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Kaushambi News: 10 मिनट की बूंदाबांदी ने ठप किया किसानी का काम
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लवकुश पांडेय।
मौसम सही था, खेती-किसानी ने रफ्तार पकड़ रखी थी। इसी बीच बृहस्पतिवार सुबह अचानक मौसम बदला और आसमान में बादलों ने डेरा जमा लिया। करीब साढ़े नौ बजे धूलभरी आंधी के बाद गरज के साथ बारिश होने लगी।
कहीं कम तो कहीं ज्यादा, लेकिन बरसात पूरे जिले में हुई। महज 10 मिनट की बारिश ने खेती-किसानी के काम पर विराम लगा दिया। अब दो दिन के लिए थ्रेसरिंग का काम बंद रहेगा। मौसम का यही हाल रहा तो महुआ की फसल प्रभावित होने की संभावना है। इसे लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है।
अप्रैल में किसान पुरानी फसलों की कटाई व नई फसलों की बोआई करते हैं। बादलों की हल्की सी भी हलचल किसानों की परेशान बढ़ा देती है। बृहस्पतिवार सुबह अचानक मौसम ठंडा हो गया। बारिश की संभावना देख किसान जल्दी खेती का काम समेटने लगे। लेकिन, सुबह साढ़े नौ बजे से ही बारिश होने लगी।
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मंझनपुर कस्बे में करीब 10 मिनट की बूंदाबांदी ने सारे काम ठप कर दिए। सिराथू तहसील के जगन्नाथपुर निवासी भइयालाल, उदहिन के रिंकू, समशाबाद के राकेश केसेरा, हिनौता के राकेश सिंह, पश्चिमशरीरा के दीप नारायण आदि ने बताया कि फसल खेत में गेहूं की फसल पककर तैयार है। इसकी थ्रेसरिंग होनी थी। लेकिन, बारिश होने की वजह से अगले दो-तीन दिन तक सारे काम ठप हो गए।
टेवां के किसान उमेश ने बताया कि रात में गेहूं की थ्रेसरिंग हो गई थी। सुबह भूसा भरना था। मौसम बदला तो भूसा भरने खेत में पहुंच गए। फिर भी थोड़ा भूसा भीग ही गया।
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पुरवइया ने बढ़ाई चिंता
-- - कृषि वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि बरसात के बाद अगर पछुआ हवाएं चलती हैं तो फसल जल्दी सूख जाती है। लेकिन, पुरवइया चलने लगी है। इससे मौसम नम रहेगा। बारिश की वजह से थ्रेसरिंग का काम दो-तीन दिन तक ठप रहेगा। अप्रैल में किसानों के लिए पछुआ हवाएं लाभकारी होती हैं। इस बरसात से कोई नुकसान नहीं है।
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-- - बरसात का फसल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। लेकिन, एक-दो दिन के लिए काम बंद हो गया है। इस सीजन में एक-एक दिन भारी रहता है। मौसम इसी तरह खराब रहा तो आगे परेशानी होगी। -छत्रपाल, मेड़रहा
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-- - इस बरसात का गेहूं पर तो खास असर नहीं पड़ेगा। लेकिन, महुआ का उत्पादन प्रभावित होगा। - लवकुश पांडेय, किसान, भोला नाथ का पुरवा
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कहीं कम तो कहीं ज्यादा, लेकिन बरसात पूरे जिले में हुई। महज 10 मिनट की बारिश ने खेती-किसानी के काम पर विराम लगा दिया। अब दो दिन के लिए थ्रेसरिंग का काम बंद रहेगा। मौसम का यही हाल रहा तो महुआ की फसल प्रभावित होने की संभावना है। इसे लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है।
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अप्रैल में किसान पुरानी फसलों की कटाई व नई फसलों की बोआई करते हैं। बादलों की हल्की सी भी हलचल किसानों की परेशान बढ़ा देती है। बृहस्पतिवार सुबह अचानक मौसम ठंडा हो गया। बारिश की संभावना देख किसान जल्दी खेती का काम समेटने लगे। लेकिन, सुबह साढ़े नौ बजे से ही बारिश होने लगी।
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मंझनपुर कस्बे में करीब 10 मिनट की बूंदाबांदी ने सारे काम ठप कर दिए। सिराथू तहसील के जगन्नाथपुर निवासी भइयालाल, उदहिन के रिंकू, समशाबाद के राकेश केसेरा, हिनौता के राकेश सिंह, पश्चिमशरीरा के दीप नारायण आदि ने बताया कि फसल खेत में गेहूं की फसल पककर तैयार है। इसकी थ्रेसरिंग होनी थी। लेकिन, बारिश होने की वजह से अगले दो-तीन दिन तक सारे काम ठप हो गए।
टेवां के किसान उमेश ने बताया कि रात में गेहूं की थ्रेसरिंग हो गई थी। सुबह भूसा भरना था। मौसम बदला तो भूसा भरने खेत में पहुंच गए। फिर भी थोड़ा भूसा भीग ही गया।
पुरवइया ने बढ़ाई चिंता

लवकुश पांडेय।

लवकुश पांडेय।