साथ ड्राफ्ट भी मांगा गया था। इसी बीच भर्ती प्रक्रिया को लेकर कुछ अभ्यर्थी हाईकोर्ट चले गए। कोर्ट ने सरकार की मेरिट आधारित भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करते हुए टेट आधारित आवेदन को स्वीकार किया।
अब यहां झाम फंस गया कि जिन लोगों ने सपा शासनकाल में आवेदन शुल्क का ड्राफ्ट जमा किया था भाजपा सरकार ने उसे वापस करने का फैसला किया है। इसे लेकर एक प्रोफार्मा में आवेदन मांगे गए हैं। शुल्क वापसी के लिए थोक में आ रहे आवेदन पत्रों से डायट के कर्मचारी परेशान हैं। दरअसल बंद लिफाफे में आने वाले आवेदन पत्रों को कटेगरी वाइज छंटनी कर रजिस्टर में चढ़ाया जाना है। लिपिक की संख्या कम होने से दिक्कत बढ़ गई है।
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बीटीसी-डीएलएड के प्रशिक्षु कर रहे छटनी
मंझनपुर। आवेदन पत्रों की छंटनी के लिए बीटीसी और डीएलएड के प्रशिक्षुओं को लगाया गया है। इसके चलते उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में आए आवेदन पत्रों की छंटनी कराई जा रही है। आवेदन पत्रों को रजिस्टर में चढ़वाकर शुल्क वापसी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
कुबेर सिंह, प्राचार्य, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान
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बसपा सरकार के कार्यकाल में 72825 सहायक अध्यापकों की भर्ती निकली थी। जिसमें टीईटी पास का आवेदन मांगा गया। 2012 में बनी सपा सरकार ने उस भर्ती को निरस्त कर दिया। सपा सरकार ने एकेडमिक मेरिट के आधार पर आवेदन मांगा। आवेदन पत्र के साथ ड्राफ्ट भी मांगा गया था। इसी बीच भर्ती प्रक्रिया को लेकर कुछ अभ्यर्थी हाईकोर्ट चले गए। कोर्ट ने सरकार की मेरिट आधारित भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करते हुए टेट आधारित आवेदन को स्वीकार किया।
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अब यहां झाम फंस गया कि जिन लोगों ने सपा शासनकाल में आवेदन शुल्क का ड्राफ्ट जमा किया था भाजपा सरकार ने उसे वापस करने का फैसला किया है। इसे लेकर एक प्रोफार्मा में आवेदन मांगे गए हैं। शुल्क वापसी के लिए थोक में आ रहे आवेदन पत्रों से डायट के कर्मचारी परेशान हैं। दरअसल बंद लिफाफे में आने वाले आवेदन पत्रों को कटेगरी वाइज छंटनी कर रजिस्टर में चढ़ाया जाना है। लिपिक की संख्या कम होने से दिक्कत बढ़ गई है।
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बीटीसी-डीएलएड के प्रशिक्षु कर रहे छटनी
मंझनपुर। आवेदन पत्रों की छंटनी के लिए बीटीसी और डीएलएड के प्रशिक्षुओं को लगाया गया है। इसके चलते उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में आए आवेदन पत्रों की छंटनी कराई जा रही है। आवेदन पत्रों को रजिस्टर में चढ़वाकर शुल्क वापसी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
कुबेर सिंह, प्राचार्य, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान