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कोखराज में पानी की किल्लत का सामना कर रही 10 हजार आबादी
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10 thousand population facing water shortage in Kokhraj
- फोटो : KAUSHAMBI
सिराथू विकास खंड के कोखराज व उससे जुड़े 12 मजरों में पिछले पांच दिन से पेयजल संकट है। ग्राम की लगभग 10 हजार की आबादी को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई पानी की टंकी में लगी मोटर फुंक गई है। गांव में लगे ज्यादातर हैंडपंप भी खराब हैं। ऐसे में लोगों को निजी सबमर्सिबल वालों के यहां से ही पानी भरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सबसे बड़ी समस्या मवेशियों के पानी को लेकर हो रही है।
कोखराज के चुन्ने, करन सिंह, राम सुरेमन, ज्ञान सिंह, भानु आदि का कहना है चार साल पहले गांव में जल निगम ने ओवरहेड टैंक बनाया है। इसी से कोखराज व उससे जुड़े 12 मजरों के घरों तक पेयजल की आपूर्ति की जाती है। घर-घर पाइप लाइन के जरिए पानी पहुंचने से लोगों ने हैंडपंप से पानी लेना बंद कर दिया। जिसकी वजह से गांव में लगे ज्यादातर हैंडपंप खराब हो गए। अब 14 अप्रैल को टंकी में लगी मोटर फुंक जाने से गांव के लोगों के सामने पेयजल का संकट खड़ा हो गया है। ग्राम सभा होने के कारण टैंकर से भी पानी की सप्लाई नहीं हो पाती।
ऐसे में कुछ एक ही हैंडपंप है, जिससे पानी भरा जाता है। उन हैंडपंपों पर भी पानी भरने वालों की लंबी लाइन लग जाती है। इसके अलावा जिन लोगों ने खुद का सबमर्सिबल लगा रखा है उनके यहां भी लोग बाल्टी और घड़े लेकर पानी भरने पहुंच रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या मवेशियों को हो रही है। गर्मी ज्यादा होने के कारण तालाब भी सूखे पड़े हैं। ऐसे में नलकूपों के सहारे मवेशियों की प्यास बुझाने में मुश्किल हो रही है। इस बाबत ग्राम प्रधान रमेश मौर्य का कहना जल निगम के ठेकेदार ने मोटर बाहर निकलवा ली है। मोटर मरम्मत के लिए गई है। मंगलवार शाम तक मोटर बनकर आने की उम्मीद है। अगर मोटर आ जाती है तो रात में ही उसे डलवाकर बुधवार सुबह से पेयजल सप्लाई चालू करा दी जाएगी।
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कोखराज के चुन्ने, करन सिंह, राम सुरेमन, ज्ञान सिंह, भानु आदि का कहना है चार साल पहले गांव में जल निगम ने ओवरहेड टैंक बनाया है। इसी से कोखराज व उससे जुड़े 12 मजरों के घरों तक पेयजल की आपूर्ति की जाती है। घर-घर पाइप लाइन के जरिए पानी पहुंचने से लोगों ने हैंडपंप से पानी लेना बंद कर दिया। जिसकी वजह से गांव में लगे ज्यादातर हैंडपंप खराब हो गए। अब 14 अप्रैल को टंकी में लगी मोटर फुंक जाने से गांव के लोगों के सामने पेयजल का संकट खड़ा हो गया है। ग्राम सभा होने के कारण टैंकर से भी पानी की सप्लाई नहीं हो पाती।
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ऐसे में कुछ एक ही हैंडपंप है, जिससे पानी भरा जाता है। उन हैंडपंपों पर भी पानी भरने वालों की लंबी लाइन लग जाती है। इसके अलावा जिन लोगों ने खुद का सबमर्सिबल लगा रखा है उनके यहां भी लोग बाल्टी और घड़े लेकर पानी भरने पहुंच रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या मवेशियों को हो रही है। गर्मी ज्यादा होने के कारण तालाब भी सूखे पड़े हैं। ऐसे में नलकूपों के सहारे मवेशियों की प्यास बुझाने में मुश्किल हो रही है। इस बाबत ग्राम प्रधान रमेश मौर्य का कहना जल निगम के ठेकेदार ने मोटर बाहर निकलवा ली है। मोटर मरम्मत के लिए गई है। मंगलवार शाम तक मोटर बनकर आने की उम्मीद है। अगर मोटर आ जाती है तो रात में ही उसे डलवाकर बुधवार सुबह से पेयजल सप्लाई चालू करा दी जाएगी।
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