फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   भरवारी में बन सकती है कि कौशाम्बी की चौथी तहसील!

भरवारी में बन सकती है कि कौशाम्बी की चौथी तहसील!

Mon, 04 Mar 2019 12:25 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 04 Mar 2019 12:25 AM IST
विज्ञापन
भरवारी में बन सकती है कि कौशाम्बी की चौथी तहसील!
भरवारी में बनेगी कौशाम्बी की चौथी तहसील!
विज्ञापन

फतेहपुर जनपद के धाता क्षेत्र को शामिल कराने की कवायद, विधायक चायल ने तेज की पहल
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। सबकुछ ठीक रहा तो कौशाम्बी जनपद में जल्द ही एक नई तहसील बन सकती है। पश्चिम के पड़ोसी जनपद फतेहपुर के धाता क्षेत्र को कौशाम्बी में शामिल कर भरवारी नाम की नई तहसील बनाने की कवायद की जा रही है। चायल क्षेत्र के विधायक संजय गुप्ता ने इसकी पहल तेज कर दी है। ऐसा हुआ तो जिले में तीन की जगह चार तहसील हो जाएंगी। हालांकि यह सब लोकसभा चुनाव के बाद ही संभव दिख रहा है।
कौशाम्बी जिले के पूरामुफ्ती और पिपरी कोतवाली क्षेत्र के 69 गांव पड़ोसी जनपद प्रयागराज में शामिल कर दिए गए हैं। इसके बाद जिले में राजस्व गांवों की संख्या 879 हो गई है। इससे जिले का मानक पूरा नहीं हो रहा है। इसके लिए एक ही विकल्प है कि पश्चिम के पड़ोसी जनपद फतेहपुर के धाता क्षेत्र को शामिल किया जाए। वहां के लोग भी कौशाम्बी में शामिल होना चाहते हैं। इसके लिए वे वर्षों से आंदोलन भी कर रहे हैं। दरअसल धाता से जिला मुख्यालय फतेहपुर की दूरी तकरीबन 60 किमी है। जबकि कौशाम्बी का जिला मुख्यालय मंझनपुर करीब 15 किमी दूर है। इससे जिले का मानक पूरा करने के लिए इस क्षेत्र को कौशाम्बी से जोड़ा जा सकता है। इसे लेकर जिला प्रशासन की ओर से शासन को प्रस्ताव भी भेजा चुका है। चायल क्षेत्र के भाजपा विधायक संजय गुप्ता का कहना है कि जिले के 69 गांव प्रयागराज में शामिल होने के बाद से इसके लिए पहल तेज कर दी गई है। बताया कि मसला केवल धाता क्षेत्र को फतेहपुर से काटकर कौशाम्बी में जोड़ने भर का नहीं है। बल्कि धाता के शामिल होने के बाद जिले में एक नई तहसील के गठन का भी है। क्योंकि धाता क्षेत्र के कौशाम्बी में जुड़ते ही तकरीबन डेढ़ लाख वोटरों की संख्या बढ़ जाएगी। दूसरी तरफ जिले की तीनों तहसीलों में मानक से करीब 20-20 हजार वोटर अधिक हैं। लिहाजा धाता क्षेत्र जुड़ने के बाद एक नई तहसील भी बनवाई जाएगी। जिसका मुख्यालय भरवारी होगा। इसके बाद आयोग से परिसीमन कराके जिले की चौथी विधानसभा क्षेत्र का गठन कराया जाएगा। हालांकि जानकारों का कहना है कि प्रक्रिया लंबी है। इसमें अभी वक्त लगेगा।
विज्ञापन

------
मौका भी है और दस्तूर भी
मंझनपुर। जिले का मानक पूरा करने के लिए धाता क्षेत्र को कौशाम्बी से जोड़ने के लिए इससे बेहतर कोई दूसरा मौका नहीं हो सकता है। क्योंकि इस वक्त सबकुछ पक्ष में है। प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव मौर्या इसी जनपद के हैं। सांसद विनोद सोनकर के साथ ही तीनों विधायक भाजपा के ही हैं। इसके अलावा जिस धाता क्षेत्र के शामिल करने की बात की जा रही है वहां की विधायक भी सत्ताधारी दल से ताल्लुक रखती हैं। लिहाजा अब जरूरत है तो बस जिले के जनप्रतिनिधियों के दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ शासन में तेजी से पहल करने की।
विज्ञापन
विज्ञापन

------
इनका कहना है
फतेहपुर जिले के धाता के पांच कानूनगो क्षेत्र को कौशाम्बी में शामिल करने की प्रक्रिया काफी दिनों से चल रही है। इस बाबत शासन को प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है। अब निर्णय शासन को लेना है।
मनीष कुमार वर्मा-डीएम, कौशाम्बी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed